NHM के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों की राज्यव्यापी हड़ताल शुरू, नियमितीकरण और वेतन वृद्धि समेत कई मांगों को लेकर किया कार्य बहिष्कार

ऑनलाइन और ऑफलाइन सेवाएं ठप कर सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन, नई प्रोत्साहन नीति वापस लेने की उठाई मांग।

On

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों (CHOs) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्यभर में कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने नियमित नियुक्ति, वेतन वृद्धि और नई प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन नीति को वापस लेने की मांग उठाई।

मांगों को लेकर NHM के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों का राज्यव्यापी आंदोलन तेज

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों (CHOs) ने सोमवार से राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार के कार्य बंद कर दिए और सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से मांगें लंबित होने के बावजूद सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।


नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और नई नीति वापस लेने की मांग

प्रदर्शन कर रहे कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों की प्रमुख मांगों में सेवाओं का नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और हाल ही में लागू की गई प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन (Performance-Based Incentive) प्रणाली को वापस लेना शामिल है।

कर्मचारियों का कहना है कि नई प्रोत्साहन नीति उनके साथ अन्यायपूर्ण है और इससे आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक दबाव भी बढ़ा है।


ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाने का दावा

प्रदर्शन के दौरान CHO नेताओं ने कहा कि कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर कई वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में समर्पित होकर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि प्राकृतिक आपदाओं, सार्वजनिक स्वास्थ्य संकटों और कोविड-19 महामारी जैसे कठिन समय में भी उन्होंने अग्रिम पंक्ति में रहकर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं।


सरकार पर मांगों की अनदेखी का आरोप

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग ने उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया है। उनका कहना है कि मांगों का समाधान करने के बजाय कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ा दिया गया, जिससे आर्थिक कठिनाइयों और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक मरीजों के हित और स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित न करने के उद्देश्य से संयम बनाए रखा, लेकिन अब आंदोलन तेज करने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा।


नई प्रोत्साहन गाइडलाइन की प्रतियां जलाकर जताया विरोध

आंदोलन के तहत प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने नई प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन गाइडलाइन की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया।

इसके बाद उन्होंने सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।


ये हैं प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें

CHO एसोसिएशन ने सरकार के समक्ष कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से—

  • समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए।
  • वेतन में बढ़ोतरी की जाए।
  • नई प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन प्रणाली वापस ली जाए।
  • कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों के लिए अलग कैडर बनाया जाए।
  • सेवाओं का नियमितीकरण किया जाए।
  • लंबित लॉयल्टी बोनस का भुगतान किया जाए।

Key Highlights:

  • NHM के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों ने राज्यव्यापी कार्य बहिष्कार शुरू किया।
  • ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सेवाएं बंद कर विरोध प्रदर्शन किया।
  • नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और समान वेतन की मांग उठाई।
  • नई प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन नीति का विरोध।
  • सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी।
  • नई गाइडलाइन की प्रतियां जलाकर सरकार के खिलाफ जताया विरोध।
  • सिविल सर्जन को मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।

FAQ Section:

Q1. कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों ने आंदोलन क्यों शुरू किया है?

उन्होंने नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, समान वेतन और नई प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन प्रणाली को वापस लेने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया है।

Q2. आंदोलन के दौरान कौन-कौन सी सेवाएं प्रभावित हुईं?

प्रदर्शन के तहत CHOs ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार के कार्यों का बहिष्कार किया।

Q3. प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?

उनका आरोप है कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की है और कार्यभार बढ़ाकर कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव डाला है।

Q4. प्रदर्शन के दौरान क्या कदम उठाए गए?

कर्मचारियों ने नई प्रोत्साहन गाइडलाइन की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया और सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपा।

Q5. CHO एसोसिएशन की प्रमुख मांगें क्या हैं?

नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, समान कार्य के लिए समान वेतन, अलग कैडर का गठन, नई प्रोत्साहन नीति की वापसी और लॉयल्टी बोनस का भुगतान।


Conclusion:

कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों का यह आंदोलन राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाता है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। अब सभी की नजर सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी है।Screenshot_2661

Edited By: Karan Singh

खबरें और भी हैं

कॉमर्स का बढ़ा क्रेज: शहर के सरकारी कॉलेजों में BCom फिर बना छात्रों की पहली पसंद

Advertisement

नवीनतम

कॉमर्स का बढ़ा क्रेज: शहर के सरकारी कॉलेजों में BCom फिर बना छात्रों की पहली पसंद कॉमर्स का बढ़ा क्रेज: शहर के सरकारी कॉलेजों में BCom फिर बना छात्रों की पहली पसंद
शहर के सरकारी कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया के बीच BCom एक बार फिर छात्रों की पहली...
मोबाइल छोड़ें, मिट्टी से जुड़ें: PAU विशेषज्ञों की सलाह, बागवानी और खेतों की सैर से बच्चों का होगा बेहतर विकास
विदेश में नौकरी का सपना बना डरावना सच: दुबई और मस्कट में फंसी जालंधर की युवती भारत लौटी, मानव तस्करी का किया सनसनीखेज खुलासा
गोरखपुर में दिल दहला देने वाली वारदात: 16 वर्षीय किशोर पर बड़े भाई, भाभी और 3 वर्षीय भतीजे की हत्या का आरोप
NHM के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों की राज्यव्यापी हड़ताल शुरू, नियमितीकरण और वेतन वृद्धि समेत कई मांगों को लेकर किया कार्य बहिष्कार
Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software