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पंजाब में बड़ा भ्रष्टाचार मामला: PSPCL के पूर्व CMD समेत 3 गिरफ्तार, विजिलेंस ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई
66 केवी सबस्टेशन स्थापना में अनियमितताओं का आरोप, लुधियाना से पूर्व अधिकारियों और बिल्डर की गिरफ्तारी
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने PSPCL में कथित भ्रष्टाचार मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व CMD केडी चौधरी, पूर्व वरिष्ठ XEN संजीव प्रभाकर और एक निजी बिल्डर को गिरफ्तार किया है। मामला बसंत एवेन्यू में 66 केवी सबस्टेशन की स्थापना में अनियमितताओं से जुड़ा है।
विजिलेंस ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing), लुधियाना ने भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए PSPCL के पूर्व और पहले चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) केडी चौधरी, पूर्व वरिष्ठ एक्सईएन संजीव प्रभाकर और दामिनी रिजॉर्ट एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमित गर्ग को गिरफ्तार किया है।
तीनों आरोपियों को लुधियाना स्थित उनके आवासों से हिरासत में लिया गया।
क्या है पूरा मामला?
विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, यह मामला बसंत एवेन्यू में 66 केवी सबस्टेशन की स्थापना में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है।कॉलोनाइजर और अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप
जांच एजेंसी का आरोप है कि बसंत एवेन्यू के कॉलोनाइजर ने PSPCL के संबंधित फील्ड अधिकारियों के साथ कथित मिलीभगत कर अपनी कॉलोनी में 1015 वर्ग गज जमीन पर 66 केवी सबस्टेशन स्थापित करवाया।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि कॉलोनाइजर की सभी कॉलोनियों के NOC की जांच की जाए। चूंकि सभी कॉलोनियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई थीं, इसलिए पूरे बिजली लोड का संयुक्त आकलन किया जाना चाहिए था और सबस्टेशन का पूरा खर्च कॉलोनाइजर को वहन करना चाहिए था।
केंद्र सरकार की गाइडलाइंस की अनदेखी
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि सबस्टेशन स्थापना को लेकर केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया।
प्रस्ताव में छिपाई गई महत्वपूर्ण जानकारी
जांच में सामने आया कि जिस स्थान पर 66 केवी सबस्टेशन बनाया गया, वहां तक पक्की सड़क भी उपलब्ध नहीं थी। यह स्थान पखोवाल लिंक रोड से करीब 3 किलोमीटर दूर खेतों और अविकसित क्षेत्र में स्थित था।
हालांकि, यह महत्वपूर्ण तथ्य प्रस्ताव या बाद की किसी ऑफिस नोटिंग में दर्ज नहीं किया गया। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों और तत्कालीन CMD ने भी इस पहलू को नजरअंदाज किया।
अभी भी अविकसित इलाके में मौजूद है सबस्टेशन
विजिलेंस ब्यूरो के मुताबिक, संबंधित सबस्टेशन आज भी अविकसित कॉलोनियों और खेतों के बीच स्थित है, जिससे पूरे प्रोजेक्ट की पारदर्शिता और वैधता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Key Highlights:
- PSPCL के पूर्व CMD केडी चौधरी गिरफ्तार
- पूर्व XEN संजीव प्रभाकर और बिल्डर अमित गर्ग भी हिरासत में
- 66 केवी सबस्टेशन स्थापना में अनियमितताओं का आरोप
- विजिलेंस ब्यूरो की आर्थिक अपराध शाखा ने की कार्रवाई
- केंद्र सरकार की गाइडलाइंस की कथित अनदेखी
- बसंत एवेन्यू कॉलोनी परियोजना जांच के घेरे में
FAQ Section:
Q1. इस मामले में किन लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
पूर्व CMD केडी चौधरी, पूर्व वरिष्ठ XEN संजीव प्रभाकर और बिल्डर अमित गर्ग को गिरफ्तार किया गया है।
Q2. मामला किस परियोजना से जुड़ा है?
यह मामला लुधियाना के बसंत एवेन्यू में 66 केवी सबस्टेशन स्थापना से जुड़ा है।
Q3. विजिलेंस ब्यूरो ने क्या आरोप लगाए हैं?
अधिकारियों और कॉलोनाइजर के बीच मिलीभगत और नियमों की अनदेखी के आरोप लगाए गए हैं।
Q4. क्या केंद्र सरकार की गाइडलाइंस का उल्लंघन हुआ?
जांच एजेंसी के अनुसार, ऊर्जा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया।
Conclusion:
पंजाब में PSPCL से जुड़ा यह मामला सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहे हैं कि भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी के मामलों में अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

