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हरियाणा को वर्ल्ड क्लास नॉलेज इकोनॉमी हब बनाएगी सरकार: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
जीजेयू हिसार में ₹7.58 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास, उच्च शिक्षा, शोध और कौशल विकास पर सरकार का विशेष फोकस
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार राज्य को विश्वस्तरीय नॉलेज इकोनॉमी हब बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इसके लिए नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, शोध को बढ़ावा और आधुनिक तकनीकों पर आधारित कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
'री-डिजाइन, री-इमैजिन और री-इनवेस्ट' मॉडल पर आगे बढ़ रहा हरियाणा
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार हरियाणा को विश्वस्तरीय नॉलेज इकोनॉमी हब के रूप में विकसित करने के लिए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव कर रही है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए शिक्षा तंत्र को 'री-डिजाइन, री-इमैजिन और री-इनवेस्ट' के सिद्धांतों के आधार पर पुनर्गठित किया जा रहा है।
रविवार को गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUST), हिसार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और संबद्ध कॉलेजों में व्यापक सुधार लागू किए जा चुके हैं।
₹7.58 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ₹7.58 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।इनमें ₹6 करोड़ की लागत से बनने वाले छात्रावास (गर्ल्स हॉस्टल) का शिलान्यास, ₹1.40 करोड़ की लागत से निर्मित नर्सिंग विभाग भवन का उद्घाटन तथा ₹18 लाख की लागत से बने खेजड़ली महाबलिदान स्मृति शिल्प और माता अमृता देवी सर्कल का लोकार्पण शामिल है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि विश्वविद्यालय के नर्सिंग ब्लॉक का नाम पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के नाम पर रखा जाएगा।
डिग्री नहीं, संस्कार और जिम्मेदारी भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु जम्भेश्वर महाराज की शिक्षाओं के अनुरूप सरकार मानती है कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना है जो नैतिक, संवेदनशील और सामाजिक रूप से जिम्मेदार हों।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक होना चाहिए।
शोध और नवाचार को मिलेगा अतिरिक्त प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले वर्ष हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड की स्थापना ₹20 करोड़ के बजट के साथ की थी।
उन्होंने कहा कि 2025-26 के दौरान राज्यभर के शिक्षकों और विद्यार्थियों से 350 से अधिक शोध प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से करीब 90 प्रस्तावों का चयन किया गया है।
शोध गतिविधियों को और गति देने के लिए सरकार ने चालू वित्त वर्ष में इस फंड के लिए अतिरिक्त ₹20 करोड़ की राशि भी उपलब्ध कराई है।
भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को भविष्य की चुनौतियों और वैश्विक रोजगार बाजार के लिए तैयार करने हेतु आधुनिक, कौशल आधारित और शोध केंद्रित शिक्षा प्रणाली विकसित कर रही है। इससे हरियाणा ज्ञान, नवाचार और तकनीकी विकास के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।
Key Highlights
- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा को वर्ल्ड क्लास नॉलेज इकोनॉमी हब बनाने का लक्ष्य दोहराया।
- जीजेयू हिसार में ₹7.58 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
- नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप शिक्षा सुधारों पर जोर।
- नर्सिंग ब्लॉक का नाम चौधरी भजनलाल के नाम पर रखने की घोषणा।
- हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड के लिए अतिरिक्त ₹20 करोड़ की राशि मंजूर।
FAQ Section
Q1. मुख्यमंत्री ने किस विश्वविद्यालय में कार्यक्रम को संबोधित किया?
Answer: मुख्यमंत्री ने गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUST), हिसार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।
Q2. कुल कितनी राशि की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया?
Answer: मुख्यमंत्री ने ₹7.58 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
Q3. हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड के लिए क्या घोषणा की गई?
Answer: सरकार ने चालू वित्त वर्ष में हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड के लिए अतिरिक्त ₹20 करोड़ की राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की।
Conclusion
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार शिक्षा, शोध और नवाचार को राज्य के विकास का आधार बना रही है। नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, आधुनिक अधोसंरचना, शोध को प्रोत्साहन और कौशल विकास के माध्यम से हरियाणा को वैश्विक नॉलेज इकोनॉमी हब बनाने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

