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गुहला विधायक देवेंद्र हंस पर एफआईआर से प्रदेश में सियासी घमासान
‘झुनझुना’ सौंपने के प्रयास को लेकर मामला दर्ज, कांग्रेस ने बताया राजनीतिक बदले की कार्रवाई
गुहला के कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान एसडीएम को ‘झुनझुना’ देने के प्रयास के आरोप में दर्ज एफआईआर को लेकर प्रदेशभर में कांग्रेस नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने इसे राजनीतिक प्रेरित कदम बताते हुए सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है।
Indian National Congress के Guhla से विधायक Devender Hans के खिलाफ पिछले महीने एक प्रदर्शन के दौरान गुहला के एसडीएम Pramesh Singh को कथित रूप से ‘झुनझुना’ सौंपने के प्रयास के आरोप में दर्ज एफआईआर ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है।
कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है कि यह एफआईआर एक निर्वाचित प्रतिनिधि को डराने के उद्देश्य से दर्ज की गई, जो चीका स्थित बीडीपीओ कार्यालय परिसर में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठा रहे थे।
गुहला विधायक के समर्थन में Sirsa से कांग्रेस विधायक Gokul Setia ने एक वीडियो संदेश जारी कर पुलिस कार्रवाई के पीछे की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार उन लोगों को निशाना बना रही है जो सवाल उठाते हैं।
सेतिया ने हरियाणा के बिजली मंत्री Anil Vij से जुड़े कथित पुराने मामलों का उल्लेख करते हुए पूछा कि उन मामलों में समान कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा, “कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। हंस के खिलाफ दर्ज एफआईआर राजनीतिक प्रेरित है।”
Kaithal Police ने हंस और चार अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 126(2), 221, 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके लिए स्थानीय अदालत से अनुमति प्राप्त की गई।
इससे पहले पुलिस ने शिकायत को गैर-संज्ञेय बताया था और विस्तृत जांच की अनुमति के लिए अदालत का रुख किया था। अब कैथल पुलिस ने कहा है कि वह जांच में शामिल होने के लिए विधायक को बुलाने हेतु हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष से अनुमति मांगेगी।
यह घटना 19 जनवरी को चीका के बीडीपीओ कार्यालय में हुई थी, जहां हंस कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों के साथ सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान विधायक द्वारा एसडीएम को खिलौना सौंपने का प्रयास कथित रूप से कैमरे में कैद हो गया था और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
