तरनतारन में किसानों को फल मक्खी नियंत्रण की वैज्ञानिक जानकारी, PAU ने चलाया जागरूकता अभियान

खवासपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने वर्षा ऋतु की सब्जियों की खेती और पर्यावरण-अनुकूल कीट प्रबंधन के उपाय बताए।

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पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के फार्म एडवाइजरी सर्विस सेंटर (FASC), तरनतारन ने खवासपुर गांव में फल मक्खी प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। विशेषज्ञों ने किसानों को वर्षा ऋतु में सब्जी फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों से बचाव के वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल उपायों की जानकारी दी।

तरनतारन में सब्जी उत्पादक किसानों के लिए फल मक्खी प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के फार्म एडवाइजरी सर्विस सेंटर (FASC), तरनतारन की ओर से बुधवार को खवासपुर गांव में सब्जी फसलों में लगने वाली फल मक्खी (Fruit Fly) के प्रभावी प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वर्षा ऋतु के दौरान कद्दूवर्गीय (कुकुर्बिट) एवं अन्य सब्जी फसलों को प्रभावित करने वाले इस प्रमुख कीट से बचाव के लिए वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल उपायों के प्रति जागरूक करना था।


## फल मक्खी से उत्पादन और आय दोनों पर पड़ता है असर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. परविंदर सिंह, प्रभारी, फार्म एडवाइजरी सर्विस सेंटर, ने बताया कि फल मक्खी का प्रकोप सब्जी उत्पादकों के लिए गंभीर चुनौती है।

उन्होंने कहा कि इस कीट के कारण फलों की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित होता है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।


## समय पर तुड़ाई और खेत की सफाई अपनाने की सलाह

डॉ. परविंदर सिंह ने किसानों को सलाह दी कि फल मक्खी के प्रकोप को कम करने के लिए समय पर फसल की तुड़ाई, खेत की नियमित सफाई और अन्य निवारक उपायों को अपनाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि अच्छी खेत स्वच्छता और समय पर फसल प्रबंधन से कीटों के प्रसार को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।


## वर्षा ऋतु की सब्जियों की सफल खेती के दिए सुझाव

कार्यक्रम के दौरान किसानों को वर्षा ऋतु में सब्जियों की सफल खेती के लिए आवश्यक वैज्ञानिक तकनीकों की भी जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों ने किसानों से आधुनिक कृषि पद्धतियां अपनाने, संतुलित पोषण प्रबंधन और समय पर कृषि कार्य करने का आह्वान किया, ताकि बेहतर उत्पादन और अधिक आय सुनिश्चित की जा सके।


Key Highlights:

  • खवासपुर गांव में PAU ने फल मक्खी प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
  • किसानों को पर्यावरण-अनुकूल कीट नियंत्रण तकनीकों की जानकारी दी गई।
  • फल मक्खी से होने वाले आर्थिक नुकसान पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की।
  • समय पर तुड़ाई और खेत की स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
  • वर्षा ऋतु की सब्जियों की वैज्ञानिक खेती के महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।

## FAQ Section

प्रश्न 1: कार्यक्रम का आयोजन किसने किया?

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के फार्म एडवाइजरी सर्विस सेंटर (FASC), तरनतारन ने कार्यक्रम आयोजित किया।

प्रश्न 2: कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?

किसानों को फल मक्खी के पर्यावरण-अनुकूल प्रबंधन और वर्षा ऋतु की सब्जी फसलों की वैज्ञानिक खेती के बारे में जागरूक करना।

प्रश्न 3: फल मक्खी किन फसलों को अधिक नुकसान पहुंचाती है?

मुख्य रूप से कद्दूवर्गीय (कुकुर्बिट) और अन्य सब्जी फसलों को।

प्रश्न 4: किसानों को क्या प्रमुख सलाह दी गई?

समय पर फसल की तुड़ाई, खेत की साफ-सफाई बनाए रखने और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने की सलाह दी गई।


Conclusion:

फल मक्खी जैसी समस्याओं से समय रहते बचाव और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी सब्जी फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार कर सकते हैं। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ऐसे जागरूकता कार्यक्रम टिकाऊ और लाभदायक खेती को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।Screenshot_2733

Edited By: Karan Singh

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