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हरियाणा को 2047 तक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य: राज्यपाल
‘RICHES’ मॉडल के छह स्तंभों पर आधारित विकास रोडमैप; एसवाईएल नहर निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
हरियाणा के राज्यपाल अशिम कुमार घोष ने बजट सत्र के उद्घाटन पर सरकार की छह-स्तंभ आधारित ‘RICHES’ विकास रणनीति प्रस्तुत की। उन्होंने 2047 तक हरियाणा को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने, एसवाईएल नहर निर्माण और निवेश बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
रचनात्मक विचार-विमर्श, सहमति-आधारित नीति-निर्माण और लोकसेवा-आधारित सुशासन का आह्वान करते हुए हरियाणा के राज्यपाल Ashim Kumar Ghosh ने नायब सिंह सैनी सरकार के विकास के लिए छह-स्तंभ आधारित दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, जिसके प्रथम अक्षरों से ‘RICHES’ शब्द बनता है। इसका लक्ष्य 2047 तक हरियाणा को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाना है।
एसवाईएल नहर निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता
राज्यपाल ने कहा कि सरकार Sutlej-Yamuna Link Canal (एसवाईएल) के निर्माण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही, प्रधानमंत्री द्वारा घोषित यमुना एक्शन प्लान के तहत यमुना के जल की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी सरकार प्रतिबद्ध है।
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के उद्घाटन दिवस पर संबोधित करते हुए राज्यपाल ने ‘विकसित भारत’ के निर्माण में हरियाणा की अग्रणी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट-2047’ तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस दस्तावेज में ‘विकसित हरियाणा’ के निर्माण हेतु छह प्रमुख संकल्प निर्धारित किए गए हैं।
छह स्तंभों का विवरण
पहला स्तंभ: हरियाणा को 2047 तक कार्बन-नेगेटिव राज्य बनाना, जो ‘ट्रिपल-सी’ (Clean, Carbon Negative, Conducive Environment) दृष्टिकोण पर आधारित है।
दूसरा स्तंभ: वित्त और सुरक्षा ढांचे को ‘ट्रिपल-एस’ (Safe, Secure, Sustainable) नीतियों के माध्यम से सुदृढ़ करना।
तीसरा स्तंभ: ‘ट्रिपल-आई’ (AI Innovation, Inclusion, International Alignment) दृष्टिकोण से हरियाणा को वैश्विक औद्योगिक केंद्र में बदलना।
चौथा स्तंभ: कृषि और खाद्य सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करना। ‘ट्रिपल-ई’ (Equitable, Eco-friendly, Experimental farming) के तहत कृषि को जल संरक्षण, तकनीक और नवाचार से जोड़ना।
पाँचवां स्तंभ: भविष्य-उन्मुख शिक्षा और कौशल विकास। ‘ट्रिपल-आर’ (Reimagine, Redesign, Reinvest) के माध्यम से युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करना।
छठा स्तंभ: हर परिवार की समृद्धि सुनिश्चित करना। ‘ट्रिपल-एच’ (Healthy, Hopeful, Happy) दृष्टिकोण से प्रत्येक परिवार को सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और सम्मान प्रदान करना।
राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र तब मजबूत होता है जब सत्ता पक्ष और विपक्ष मिलकर कार्य करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के दृष्टिकोण को सुशासन की आधारशिला बताया।
सत्र की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ के गायन से हुई। राज्यपाल ने कहा कि देशभक्ति सार्वजनिक नीतियों में झलकनी चाहिए — गरीबों के जीवन में सुधार, किसानों की आय में वृद्धि, युवाओं को रोजगार और महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है।
उन्होंने कहा कि ‘अंत्योदय’ सरकार की नैतिक प्रतिबद्धता है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं सक्रिय रूप से लागू की जा रही हैं और ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ जैसी योजनाएं महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही हैं।
हरियाणा को “निवेशकों की पहली पसंद” बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि सरकार ‘रेड टेप’ को ‘रेड कार्पेट’ में बदल रही है, जिससे राज्य एक विश्वसनीय निवेश गंतव्य बन रहा है।
उन्होंने बताया कि नीति की स्पष्टता, मजबूत आधारभूत संरचना और सुधार-उन्मुख शासन ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है, रिकॉर्ड निवेश आकर्षित किए हैं और रोजगार सृजन में तेजी लाई है।
राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा ने 2.75 लाख करोड़ रुपये के कुल निर्यात के साथ नया रिकॉर्ड स्थापित किया है, जिसमें 1,61,707 करोड़ रुपये का मर्चेंडाइज निर्यात शामिल है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि Maruti Suzuki की 6,000 करोड़ रुपये की नई इकाई आईएमटी खरखौदा में अप्रैल 2026 से उत्पादन शुरू करेगी।
