यूपी की भीषण गर्मी में किसानों के लिए वरदान बनी फालसा खेती, कौशांबी में बढ़ी मांग और कमाई

48 डिग्री की गर्मी के बीच फालसा बना लोगों की पहली पसंद, कौशांबी के किसानों को मिल रहा शानदार मुनाफा

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उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच कौशांबी जिले में फालसा की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है। बढ़ती मांग के कारण फालसा की कीमतों और किसानों की आय दोनों में इजाफा हुआ है।

भीषण गर्मी में फालसा की बढ़ी डिमांड

उत्तर Pradesh में लगातार बढ़ते तापमान ने जहां आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, वहीं कौशांबी जिले के फालसा किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। गर्मी से राहत देने वाले फालसा फल की मांग इस सीजन में तेजी से बढ़ी है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिल रहा है।

मीठे और हल्के खट्टे स्वाद वाला फालसा अपने ठंडक देने वाले गुणों और स्वास्थ्य लाभों के कारण लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है। स्थानीय बाजारों के अलावा मुंबई और नागपुर जैसे शहरों में भी कौशांबी से फालसा की सप्लाई की जा रही है।

110 एकड़ में हो रही फालसा की खेती

कौशांबी जिले में करीब 110 एकड़ क्षेत्र में फालसा की खेती की जा रही है। इस खेती से जुड़े 60 से अधिक किसान लगभग तीन महीने के सीजन में अच्छी कमाई कर रहे हैं।

किसानों का कहना है कि मौजूदा हीटवेव के बीच फालसा उनके लिए “मुसीबत में अवसर” बनकर सामने आया है। गर्मी बढ़ने के साथ इसकी बिक्री और कीमत दोनों में तेजी आई है।


किसानों को मिल रहा शानदार मुनाफा

चायल क्षेत्र के किसान राजेंद्र सोनकर ने बताया कि उन्होंने दो बीघा जमीन पर फालसा की खेती की है। उनके अनुसार, तापमान बढ़ने के साथ बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने कहा, “मेरे बाग से रोजाना करीब 10 क्विंटल फालसा की तुड़ाई हो रही है और बाजार में इसकी अच्छी बिक्री हो रही है।”

मुंबई और नागपुर तक पहुंच रहा कौशांबी का फालसा

सैनी क्षेत्र के निहालपुर गांव के किसान संतोष सोनकर ने बताया कि जिले के चायल, नेवादा, मूरतगंज, सिराथू, कोखराज, कड़ा और अजुहा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर फालसा की खेती और बाग मौजूद हैं।

उन्होंने बताया कि फिलहाल खुदरा बाजार में फालसा ₹200 प्रति किलो और थोक बाजार में ₹150 प्रति किलो तक बिक रहा है। बाहर के शहरों से भी लगातार मांग आ रही है।


गर्मी से राहत के लिए लोग चुन रहे प्राकृतिक विकल्प

विशेषज्ञों का कहना है कि भीषण गर्मी और लू के बीच लोग अब प्राकृतिक और पारंपरिक पेय पदार्थों की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। फालसा का शरबत शरीर को ठंडक पहुंचाने और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करता है, इसी वजह से इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।

हालांकि उद्यान विभाग के पास फिलहाल फालसा उत्पादन का कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।


Key Highlights:

  • कौशांबी में 110 एकड़ में हो रही फालसा की खेती।
  • 60 से अधिक किसान फालसा उत्पादन से जुड़े।
  • गर्मी बढ़ने के साथ बाजार में तेजी से बढ़ी मांग।
  • फालसा ₹200 प्रति किलो तक बिक रहा है।
  • मुंबई और नागपुर तक भेजा जा रहा कौशांबी का फालसा।

FAQ Section:

Q1. फालसा की खेती कहां हो रही है?

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में बड़े पैमाने पर फालसा की खेती की जा रही है।

Q2. फालसा की मांग क्यों बढ़ी है?

भीषण गर्मी के कारण लोग ठंडक देने वाले प्राकृतिक फलों और पेय पदार्थों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

Q3. फालसा किस कीमत पर बिक रहा है?

फालसा खुदरा बाजार में करीब ₹200 प्रति किलो और थोक बाजार में ₹150 प्रति किलो बिक रहा है।

Q4. किन शहरों में कौशांबी से फालसा भेजा जा रहा है?

मुंबई और नागपुर जैसे शहरों में कौशांबी से फालसा की सप्लाई की जा रही है।


Conclusion:

उत्तर प्रदेश की भीषण गर्मी जहां आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है, वहीं कौशांबी के किसानों के लिए फालसा की खेती नई उम्मीद बनकर उभरी है। बढ़ती मांग और बेहतर कीमतों ने किसानों की आय में बड़ा इजाफा किया है। आने वाले समय में यह खेती जिले की अर्थव्यवस्था के लिए और महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।Screenshot_1538

Edited By: Karan Singh

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