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सुप्रीम कोर्ट ने फुटपाथ को बताया मौलिक अधिकार, लेकिन अमृतसर में अतिक्रमण से पैदल चलना बना चुनौती
शहर के अधिकांश फुटपाथ अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और रेहड़ी-फड़ी वालों के कब्जे में, राहगीरों को सड़क पर चलने की मजबूरी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुरक्षित और सुगम फुटपाथ को नागरिकों का मौलिक अधिकार घोषित किए जाने के बावजूद अमृतसर में हालात इसके विपरीत हैं। शहर के अधिकांश फुटपाथ अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और निर्माण सामग्री के कब्जे में हैं, जिससे पैदल चलने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद अमृतसर में फुटपाथों पर अतिक्रमण बरकरार
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में सुरक्षित और सुगम फुटपाथों को नागरिकों का मौलिक अधिकार बताया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि नगर निकायों और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे फुटपाथों का निर्माण करें, उनका रखरखाव करें और उन्हें अतिक्रमण से मुक्त रखें।
हालांकि, अमृतसर की सड़कों की स्थिति इस फैसले से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करती है। शहर के अधिकांश फुटपाथ अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, रेहड़ी-फड़ी, निर्माण सामग्री, बिजली और अन्य उपयोगिता ढांचों तथा व्यावसायिक विस्तार के कारण पैदल यात्रियों के लिए लगभग बेकार हो चुके हैं।
राहगीरों को सड़क पर चलने की मजबूरी
शहर के व्यस्त बाजारों और प्रमुख मार्गों पर पैदल चलने वालों को फुटपाथ उपलब्ध न होने के कारण सीधे सड़क पर चलना पड़ता है।इसका सबसे अधिक असर बुजुर्गों, स्कूली बच्चों, महिलाओं और दिव्यांगजनों पर पड़ रहा है, जिन्हें तेज रफ्तार वाहनों के बीच से गुजरना पड़ता है। इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
अतिक्रमण हटाने के अभियान का नहीं दिख रहा स्थायी असर
स्थानीय प्रशासन समय-समय पर अतिक्रमण हटाने के अभियान चलाता है, लेकिन इनका प्रभाव लंबे समय तक दिखाई नहीं देता।
कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद फुटपाथों पर फिर से रेहड़ी-फड़ी, अवैध पार्किंग और अन्य कब्जे दिखाई देने लगते हैं। इससे यह साफ होता है कि स्थायी निगरानी और प्रभावी कार्ययोजना की कमी है।
विशेषज्ञ बोले- फुटपाथ शहर की परिवहन व्यवस्था का अहम हिस्सा
पर्यावरणविद पी.एस. भट्टी का कहना है कि फुटपाथ किसी भी शहर की परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।
उनके अनुसार सुरक्षित फुटपाथ लोगों को पैदल चलने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, निजी वाहनों पर निर्भरता कम करते हैं, सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार लाते हैं और शहरों को अधिक समावेशी बनाते हैं। वहीं फुटपाथों की कमी से सड़क दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ती है।
स्थानीय लोगों ने भी जताई नाराजगी
पुतलीघर क्षेत्र की निवासी अनुराधा ने कहा कि सिर्फ फुटपाथ ही नहीं, बल्कि कई स्थानों पर सड़कों के बड़े हिस्से भी दुकानदारों, अव्यवस्थित पार्किंग और रेहड़ी-फड़ी वालों के कब्जे में हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की ओर से कई बार अभियान चलाए गए, लेकिन स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा समस्या
शहर के कई प्रमुख इलाकों में फुटपाथ अतिक्रमण की समस्या गंभीर बनी हुई है।
इनमें शामिल हैं—
- रामबाग
- आईडीएच मार्केट
- हॉल बाजार
- लॉरेंस रोड
- मॉल रोड
- इस्लामाबाद क्षेत्र
- गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के आसपास का इलाका
- जीटी रोड
- छेहरटा
कई स्थानों पर हाल ही में बनाए गए फुटपाथ भी वाहनों की पार्किंग के कारण उपयोग के लायक नहीं रह गए हैं।
पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी होती है परेशानी
अमृतसर हर दिन हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का स्वागत करता है। ऐसे में सुरक्षित पैदल मार्गों का अभाव शहर की छवि पर भी असर डाल रहा है।
धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक जाने वाले मार्गों पर भी पैदल चलना कई जगह जोखिम भरा बन गया है, जिससे बाहरी राज्यों और विदेशों से आने वाले पर्यटकों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
Key Highlights:
- सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित फुटपाथ को मौलिक अधिकार बताया।
- अमृतसर के अधिकांश फुटपाथ अतिक्रमण की चपेट में।
- राहगीरों को मजबूरन सड़क पर चलना पड़ रहा है।
- बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और दिव्यांग सबसे अधिक प्रभावित।
- अतिक्रमण हटाने के अभियान का स्थायी असर नहीं।
- प्रमुख बाजारों और सड़कों पर अवैध पार्किंग बड़ी समस्या।
- पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी सुरक्षित पैदल मार्ग नहीं मिल रहे।
FAQ Section:
Q1. सुप्रीम कोर्ट ने फुटपाथों को लेकर क्या कहा है?
सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित और सुगम फुटपाथों को नागरिकों का मौलिक अधिकार बताते हुए स्थानीय निकायों को इनके निर्माण और संरक्षण की जिम्मेदारी सौंपी है।
Q2. अमृतसर में फुटपाथों की स्थिति कैसी है?
शहर के अधिकांश फुटपाथ अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और रेहड़ी-फड़ी के कारण पैदल यात्रियों के उपयोग के योग्य नहीं हैं।
Q3. किन लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है?
बुजुर्ग, महिलाएं, स्कूली बच्चे और दिव्यांगजन सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
Q4. किन क्षेत्रों में समस्या अधिक है?
रामबाग, हॉल बाजार, लॉरेंस रोड, मॉल रोड, जीटी रोड, छेहरटा, आईडीएच मार्केट और गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के आसपास के क्षेत्रों में यह समस्या अधिक है।
Q5. प्रशासन की कार्रवाई का क्या असर हुआ है?
अतिक्रमण हटाने के अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद फुटपाथों पर दोबारा कब्जा हो जाता है।
Conclusion:
सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अमृतसर में फुटपाथों पर अतिक्रमण की समस्या लगातार बनी हुई है। यदि शहर को पैदल यात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के लिए सुरक्षित और सुगम बनाना है, तो प्रशासन को केवल अस्थायी अभियान चलाने के बजाय प्रभावी और दीर्घकालिक समाधान लागू करने होंगे। सुरक्षित फुटपाथ न केवल नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करेंगे, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को भी मजबूत बनाएंगे।

