करनाल में दिव्य नगर योजना का विरोध, सेक्टर-13 और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के लोगों ने दीवार निर्माण पर जताई आपत्ति

पीछे की ओर छह फीट ऊंची दीवार बनने से मुख्य सड़क तक पहुंच होगी प्रभावित, सुरक्षा और सुविधा को लेकर चिंतित हुए निवासी

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करनाल नगर निगम की दिव्य नगर योजना के तहत प्रस्तावित दीवार निर्माण का स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। निवासियों का कहना है कि इससे उनकी आवाजाही, सुरक्षा और दैनिक सुविधाओं पर असर पड़ेगा।

करनाल में दिव्य नगर योजना को लेकर बढ़ा विवाद

करनाल शहर के सेक्टर-13 और पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के निवासियों ने नगर निगम द्वारा चलाई जा रही दिव्य नगर योजना के तहत बनाई जा रही दीवार का विरोध किया है। लोगों का कहना है कि घरों के पीछे बनने वाली छह फीट ऊंची दीवार से उनकी मुख्य सड़क तक सीधी पहुंच बंद हो जाएगी और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होगी।

स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया कि वे शहर सौंदर्यीकरण परियोजना के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन किसी भी योजना को लागू करने से पहले जनता से राय लेना जरूरी था।

बिना सलाह के शुरू किया गया काम: निवासी

कॉलोनी में पिछले 38 वर्षों से अस्पताल चला रहे एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी वर्ष 1975 में विकसित की गई थी। कॉलोनी के बाहर पीछे की तरफ सीवर और पानी की पाइपलाइन मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि यह इलाका नीचा होने के कारण लगभग हर सप्ताह सीवर की सफाई करनी पड़ती है और यह काम केवल पीछे की ओर से ही संभव हो पाता है।

डॉक्टर ने कहा,

“हमें हैरानी हुई कि नगर निगम ने स्थानीय निवासियों से चर्चा किए बिना ही सौंदर्यीकरण परियोजना शुरू कर दी। अब हमारे घरों के पीछे छह फीट ऊंची दीवार बनाई जा रही है, जबकि हमने मुख्य सड़क तक सीधे पहुंचने के लिए दो फीट चौड़े गेट बनाए हुए हैं।”

स्कूल बस और रोजमर्रा की आवाजाही होगी प्रभावित

निवासियों का कहना है कि वे इन पीछे वाले गेटों का इस्तेमाल बच्चों को स्कूल बस तक छोड़ने और लाने के लिए करते हैं। इसके अलावा रोजाना मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए भी यही रास्ता सबसे सुविधाजनक है।

यदि दीवार बन जाती है तो लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा, जिससे समय और परेशानी दोनों बढ़ेंगी।

“जनभागीदारी के बिना सफल नहीं हो सकती योजना”

पूर्व स्वास्थ्य सेवा निदेशक और कॉलोनी में अस्पताल संचालित कर रहे डॉ. वीके शर्मा ने कहा कि किसी भी सौंदर्यीकरण योजना की सफलता जनता की भागीदारी पर निर्भर करती है।

उन्होंने कहा,

“नागरिकों को ऐसी परियोजनाओं का हितधारक और संरक्षक बनाया जाना चाहिए। बिना जनसहभागिता के कोई भी योजना लंबे समय तक सफल नहीं हो सकती।”

सुरक्षा को लेकर भी बढ़ी चिंता

कॉलोनी की एक महिला निवासी ने दीवार निर्माण को सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक बताया। उनका कहना है कि पीछे की ओर दीवार बनने से चोरी की घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

उन्होंने कहा,

“दीवार बनने के बाद घरों के पीछे निगरानी कम हो जाएगी, जिससे सुरक्षा संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।”

दिव्य नगर योजना क्या है?

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार दिव्य नगर योजना की घोषणा 8 मार्च 2022 को तत्कालीन हरियाणा मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की थी।

इस योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों का सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विकास करना है। इसके तहत शहर की प्रमुख सड़कों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।

8.66 करोड़ रुपये की परियोजना

करीब 8.66 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत करनाल की पांच प्रमुख सड़कों को सुंदर बनाया जा रहा है। यह कार्य लगभग 8.4 किलोमीटर क्षेत्र में किया जा रहा है।

हालांकि, कुछ निवासियों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान दिव्यांगजनों के लिए बनाए गए विशेष फुटपाथ टाइल्स भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।


Key Highlights:

  • करनाल में दिव्य नगर योजना का स्थानीय लोगों ने विरोध किया
  • छह फीट ऊंची दीवार से मुख्य सड़क तक पहुंच प्रभावित होने की आशंका
  • निवासियों ने जनसुनवाई और सार्वजनिक सलाह की मांग उठाई
  • सुरक्षा और सीवर सफाई को लेकर भी चिंता जाहिर
  • 8.66 करोड़ रुपये की लागत से चल रही है परियोजना

FAQ Section:

Q1. दिव्य नगर योजना क्या है?

दिव्य नगर योजना हरियाणा सरकार की शहरी सौंदर्यीकरण और विकास परियोजना है।

Q2. लोग दीवार निर्माण का विरोध क्यों कर रहे हैं?

निवासियों का कहना है कि इससे उनकी मुख्य सड़क तक सीधी पहुंच बंद हो जाएगी और सुरक्षा संबंधी समस्याएं बढ़ेंगी।

Q3. यह परियोजना किस क्षेत्र में लागू हो रही है?

यह परियोजना करनाल के सेक्टर-13 और पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी समेत पांच प्रमुख सड़कों पर लागू की जा रही है।

Q4. परियोजना की कुल लागत कितनी है?

इस सौंदर्यीकरण परियोजना की कुल लागत लगभग 8.66 करोड़ रुपये है।

Q5. लोगों की मुख्य मांग क्या है?

स्थानीय लोग चाहते हैं कि नगर निगम पहले जनसुनवाई करे और उनकी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए योजना लागू करे।


Conclusion:

करनाल में दिव्य नगर योजना को लेकर लोगों और प्रशासन के बीच मतभेद सामने आए हैं। जहां नगर निगम शहर को सुंदर बनाने का दावा कर रहा है, वहीं स्थानीय निवासी अपनी सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन जनता की आपत्तियों को किस तरह संबोधित करता है।Screenshot_1509

Edited By: Karan Singh

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