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अंबाला मंडियों में पहुंची सूरजमुखी की फसल, खरीद शुरू न होने से किसान परेशान
1 जून से सरकारी खरीद शुरू होने के कारण किसानों को वापस ले जानी पड़ रही फसल, MSP पर खरीद जल्द शुरू करने की मांग
अंबाला में सूरजमुखी की कटाई तेज होने के साथ किसान मंडियों में फसल लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन सरकारी खरीद 1 जून से शुरू होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। किसानों ने सरकार से 25 मई से खरीद शुरू करने की मांग की है।
अंबाला की मंडियों में पहुंचने लगी सूरजमुखी की फसल
हरियाणा के अंबाला जिले में सूरजमुखी की कटाई ने रफ्तार पकड़ ली है और किसान अपनी फसल लेकर अनाज मंडियों में पहुंचने लगे हैं। हालांकि सरकारी खरीद 1 जून से शुरू होने के कारण किसानों को फिलहाल अपनी उपज सुखाकर और साफ करके वापस ले जाने को कहा जा रहा है।
इस स्थिति से किसानों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों ने 25 मई से खरीद शुरू करने की उठाई मांग
फसल तैयार होने के बाद किसान अब सरकार से सूरजमुखी बीज की खरीद जल्द शुरू करने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि खरीद प्रक्रिया 1 जून के बजाय 25 मई से शुरू की जानी चाहिए।रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए सूरजमुखी का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 7,721 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
“बार-बार मंडी आने से बढ़ रहा खर्च”
कुरुक्षेत्र के टिगरी गांव के किसान कंवरपाल, जो अंबाला कैंट अनाज मंडी पहुंचे थे, ने कहा कि किसानों के पास फसल सुखाने और साफ करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।
उन्होंने कहा,
“मजदूरों की कमी भी बड़ी समस्या है। इसी कारण हम मंडी में फसल साफ कराने पहुंचते हैं। फसल बिकने के लिए तैयार है, लेकिन खरीद 1 जून से शुरू होगी, इसलिए अब इसे वापस ले जाना पड़ेगा। इससे ट्रांसपोर्ट और लोडिंग-अनलोडिंग का अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है।”
मौसम का खतरा भी बढ़ा रहा चिंता
किसानों का कहना है कि सूरजमुखी बेहद संवेदनशील फसल है और तेज हवा या बारिश की स्थिति में कुछ ही मिनटों में नुकसान हो सकता है।
कंवरपाल ने कहा कि मौसम खराब होने पर फसल का बड़ा हिस्सा बर्बाद हो सकता है, इसलिए किसान जल्द खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि MSP पर फसल बेच सकें।
निजी खरीदारों को बेचने में नहीं दिखा रहे रुचि
अनाज मंडी के एक आढ़ती ने बताया कि किसान निजी व्यापारियों को फसल बेचने में रुचि नहीं दिखा रहे, क्योंकि वहां MSP से कम कीमत मिल रही है।
उन्होंने कहा,
“किसान फिलहाल फसल ट्रॉलियों में लोड करके वापस ले जा रहे हैं और सरकारी खरीद शुरू होने पर दोबारा मंडी आएंगे। इस बार सूरजमुखी की बंपर पैदावार हुई है और गुणवत्ता भी अच्छी है।”
कटाई का काम तेजी से जारी
उप कृषि निदेशक (DDA) डॉ. जसविंदर सिंह के अनुसार अब तक लगभग 10 प्रतिशत सूरजमुखी की कटाई पूरी हो चुकी है और आने वाले दिनों में इसमें तेजी आने की संभावना है।
इस साल मंडियों में बढ़ सकती है आवक
नई अनाज मंडी के सचिव नीरज भारद्वाज ने बताया कि किसान फिलहाल फसल सुखाने और साफ कराने के लिए मंडियों में पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा,
“सरकारी खरीद 1 जून से शुरू होगी। पिछले साल यहां करीब 40 हजार क्विंटल सूरजमुखी की आवक हुई थी और इस बार इससे अधिक आने की उम्मीद है।”
Key Highlights:
- अंबाला मंडियों में पहुंचने लगी सूरजमुखी की फसल
- सरकारी खरीद 1 जून से शुरू होगी
- किसान 25 मई से खरीद शुरू करने की मांग कर रहे
- MSP 7,721 रुपये प्रति क्विंटल तय
- मजदूरों और जगह की कमी से किसान परेशान
- इस साल बंपर उत्पादन और अच्छी गुणवत्ता की उम्मीद
FAQ Section:
Q1. सूरजमुखी की सरकारी खरीद कब शुरू होगी?
सरकारी खरीद 1 जून से शुरू होगी।
Q2. सूरजमुखी का MSP कितना तय किया गया है?
रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए MSP 7,721 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
Q3. किसान खरीद जल्दी शुरू करने की मांग क्यों कर रहे हैं?
फसल तैयार होने, मौसम के खतरे और अतिरिक्त परिवहन खर्च के कारण किसान जल्द खरीद शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
Q4. किसान निजी खरीदारों को फसल क्यों नहीं बेच रहे?
निजी खरीदार MSP से कम कीमत दे रहे हैं, इसलिए किसान सरकारी खरीद का इंतजार कर रहे हैं।
Q5. इस बार सूरजमुखी उत्पादन कैसा है?
अधिकारियों और आढ़तियों के अनुसार इस बार सूरजमुखी की बंपर पैदावार और अच्छी गुणवत्ता देखने को मिल रही है।
Conclusion:
अंबाला और आसपास के क्षेत्रों में सूरजमुखी की फसल तैयार होने के बावजूद खरीद प्रक्रिया में देरी किसानों की चिंता बढ़ा रही है। अतिरिक्त खर्च और मौसम के जोखिम के बीच किसान सरकार से जल्द खरीद शुरू करने की मांग कर रहे हैं। यदि खरीद प्रक्रिया समय से शुरू होती है तो किसानों को राहत मिलने के साथ मंडियों में आवक भी सुचारु रूप से हो सकेगी।

