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भाजपा को झटका: सुनील जाखड़ के गढ़ में 50 पुराने कार्यकर्ताओं का सामूहिक इस्तीफा
नगर निगम चुनाव टिकट बंटवारे से नाराज़ होकर पार्टी से अलग हुए कई वरिष्ठ नेता, स्थानीय नेतृत्व पर उठे सवाल
पंजाब में भाजपा को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के गृह क्षेत्र में लगभग 50 पुराने कार्यकर्ताओं ने नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण से नाराज़ होकर सामूहिक इस्तीफा दे दिया।
सुनील जाखड़ के गृह क्षेत्र में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम
पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को उस समय बड़ा झटका लगा जब प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के गृह क्षेत्र में लगभग 50 पुराने कार्यकर्ताओं ने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। यह निर्णय नगर निगम चुनावों में टिकटों के कथित “अनुचित” वितरण से नाराज़ होकर लिया गया।
अरोरवंश भवन में हुई बैठक में लिया गया फैसला
जानकारी के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम अरोरवंश भवन में हुई एक बैठक के दौरान सामने आया, जहां कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से पार्टी छोड़ने का ऐलान किया।
प्रमुख नेता जिन्होंने बैठक में हिस्सा लिया
- डॉ. ऋषि नारंग (पूर्व पार्षद स्व. सतीश नारंग के पुत्र)
- सुवर्शा नारंग (पूर्व पार्षद)
- रवि सेतिया (पूर्व जिला स्तरीय नेता)
- अशोक छाबड़ा
- सिकंदर कपूर
- डॉ. विशाल तनेजा
टिकट बंटवारे पर नाराज़गी बनी मुख्य वजह
डॉ. ऋषि नारंग और रवि सेतिया ने स्पष्ट किया कि उन्हें भाजपा की विचारधारा से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन राज्य अध्यक्ष सुनील जाखड़ और स्थानीय विधायक संदीप जाखड़ के कामकाज से वे असंतुष्ट हैं।परिवार की राजनीतिक परंपरा का हवाला
डॉ. नारंग ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से स्थानीय निकाय चुनावों में सक्रिय रहा है। उन्होंने कहा कि उनके परदादा बूटा राम नारंग वर्ष 1923 में नगर पंचायत के सदस्य चुने गए थे और तब से परिवार राजनीति में सक्रिय है। इसके बावजूद इस बार उन्हें टिकट नहीं दिया गया।
Key Highlights:
- सुनील जाखड़ के गृह क्षेत्र में BJP को बड़ा झटका
- लगभग 50 पुराने कार्यकर्ताओं ने दिया इस्तीफा
- नगर निगम चुनाव टिकट वितरण पर नाराज़गी
- अरोरवंश भवन में बैठक के बाद हुआ फैसला
- स्थानीय नेतृत्व पर उठे गंभीर सवाल
FAQ Section:
Q1. BJP कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा क्यों दिया?
नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण से असंतोष के कारण इस्तीफा दिया गया।
Q2. यह घटना कहां की है?
यह घटना पंजाब में सुनील जाखड़ के गृह क्षेत्र की है।
Q3. कितने लोगों ने इस्तीफा दिया?
लगभग 50 पुराने कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया।
Q4. क्या उन्होंने पार्टी विचारधारा पर सवाल उठाया?
नहीं, उन्होंने कहा कि उन्हें भाजपा की विचारधारा से कोई आपत्ति नहीं है।
Conclusion:
यह घटना भाजपा के लिए संगठनात्मक स्तर पर एक बड़ा संकेत मानी जा रही है। टिकट बंटवारे को लेकर बढ़ी नाराज़गी ने पार्टी के स्थानीय ढांचे में असंतोष को उजागर कर दिया है, जिसका असर आने वाले चुनावों पर भी पड़ सकता है।

