गुरुग्राम को मिला 'टावर ऑफ जस्टिस', सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने उत्तर भारत के सबसे बड़े कोर्ट कॉम्प्लेक्स में से एक का किया उद्घाटन

करीब पांच दशक बाद जिला न्यायपालिका को मिला नया परिसर, 55 कोर्टरूम, आधुनिक सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र की भी होगी स्थापना

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गुरुग्राम की जिला न्यायपालिका ने लगभग पांच दशक बाद नए न्यायिक परिसर में प्रवेश किया। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत ने रविवार को 'टावर ऑफ जस्टिस' का उद्घाटन किया, जिसे उत्तर भारत के सबसे बड़े और आधुनिक कोर्ट कॉम्प्लेक्स में से एक माना जा रहा है।

गुरुग्राम को मिला आधुनिक 'टावर ऑफ जस्टिस'

करीब 50 वर्षों तक पुराने जिला न्यायालय परिसर से संचालित होने के बाद गुरुग्राम की जिला न्यायपालिका को नया और आधुनिक न्यायिक परिसर मिल गया है। रविवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत ने 'टावर ऑफ जस्टिस' का उद्घाटन किया।

यह न्यायिक परिसर उत्तर भारत के सबसे बड़े कोर्ट कॉम्प्लेक्स में से एक माना जा रहा है। करीब नौ वर्ष पहले इस परियोजना की घोषणा की गई थी, जबकि हाल ही में पुराने जिला न्यायालय परिसर में लगी आग की घटना के बाद इसके उद्घाटन की प्रक्रिया को और गति मिली।

नूंह के दो नए न्यायिक परिसरों की भी रखी गई आधारशिला

कार्यक्रम के दौरान सीजेआई ने वर्चुअल माध्यम से नूंह जिले के तावडू और पुन्हाना न्यायिक परिसरों की आधारशिला भी रखी।

इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, अर्जुन राम मेघवाल, राव इंद्रजीत सिंह, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस विक्रम नाथ, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ न्यायाधीश और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

निर्माण श्रमिकों का किया गया सम्मान

कार्यक्रम की एक विशेष पहल के तहत इस न्यायिक परिसर के निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

55 कोर्टरूम और आधुनिक सुविधाओं से लैस है परिसर

करीब सात एकड़ क्षेत्र में फैले इस आधुनिक न्यायिक परिसर में दो टावर बनाए गए हैं, जिनमें 55 कोर्टरूम हैं। पुराने परिसर में 45 कोर्टरूम थे।

इसके अलावा परिसर में बैंक, डाकघर, बार लाइब्रेरी, मध्यस्थता केंद्र (मेडिएशन सेंटर), वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाएं और न्यायिक रिकॉर्ड कक्ष जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

भविष्य में यहां हाईकोर्ट की निगरानी में एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (International Arbitration Centre) भी स्थापित किया जाएगा।

बढ़ते मामलों के अनुसार न्यायिक ढांचे की जरूरत: सीजेआई

सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि गुरुग्राम कृषि क्षेत्र से विकसित होकर आज ऐसा व्यावसायिक केंद्र बन चुका है, जहां फॉर्च्यून 500 की आधे से अधिक कंपनियों और 1,500 से अधिक कंपनियों एवं स्टार्टअप्स की मौजूदगी है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में गुरुग्राम की अदालतों में 24,000 से अधिक दीवानी मामले, करीब 1,000 वाणिज्यिक विवाद और परक्राम्य लिखत अधिनियम (Negotiable Instruments Act) के एक लाख से अधिक मामले लंबित हैं।

उन्होंने कहा कि किसी अदालत की वास्तविक पहचान उसकी भव्यता नहीं, बल्कि आम नागरिक तक न्याय पहुंचाने की क्षमता होती है।

'ईज ऑफ जस्टिस' भी उतना ही जरूरी: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नया न्यायिक परिसर संविधान की गरिमा और न्याय व्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है।

उन्होंने महाभारत के युधिष्ठिर-यक्ष संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परिसर गुरु द्रोणाचार्य और माता शीतला देवी की पवित्र भूमि पर बना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' महत्वपूर्ण है, उसी तरह 'ईज ऑफ जस्टिस' भी विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आवश्यक है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि पुराने न्यायिक परिसर के एक हिस्से में आधुनिक अधिवक्ता चैंबर बनाए जाएंगे।

मध्यस्थता और लोक अदालतों को बढ़ावा देने की अपील

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नए न्यायिक परिसर को अधिक सुलभ और गरिमापूर्ण न्याय व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

उन्होंने विवादों के समाधान के लिए मध्यस्थता (Mediation) और लोक अदालतों के अधिक उपयोग पर जोर दिया।


Key Highlights

  • गुरुग्राम में 'टावर ऑफ जस्टिस' का सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने उद्घाटन किया।
  • उत्तर भारत के सबसे बड़े आधुनिक न्यायिक परिसरों में शामिल।
  • दो टावरों में 55 कोर्टरूम और कई आधुनिक सुविधाएं।
  • नूंह के तावडू और पुन्हाना न्यायिक परिसरों की आधारशिला भी रखी गई।
  • निर्माण कार्य में योगदान देने वाले श्रमिकों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
  • पुराने न्यायिक परिसर में आधुनिक वकील चैंबर बनाने की घोषणा।

FAQ Section

Q1. 'टावर ऑफ जस्टिस' का उद्घाटन किसने किया?
Answer: भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत ने इसका उद्घाटन किया।

Q2. नए न्यायिक परिसर में कितने कोर्टरूम हैं?
Answer: नए परिसर में कुल 55 आधुनिक कोर्टरूम बनाए गए हैं।

Q3. परिसर में कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध हैं?
Answer: परिसर में बैंक, डाकघर, बार लाइब्रेरी, मेडिएशन सेंटर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा, रिकॉर्ड रूम तथा भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र की व्यवस्था होगी।


Conclusion

गुरुग्राम का नया 'टावर ऑफ जस्टिस' आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह परिसर न केवल न्यायिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाएगा, बल्कि बढ़ते मामलों के शीघ्र और बेहतर निस्तारण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही, यह हरियाणा की न्याय व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।Screenshot_3211

Edited By: Karan Singh

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