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आदमपुर नगर परिषद चुनाव में करवाल परिवार का दबदबा, एक ही परिवार के 5 सदस्य मैदान में
13 वार्डों में चुनावी मुकाबला तेज, कांग्रेस समर्थित करवाल ग्रुप और AAP के बीच सीधी टक्कर
आदमपुर नगर परिषद चुनाव में करवाल परिवार चर्चा का केंद्र बना हुआ है। परिवार के पांच सदस्य अलग-अलग वार्डों से चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस समर्थित करवाल ग्रुप का मुकाबला आम आदमी पार्टी से माना जा रहा है।
आदमपुर नगर परिषद चुनाव में करवाल परिवार की मजबूत मौजूदगी
26 मई को होने वाले आदमपुर नगर परिषद चुनाव में इस बार करवाल परिवार का खासा प्रभाव देखने को मिल रहा है। प्रभावशाली करवाल परिवार के पांच सदस्य 13 वार्डों में से पांच अलग-अलग वार्डों से चुनावी मैदान में उतरे हैं।
पूर्व नगर परिषद प्रधान दर्शन सिंह करवाल खुद वार्ड नंबर-5 से चुनाव लड़ रहे हैं।
परिवार के पांच सदस्य अलग-अलग वार्डों से उम्मीदवार
करवाल परिवार के अन्य उम्मीदवारों में दर्शन सिंह करवाल की बहू और चिकित्सक डॉ. सिमरन पॉल करवाल वार्ड नंबर-7 से चुनाव लड़ रही हैं।वहीं, दर्शन करवाल के भाई हरजिंदर सिंह करवाल वार्ड नंबर-13 से मैदान में हैं। हरजिंदर करवाल की पत्नी संदीप कौर करवाल वार्ड नंबर-9 से उम्मीदवार हैं।
इसके अलावा दर्शन करवाल के भतीजे और पेशे से वकील परमिंदर सिंह करवाल वार्ड नंबर-11 से चुनाव लड़ रहे हैं।
कांग्रेस समर्थित करवाल ग्रुप ने सभी वार्डों में उतारे उम्मीदवार
करवाल ग्रुप को कांग्रेस और अन्य स्थानीय गुटों का समर्थन प्राप्त है। हालांकि कांग्रेस ने आदमपुर में अपने चुनाव चिन्ह ‘हाथ’ पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है।
करवाल ग्रुप ने सभी 13 वार्डों में उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इनमें से 12 उम्मीदवार ‘ट्रैक्टर’ चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रहे हैं।
दर्शन करवाल ने बताया कि एक वार्ड में ट्रैक्टर चिन्ह नहीं मिलने के कारण वहां ‘एलपीजी सिलेंडर’ चुनाव चिन्ह लिया गया है।
पहले भी चुनाव जीत चुका है परिवार
दर्शन करवाल और उनके दो भाई वर्ष 2015 में तीन सीटों पर चुनाव लड़ चुके हैं और जीत हासिल कर चुके हैं।
परिवार का आदमपुर में अच्छा राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव माना जाता है। परिवार के पास एक मैरिज पैलेस और एलपीजी एजेंसी भी है।
इस बार पहली बार परिवार की नई पीढ़ी के दो सदस्यों को भी चुनावी मैदान में उतारा गया है।
AAP और करवाल ग्रुप के बीच सीधी राजनीतिक टक्कर
आदमपुर में करवाल ग्रुप का सीधा मुकाबला आम आदमी पार्टी (AAP) से माना जा रहा है। AAP की कमान पूर्व विधायक और आदमपुर हलका इंचार्ज पवन टीनू संभाल रहे हैं।
वहीं, बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने भी चार उम्मीदवार उतारे हैं, हालांकि वे पार्टी चिन्ह पर चुनाव नहीं लड़ रहे।
शिरोमणि अकाली दल (SAD) की सक्रियता इस चुनाव में कम नजर आ रही है।
Key Highlights:
- आदमपुर नगर परिषद चुनाव में करवाल परिवार के 5 सदस्य मैदान में
- 13 में से 5 वार्डों पर परिवार के उम्मीदवार
- कांग्रेस समर्थित करवाल ग्रुप ने सभी वार्डों में उतारे प्रत्याशी
- अधिकांश उम्मीदवार ‘ट्रैक्टर’ चिन्ह पर लड़ रहे चुनाव
- AAP और करवाल ग्रुप के बीच सीधी टक्कर
- परिवार की नई पीढ़ी भी पहली बार चुनावी मैदान में
FAQ Section:
Q1. आदमपुर नगर परिषद चुनाव कब होंगे?
आदमपुर नगर परिषद चुनाव 26 मई को आयोजित होंगे।
Q2. करवाल परिवार के कितने सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं?
करवाल परिवार के पांच सदस्य अलग-अलग वार्डों से चुनाव लड़ रहे हैं।
Q3. करवाल ग्रुप को किसका समर्थन प्राप्त है?
करवाल ग्रुप को कांग्रेस और अन्य स्थानीय गुटों का समर्थन प्राप्त है।
Q4. करवाल ग्रुप किस चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रहा है?
अधिकांश उम्मीदवार ‘ट्रैक्टर’ चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रहे हैं।
Q5. आदमपुर में मुख्य मुकाबला किनके बीच माना जा रहा है?
मुख्य मुकाबला करवाल ग्रुप और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच माना जा रहा है।
Conclusion:
आदमपुर नगर परिषद चुनाव इस बार पारिवारिक और राजनीतिक समीकरणों के कारण बेहद दिलचस्प बन गया है। करवाल परिवार की मजबूत मौजूदगी और AAP के साथ सीधा मुकाबला चुनाव को और रोचक बना रहा है। अब सभी की नजर 26 मई को होने वाले मतदान और उसके परिणामों पर टिकी है।

