नवजोत कौर सिद्धू ने लिया संत रामपाल का आशीर्वाद, वीडियो वायरल होने के बाद तेज हुई राजनीतिक चर्चाएं

करीब 11 साल बाद जेल से बाहर आए संत रामपाल के आश्रम पहुंचीं नवजोत कौर सिद्धू, मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में

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पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू की संत रामपाल के आश्रम में मौजूदगी ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। वायरल वीडियो में वह रामपाल से आशीर्वाद लेते हुए नजर आ रही हैं।

संत रामपाल के आश्रम पहुंचीं नवजोत कौर सिद्धू

पूर्व पंजाब विधायक और डॉक्टर से नेता बनीं नवजोत कौर सिद्धू हाल ही में स्वयंभू संत रामपाल के आश्रम पहुंचीं। उनके इस दौरे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में नवजोत कौर सिद्धू संत रामपाल से मुलाकात करती और उनका आशीर्वाद लेती दिखाई दे रही हैं।

यह वीडियो मंगलवार को संत रामपाल के संगठन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर साझा किया गया था।

वीडियो में क्या बोलीं नवजोत कौर सिद्धू?

आश्रम में हुई संक्षिप्त बातचीत के दौरान नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि संत रामपाल से मिलकर उनका मनोबल बढ़ा है और उन्हें मानसिक शक्ति मिली है।

उन्होंने कहा,

“मुझे तो आपके पास जेल आना था, भगवान ने सुनी और आपको बाहर बुला लिया। आपसे मिलकर मनोबल बढ़ा है।”

उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं।

राजनीति से लेकर समाज तक बढ़ रही संत रामपाल की पहुंच

संत रामपाल के जेल से रिहा होने के बाद उनके आश्रम में नेताओं, खाप प्रतिनिधियों, खिलाड़ियों, सरकारी अधिकारियों और कई अन्य प्रभावशाली लोगों की आवाजाही लगातार बढ़ी है।

संत रामपाल वर्तमान में हरियाणा के सोनीपत जिले के धनाना गांव स्थित आश्रम में रह रहे हैं। वह 10 अप्रैल को हिसार जेल से बाहर आए थे। उन पर हत्या, हत्या के प्रयास और देशद्रोह समेत कई गंभीर मामले दर्ज थे।

कौन-कौन नेता पहुंचे संत रामपाल के आश्रम?

हाल के दिनों में हरियाणा के कई राजनीतिक चेहरे भी संत रामपाल के आश्रम पहुंच चुके हैं। इनमें शामिल हैं:

  • हिसार से कांग्रेस सांसद जयप्रकाश
  • उकलाना विधायक नरेश सेलवाल
  • नलवा से भाजपा विधायक रणधीर पनिहार
  • पूर्व भाजपा सांसद सुनीता दुग्गल
  • आईपीएस अधिकारी राजेश दुग्गल

इन मुलाकातों के बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

कैसे विवादों में आए थे संत रामपाल?

कबीर पंथी उपदेशक संत रामपाल पहली बार वर्ष 2006 में विवादों में आए थे। उस दौरान उन्होंने आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती को लेकर कथित टिप्पणी की थी।

हरियाणा क्षेत्र में आर्य समाज का मजबूत प्रभाव होने के कारण उनके बयान का विरोध हुआ और मामला हिंसक टकराव तक पहुंच गया।

2014 में पुलिस और समर्थकों के बीच हुआ था बड़ा टकराव

साल 2014 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पेश न होने के कारण संत रामपाल और प्रशासन के बीच बड़ा विवाद खड़ा हो गया था।

जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम पहुंची, तब पुलिस और रामपाल समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस दौरान छह लोगों की मौत हो गई थी।

इसके बाद 19 नवंबर 2014 को संत रामपाल को गिरफ्तार किया गया था।

हत्या मामलों में हुई थी उम्रकैद

संत रामपाल के खिलाफ हिंसा से जुड़े पांच एफआईआर दर्ज किए गए थे। हत्या से जुड़े दो मामलों में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।


Key Highlights:

  • नवजोत कौर सिद्धू संत रामपाल के आश्रम पहुंचीं
  • मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
  • संत रामपाल से मिलने पर सिद्धू ने कहा- “मनोबल बढ़ा”
  • जेल से रिहाई के बाद आश्रम में बढ़ रही नेताओं की आवाजाही
  • 2014 हिंसा मामले में संत रामपाल को हुई थी उम्रकैद

FAQ Section:

Q1. नवजोत कौर सिद्धू कौन हैं?

नवजोत कौर सिद्धू पंजाब की पूर्व विधायक और डॉक्टर हैं। वह पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी हैं।

Q2. संत रामपाल फिलहाल कहां रह रहे हैं?

संत रामपाल वर्तमान में हरियाणा के सोनीपत जिले के धनाना गांव स्थित आश्रम में रह रहे हैं।

Q3. संत रामपाल कब जेल से बाहर आए?

संत रामपाल 10 अप्रैल को हिसार जेल से बाहर आए थे।

Q4. संत रामपाल किन मामलों में आरोपी रहे हैं?

उन पर हत्या, हत्या के प्रयास, देशद्रोह और हिंसा से जुड़े कई मामले दर्ज रहे हैं।

Q5. नवजोत कौर सिद्धू किस पार्टी से जुड़ी हैं?

उन्होंने हाल ही में अपनी राजनीतिक पार्टी ‘भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी’ (BRP) बनाई है।


Conclusion:

नवजोत कौर सिद्धू का संत रामपाल के आश्रम पहुंचना राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से चर्चा का विषय बन गया है। वायरल वीडियो ने एक बार फिर संत रामपाल और उनके बढ़ते प्रभाव को सुर्खियों में ला दिया है। आने वाले समय में इस मुलाकात के राजनीतिक मायने भी निकाले जा सकते हैं।Screenshot_1508

Edited By: Karan Singh

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