यूपी में 10 दिन की देरी से पहुंचेगा मानसून, 52% बारिश की कमी ने बढ़ाई चिंता

आईएमडी ने जताई जल्द मानसून पहुंचने की संभावना, कई जिलों में बारिश का भारी असंतुलन, किसानों और आम लोगों की बढ़ी चिंता।

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उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य तिथि से करीब 10 दिन की देरी से जून के अंत तक पहुंचने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 23 जून तक राज्य में सामान्य से 52 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे कृषि और जल संकट को लेकर चिंता बढ़ गई है।

यूपी में मानसून की रफ्तार धीमी, 52% बारिश की कमी से बढ़ी चिंता

उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक इस बार सामान्य से करीब 10 दिन देर से होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य में मानसून जून के अंत तक पहुंच सकता है, जबकि इसकी सामान्य आगमन तिथि 18 जून मानी जाती है।

मानसून में देरी के चलते राज्य में वर्षा का बड़ा घाटा दर्ज किया गया है। 1 जून से 23 जून के बीच प्रदेश में 53.7 मिमी के सामान्य औसत के मुकाबले केवल 25.7 मिमी बारिश हुई, जो 52 प्रतिशत की कमी दर्शाती है।


## अगले कुछ दिनों में यूपी पहुंचेगा मानसून

आईएमडी के अनुसार, मौसम की परिस्थितियां दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हो चुकी हैं।

अगले दो से तीन दिनों में मानसून के गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके बाद तीन से चार दिनों के भीतर झारखंड, बिहार के शेष क्षेत्रों और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून पहुंच सकता है।


## पिछले 48 घंटे में मानसून ने पकड़ी रफ्तार

बीते 48 घंटों के दौरान मानसून ने तेजी से प्रगति की है।

यह महाराष्ट्र के शेष हिस्सों, मुंबई, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के अतिरिक्त क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) वर्धा, रायपुर, डाल्टनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है।


## 75 जिलों में बारिश का असमान वितरण

1 जून से 23 जून तक के आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में वर्षा का वितरण काफी असमान रहा।

  • 37 जिलों में अत्यधिक वर्षा की कमी (Large Deficit) दर्ज हुई।
  • 17 जिलों में सामान्य से कम वर्षा (Deficit) रही।
  • 11 जिलों में सामान्य वर्षा हुई।
  • 5 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई।
  • 4 जिलों में अत्यधिक अधिक वर्षा (Large Excess) हुई।
  • कौशांबी में अब तक एक भी मिलीमीटर बारिश दर्ज नहीं हुई।

## इन जिलों में हुई सामान्य से काफी अधिक बारिश

कुछ जिलों में सामान्य से कहीं अधिक वर्षा दर्ज की गई।

  • आगरा – 116% अधिक
  • संभल – 121% अधिक
  • एटा – 98% अधिक
  • हाथरस – 70% अधिक

इसके अलावा कन्नौज, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, मथुरा और मुजफ्फरनगर में भी सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।


## इन जिलों में रही सामान्य वर्षा

राजधानी लखनऊ के आसपास के कुछ जिलों सहित कुल 11 जिलों में सामान्य वर्षा दर्ज की गई।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • आजमगढ़
  • बलिया
  • कानपुर नगर
  • महाराजगंज
  • बदायूं
  • बागपत
  • इटावा
  • हापुड़
  • मेरठ
  • मुरादाबाद
  • फर्रुखाबाद

## किसानों की बढ़ी चिंता

मानसून में देरी और बारिश की कमी का सबसे अधिक असर खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ सकता है। यदि अगले कुछ दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं होती है तो कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी।

हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और जल्द ही मानसून उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय हो सकता है।


Key Highlights:

  • यूपी में मानसून लगभग 10 दिन की देरी से पहुंचने की संभावना।
  • 23 जून तक राज्य में 52% कम बारिश दर्ज।
  • 75 में से 37 जिलों में भारी वर्षा की कमी।
  • कौशांबी में अब तक एक भी मिलीमीटर बारिश नहीं।
  • अगले 3–4 दिनों में यूपी के कई हिस्सों में मानसून पहुंचने की उम्मीद।
  • किसानों और खरीफ फसलों पर बढ़ी चिंता।

## FAQ Section

प्रश्न 1: उत्तर प्रदेश में मानसून कब पहुंचेगा?

आईएमडी के अनुसार जून के अंत तक, सामान्य तिथि से करीब 10 दिन की देरी से मानसून पहुंच सकता है।

प्रश्न 2: यूपी में बारिश की कमी कितनी दर्ज की गई है?

1 जून से 23 जून के बीच राज्य में सामान्य से 52 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।

प्रश्न 3: किन जिलों में सबसे अधिक बारिश हुई है?

संभल, आगरा, एटा और हाथरस में सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है।

प्रश्न 4: सबसे अधिक वर्षा की कमी कहां है?

कौशांबी में अब तक एक भी मिलीमीटर बारिश दर्ज नहीं हुई है, जबकि 37 जिलों में भारी वर्षा की कमी दर्ज की गई है।


Conclusion:

उत्तर प्रदेश में मानसून की देरी ने किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में मानसून के तेजी से आगे बढ़ने की संभावना जताई है, लेकिन फिलहाल बारिश की भारी कमी राज्य की कृषि और जल संसाधनों के लिए चुनौती बनी हुई है।Screenshot_2740

Edited By: Karan Singh

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