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बहादुरगढ़ नगर परिषद में बढ़ा विवाद, पार्षदों ने अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगाकर DC से की निष्पक्ष जांच की मांग
नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी समेत कई पार्षदों ने डिप्टी कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन, अधिकारियों पर दुर्भावनापूर्ण तरीके से नोटिस जारी करने का आरोप।
हरियाणा के बहादुरगढ़ नगर परिषद में पार्षदों और अधिकारियों के बीच विवाद खुलकर सामने आया है। चेयरपर्सन सरोज राठी सहित कई पार्षदों ने डिप्टी कमिश्नर को शिकायत सौंपकर अधिकारियों पर भेदभावपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण तरीके से नोटिस जारी करने का आरोप लगाया है।
बहादुरगढ़ नगर परिषद में पार्षदों और अधिकारियों के बीच बढ़ा टकराव
हरियाणा के बहादुरगढ़ नगर परिषद (MC) में पार्षदों और अधिकारियों के बीच विवाद गहरा गया है। बुधवार को नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी सहित कई पार्षदों ने डिप्टी कमिश्नर (DC) को लिखित शिकायत सौंपते हुए वरिष्ठ अधिकारियों पर पक्षपातपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण तरीके से नोटिस जारी करने का आरोप लगाया।
शिकायत में पार्षदों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
## अधिकारियों पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई का आरोप
पार्षदों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नगर परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों ने नोटिस जारी करते समय निष्पक्षता और समानता के सिद्धांतों का पालन नहीं किया।उनका दावा है कि कुछ जनप्रतिनिधियों को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाया गया, जिससे उनके साथ भेदभाव हुआ।
## मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान का दावा
शिकायत में पार्षदों ने कहा कि अधिकारियों की इस कार्रवाई के कारण उन्हें मानसिक तनाव, सामाजिक अपमान और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
## DC से निष्पक्ष जांच कराने की मांग
पार्षदों ने डिप्टी कमिश्नर से आग्रह किया कि यह जांच की जाए कि संबंधित नोटिस निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार जारी किए गए थे या नहीं।
उन्होंने यह भी मांग की कि यह पता लगाया जाए कि क्या किसी नगर परिषद अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग किया है।
## दोषी मिलने पर कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि यदि जांच के दौरान किसी अधिकारी द्वारा अनियमितता या अधिकारों के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ कानून और सेवा नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
पार्षदों का कहना है कि प्रशासनिक पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस मामले की स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
Key Highlights:
- बहादुरगढ़ नगर परिषद में पार्षदों और अधिकारियों के बीच विवाद सामने आया।
- चेयरपर्सन सरोज राठी सहित कई पार्षदों ने DC को शिकायत सौंपी।
- अधिकारियों पर दुर्भावनापूर्ण और भेदभावपूर्ण तरीके से नोटिस जारी करने का आरोप।
- पार्षदों ने मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान होने का दावा किया।
- नोटिस जारी करने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग।
- दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई।
## FAQ Section
प्रश्न 1: बहादुरगढ़ नगर परिषद में विवाद किस बात को लेकर है?
पार्षदों ने अधिकारियों पर भेदभावपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण तरीके से नोटिस जारी करने का आरोप लगाया है।
प्रश्न 2: शिकायत किसे सौंपी गई है?
चेयरपर्सन सरोज राठी समेत कई पार्षदों ने डिप्टी कमिश्नर (DC) को लिखित शिकायत सौंपी है।
प्रश्न 3: पार्षदों की मुख्य मांग क्या है?
मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए।
प्रश्न 4: पार्षदों ने क्या आरोप लगाए हैं?
उन्होंने आरोप लगाया है कि नोटिस जारी करते समय निष्पक्षता और समानता के सिद्धांतों का पालन नहीं किया गया तथा कुछ जनप्रतिनिधियों को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाया गया।
Conclusion:
बहादुरगढ़ नगर परिषद में पार्षदों और अधिकारियों के बीच बढ़ते विवाद ने स्थानीय प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्षदों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच को लेकर आधिकारिक निर्णय का इंतजार है।

