विश्वविद्यालय में गांधीवादी मूल्यों पर संगोष्ठी आयोजित

कुलपति ने छात्रों से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया

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विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्र-निर्माण की प्रयोगशालाएं हैं। वक्ताओं ने महात्मा गांधी के विचारों, स्वदेशी और राष्ट्रीय शिक्षा नीति की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. Som Nath Sachdeva ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण की प्रयोगशालाएं हैं। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे Mahatma Gandhi के मूल्यों को आत्मसात करें और सामाजिक रूप से जिम्मेदार तथा संवेदनशील नागरिक बनें।

गांधीवादी आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कुलपति ने स्वदेशी, देशभक्ति, राष्ट्रीय सेवा और समाज के प्रति प्रतिबद्धता की प्रासंगिकता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि National Education Policy आत्मनिर्भरता और कौशल विकास को बढ़ावा देती है तथा इसके मूल सिद्धांत गांधीवादी दर्शन से प्रेरित हैं।

मुख्य वक्ता प्रो. Amarjit Singh, पूर्व डीन (सोशल साइंसेज), पूर्व अध्यक्ष, इतिहास विभाग और वर्तमान में Desh Bhagat University के प्रो-वाईस चांसलर, ने महात्मा गांधी के जीवन और दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने गांधीजी की कृतियों जैसे Hind Swaraj और Gita Mata का उल्लेख करते हुए भारतीय राष्ट्रवाद के दार्शनिक आधार की व्याख्या की।

प्रो. Ramendra Singh ने अपने व्यक्तिगत संस्मरण साझा करते हुए प्रो. Himmat Singh Sinha के जीवन और व्यक्तित्व में गांधीवादी मूल्यों के प्रभाव को रेखांकित किया।Screenshot_1389

Edited By: Karan Singh

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