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सोनीपत में पुलिस मुठभेड़ में 25 मामलों का वांछित बदमाश ढेर, हेड कांस्टेबल गोली लगने से घायल
गनौर के खुबरू गांव के पास पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़, दो अवैध हथियार और बिना नंबर की बाइक बरामद।
हरियाणा के सोनीपत जिले में सोमवार सुबह पुलिस और एक वांछित बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में 25 आपराधिक मामलों में नामजद आरोपी गोपाल उर्फ गोपी मारा गया। मुठभेड़ के दौरान एक हेड कांस्टेबल भी गोली लगने से घायल हो गया, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
सोनीपत में पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़, वांछित अपराधी की मौत
हरियाणा के सोनीपत जिले के गनौर क्षेत्र स्थित खुबरू गांव के पास सोमवार सुबह पुलिस और एक वांछित बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कुख्यात अपराधी गोपाल उर्फ गोपी की मौत हो गई, जबकि मुठभेड़ के दौरान एक हेड कांस्टेबल गोली लगने से घायल हो गया।
पुलिस के अनुसार मृतक गोपाल सोनीपत जिले के अटायल गांव का रहने वाला था और उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, फायरिंग और लूट समेत 25 आपराधिक मामले दर्ज थे।
हत्या की वारदात को अंजाम देने की फिराक में था आरोपी
पुलिस के मुताबिक उन्हें सूचना मिली थी कि गोपाल अपने ही गांव के एक व्यक्ति की हत्या करने की योजना से इलाके में घूम रहा है।गुप्त सूचना मिलने के बाद सीआईए-1 और गनौर थाना पुलिस की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर खुबरू गांव के पास घेराबंदी की।
पुलिस को देखते ही शुरू कर दी फायरिंग
पुलिस के अनुसार गोपाल बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल पर सवार होकर पहुंचा।
जैसे ही उसने पुलिस टीम को देखा, उसने पुलिसकर्मियों और उनके वाहन पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
मुठभेड़ के दौरान सीआईए-1 में तैनात हेड कांस्टेबल देवेंद्र सिंह के हाथ में गोली लगी, जबकि गोपाल को कई गोलियां लगीं।
अस्पताल में डॉक्टरों ने आरोपी को मृत घोषित किया
घायल हेड कांस्टेबल और आरोपी को तुरंत खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने गोपाल को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल पुलिसकर्मी का उपचार जारी है।
मौके से हथियार और बाइक बरामद
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से दो अवैध हथियार, कई कारतूस के खोखे और बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल बरामद की है।
बरामद सामान को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पैरोल पर बाहर आया था, वापस जेल नहीं लौटा
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) एवं पुलिस आयुक्त ममता सिंह ने बताया कि गोपाल दो हत्या के मामलों में अदालत से दोषी ठहराया जा चुका था।
करीब ढाई महीने पहले उसे 70 दिन की पैरोल मिली थी, लेकिन 30 मई को जेल लौटने के बजाय वह फरार हो गया था।
उन्होंने मुठभेड़ स्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल पहुंचकर घायल हेड कांस्टेबल का हालचाल भी जाना।
Key Highlights:
- सोनीपत के गनौर क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में वांछित बदमाश ढेर।
- मृतक गोपाल उर्फ गोपी पर 25 आपराधिक मामले दर्ज थे।
- मुठभेड़ में हेड कांस्टेबल देवेंद्र सिंह घायल।
- आरोपी पर चार हत्या समेत कई गंभीर अपराधों के मामले दर्ज थे।
- पुलिस ने दो अवैध हथियार और बिना नंबर की बाइक बरामद की।
- गोपाल पैरोल पर बाहर आने के बाद जेल वापस नहीं लौटा था।
- पुलिस को सूचना मिली थी कि वह हत्या की वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।
FAQ Section:
Q1. सोनीपत मुठभेड़ में कौन मारा गया?
अटायल गांव निवासी गोपाल उर्फ गोपी, जो कई गंभीर मामलों में वांछित था, पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
Q2. गोपाल के खिलाफ कितने मामले दर्ज थे?
उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, फायरिंग और लूट सहित कुल 25 आपराधिक मामले दर्ज थे।
Q3. मुठभेड़ में कौन घायल हुआ?
सीआईए-1 में तैनात हेड कांस्टेबल देवेंद्र सिंह के हाथ में गोली लगी और उनका इलाज जारी है।
Q4. पुलिस ने मौके से क्या बरामद किया?
दो अवैध हथियार, कारतूस के खोखे और बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल बरामद की गई।
Q5. क्या आरोपी पहले से सजा काट रहा था?
हाँ। वह दो हत्या के मामलों में दोषी ठहराया जा चुका था और पैरोल पर बाहर आने के बाद तय समय पर जेल वापस नहीं लौटा था।
Conclusion:
सोनीपत में हुई इस पुलिस मुठभेड़ ने एक बार फिर प्रदेश में सक्रिय वांछित अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को चर्चा में ला दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी एक नई वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था, लेकिन समय रहते मिली सूचना के आधार पर उसे रोक लिया गया। मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

