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अनियमित बारिश पर योगी सरकार अलर्ट, खरीफ सीजन के लिए सभी विभागों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को समय पर बीज, खाद, सिंचाई और बिजली उपलब्ध कराने के दिए निर्देश, कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम की अनिश्चितता और संभावित कम बारिश को देखते हुए खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने किसानों को हर जरूरी सुविधा समय पर उपलब्ध कराने और खाद की कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए।
खरीफ सीजन को लेकर योगी सरकार सतर्क, किसानों के हित में दिए अहम निर्देश
उत्तर प्रदेश में मानसून की अनिश्चित स्थिति और असामान्य बारिश की आशंका के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खरीफ फसलों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए किसानों को समय पर बीज, उर्वरक, सिंचाई का पानी, बिजली, फसल ऋण और वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
## खरीफ अभियान मिशन मोड में चलाने के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरे प्रदेश में खरीफ अभियान मिशन मोड में संचालित किया जाए ताकि बुवाई और उत्पादन प्रभावित न हो।राज्य सरकार ने वर्ष 2026 के लिए 110.65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा है, जबकि पिछले वर्ष यह लक्ष्य 106.60 लाख हेक्टेयर था।
## धान उत्पादन का बड़ा लक्ष्य
सरकार ने इस वर्ष 224.25 लाख मीट्रिक टन धान उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
वहीं कुल खरीफ उत्पादन का लक्ष्य 302.62 लाख मीट्रिक टन रखा गया है।
22 जून तक प्रदेश में 5.88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हो चुकी है, जबकि धान की नर्सरी 4.06 लाख हेक्टेयर में तैयार की जा चुकी है।
## कम बारिश की स्थिति के लिए तैयार की गई वैकल्पिक योजना
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि कम वर्षा या सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए विशेष आकस्मिक (Contingency) योजना तैयार की गई है।
जरूरत पड़ने पर किसानों को कम अवधि वाली फसलों जैसे—
- उड़द
- मूंग
- ज्वार
- बाजरा
- तिल
की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
## खाद की कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने उर्वरकों की उपलब्धता पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम कमी पैदा करने, जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद मिल सके।
## सिंचाई और पेयजल व्यवस्था पर विशेष जोर
सूखे की संभावित स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने नहरों के प्रभावी संचालन और अंतिम छोर तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के निर्देश दिए।
उन्होंने पेयजल आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और जल प्रबंधन को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया।
Key Highlights:
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खरीफ तैयारियों की समीक्षा की।
- सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश।
- 110.65 लाख हेक्टेयर में खरीफ बुवाई का लक्ष्य।
- धान उत्पादन का लक्ष्य 224.25 लाख मीट्रिक टन।
- कम बारिश की स्थिति के लिए वैकल्पिक योजना तैयार।
- उड़द, मूंग, ज्वार, बाजरा और तिल जैसी फसलों पर रहेगा फोकस।
- खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर होगी कड़ी कार्रवाई।
- सिंचाई और पेयजल व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश।
## FAQ Section
प्रश्न 1: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किस विषय पर समीक्षा बैठक की?
उन्होंने खरीफ सीजन की तैयारियों और कृषि विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की।
प्रश्न 2: इस वर्ष खरीफ बुवाई का लक्ष्य कितना रखा गया है?
राज्य सरकार ने 110.65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया है।
प्रश्न 3: कम बारिश होने पर सरकार की क्या योजना है?
सरकार ने आकस्मिक योजना तैयार की है, जिसके तहत किसानों को कम अवधि वाली फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्रश्न 4: खाद की उपलब्धता को लेकर क्या निर्देश दिए गए हैं?
मुख्यमंत्री ने उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी तथा जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
Conclusion:
मौसम की अनिश्चितता के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। समय पर संसाधनों की उपलब्धता, वैकल्पिक फसल योजना और खाद की निगरानी जैसे कदम किसानों को राहत देने और कृषि उत्पादन को प्रभावित होने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

