- Hindi News
- राज्य
- पंजाब
- अमृतसर के सरकारी अस्पताल में बड़ी सफलता, 4.5 किलो के छह माह के शिशु के जन्मजात हृदय दोष का बिना ऑपरे...
अमृतसर के सरकारी अस्पताल में बड़ी सफलता, 4.5 किलो के छह माह के शिशु के जन्मजात हृदय दोष का बिना ऑपरेशन सफल इलाज
गुरु नानक देव अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट्स ने ट्रांसकैथेटर तकनीक से किया जटिल PDA क्लोजर, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत मिला मुफ्त उपचार।
अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल के डॉक्टरों ने छह महीने के 4.5 किलोग्राम वजन वाले शिशु के जन्मजात हृदय रोग का सफलतापूर्वक इलाज कर नई उपलब्धि हासिल की है। अत्याधुनिक ट्रांसकैथेटर प्रक्रिया के जरिए बिना ओपन हार्ट सर्जरी के बच्चे का इलाज किया गया।
अमृतसर के सरकारी अस्पताल में जन्मजात हृदय रोग के इलाज में बड़ी कामयाबी
अमृतसर स्थित गुरु नानक देव अस्पताल (GNDH), जो सरकारी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध है, के हृदय रोग विशेषज्ञों ने बाल हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। डॉक्टरों ने मात्र छह महीने के एक शिशु, जिसका वजन केवल 4.5 किलोग्राम था, के जन्मजात हृदय दोष का सफल इलाज अत्याधुनिक ट्रांसकैथेटर प्रक्रिया के माध्यम से किया।
यह प्रक्रिया बिना ओपन हार्ट सर्जरी के पूरी की गई, जिससे बच्चे को सुरक्षित और प्रभावी उपचार मिल सका।
## जन्म के बाद बंद नहीं हुई रक्त वाहिका, बढ़ रही थीं स्वास्थ्य समस्याएं
डॉक्टरों के अनुसार, शिशु पेटेंट डक्टस आर्टेरियोसस (Patent Ductus Arteriosus - PDA) नामक जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित था। इस स्थिति में जन्म के बाद बंद हो जाने वाली एक रक्त वाहिका खुली रह जाती है, जिससे फेफड़ों में सामान्य से अधिक रक्त प्रवाह होने लगता है।इस कारण बच्चे को बार-बार सीने में संक्रमण, सांस लेने में दिक्कत, वजन नहीं बढ़ना और शारीरिक विकास प्रभावित होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
## 5 किलो से कम वजन वाले शिशुओं में इलाज होता है बेहद चुनौतीपूर्ण
गुरु नानक देव अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. परमिंदर सिंह मंघेरा ने बताया कि 5 किलोग्राम से कम वजन वाले बच्चों में PDA बंद करने की प्रक्रिया तकनीकी रूप से काफी जटिल होती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे शिशुओं की रक्त वाहिकाएं बेहद छोटी होती हैं और उनके लिए स्वीकृत विशेष उपकरण भी सीमित उपलब्ध होते हैं।
## विशेष तकनीक से किया गया सफल उपचार
शिशु को बार-बार होने वाले संक्रमण और कमजोर शारीरिक विकास के कारण गुरु नानक देव अस्पताल रेफर किया गया था।
विस्तृत जांच के बाद डॉक्टरों की टीम ने मिनिमली इनवेसिव ट्रांसकैथेटर क्लोजर प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया।
डॉ. मंघेरा ने बताया कि सामान्य PDA क्लोजर डिवाइस इस शिशु के लिए उपयुक्त नहीं था। इसलिए डॉक्टरों ने Lifetech Vascular Plug का अभिनव तरीके से उपयोग किया। इस डिवाइस में तकनीकी बदलाव कर इसे सुरक्षित रूप से दोष बंद करने के लिए अनुकूल बनाया गया।
## बिना किसी जटिलता के सफल रही प्रक्रिया
डॉक्टरों ने बताया कि पूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई और PDA पूरी तरह बंद हो गया। उपचार के दौरान किसी भी प्रकार की जटिलता सामने नहीं आई।
विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर उपचार नहीं मिलने पर बच्चे की स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
## मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत मिला मुफ्त इलाज
डॉ. परमिंदर सिंह मंघेरा ने बताया कि पूरे उपचार का खर्च मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत वहन किया गया, जिससे परिवार को किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी और आधुनिक डिवाइस आधारित तकनीकों की मदद से अब छोटे बच्चों में भी जटिल जन्मजात हृदय रोगों का सफल इलाज संभव हो रहा है।
Key Highlights:
- अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में छह माह के शिशु का सफल इलाज।
- 4.5 किलोग्राम वजन वाले बच्चे में जन्मजात हृदय दोष (PDA) का उपचार।
- बिना ओपन हार्ट सर्जरी ट्रांसकैथेटर तकनीक से हुई प्रक्रिया।
- विशेष Lifetech Vascular Plug का अभिनव उपयोग किया गया।
- इलाज पूरी तरह सफल रहा, कोई जटिलता नहीं आई।
- मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत मरीज को मुफ्त उपचार मिला।
## FAQ Section
प्रश्न 1: शिशु को कौन-सी बीमारी थी?
शिशु पेटेंट डक्टस आर्टेरियोसस (PDA) नामक जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित था।
प्रश्न 2: इलाज किस अस्पताल में किया गया?
गुरु नानक देव अस्पताल (GNDH), अमृतसर में।
प्रश्न 3: उपचार किस तकनीक से किया गया?
डॉक्टरों ने मिनिमली इनवेसिव ट्रांसकैथेटर क्लोजर प्रक्रिया के माध्यम से बिना ओपन हार्ट सर्जरी इलाज किया।
प्रश्न 4: क्या उपचार सफल रहा?
हाँ, प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही और बच्चे का PDA बिना किसी जटिलता के पूरी तरह बंद कर दिया गया।
प्रश्न 5: क्या इलाज मुफ्त था?
हाँ, पूरा उपचार मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत नि:शुल्क प्रदान किया गया।
Conclusion:
गुरु नानक देव अस्पताल के डॉक्टरों की यह सफलता पंजाब में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और बाल हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता के माध्यम से कम वजन वाले शिशुओं में भी जटिल जन्मजात हृदय रोगों का सफल इलाज संभव होने से भविष्य में कई बच्चों को नई उम्मीद मिल सकती है।

