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हरियाणा को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थस्थल बनाने का प्रस्ताव, मैत्रेय ट्रस्ट ने सीएम नायब सैनी को सौंपा सुझाव
टोपरा कलां में बौद्ध स्तूप निर्माण और अशोक एडिक्ट्स पार्क परियोजना को गति देने की मांग, सांस्कृतिक पर्यटन और रोजगार बढ़ाने पर जोर
यमुनानगर स्थित गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) मैत्रेय ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव सौंपे हैं। इनमें हरियाणा को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने, टोपरा कलां में बौद्ध स्तूप के निर्माण और अशोक एडिक्ट्स पार्क परियोजना को आगे बढ़ाने की मांग की गई है।
हरियाणा को बौद्ध पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनाने की पहल
हरियाणा में बौद्ध विरासत स्थलों के संरक्षण के लिए कार्यरत यमुनानगर स्थित मैत्रेय ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव सौंपे हैं। इन प्रस्तावों में हरियाणा को एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने की मांग की गई है।
ट्रस्ट का कहना है कि इससे राज्य में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और हरियाणा की वैश्विक पहचान मजबूत होगी।
टोपरा कलां में बौद्ध स्तूप निर्माण की मांग
पहले प्रस्ताव में यमुनानगर जिले के टोपरा कलां गांव में लंबे समय से लंबित अशोक एडिक्ट्स पार्क परियोजना का उल्लेख किया गया है।ट्रस्ट ने सरकार से आग्रह किया है कि परियोजना के लिए स्वीकृत शेष राशि का उपयोग मूल योजना के तहत प्रस्तावित प्रतिकृति अशोक स्तंभ (Replica Pillar) की बजाय बौद्ध स्तूप के निर्माण में किया जाए।
₹50 करोड़ की परियोजना को पूरा करने की अपील
मैत्रेय ट्रस्ट के संस्थापक सिद्धार्थ गौरी ने बताया कि वर्ष 2014 में हरियाणा सरकार ने अशोक एडिक्ट्स पार्क परियोजना के लिए ₹50 करोड़ की घोषणा की थी।
इस राशि से पर्यटन स्वागत केंद्र, पार्किंग, पैदल मार्ग, चारदीवारी, गज़ेबो, लॉन और अन्य पर्यटक सुविधाएं विकसित की जानी थीं। हालांकि अब तक केवल ₹2 करोड़ ही जारी किए गए हैं।
जीपीआर सर्वे में मिले महत्वपूर्ण संकेत
सिद्धार्थ गौरी के अनुसार, जनवरी 2025 में किए गए ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) सर्वे में जमीन के नीचे गुंबद जैसी संरचना के संकेत मिले हैं।
उन्होंने दावा किया कि यह निष्कर्ष 19वीं शताब्दी के प्रसिद्ध पुरातत्वविद अलेक्जेंडर कनिंघम के अवलोकनों से भी मेल खाते हैं। ट्रस्ट का मानना है कि ये तथ्य इस स्थान पर बौद्ध स्तूप निर्माण की आवश्यकता को और मजबूत करते हैं।
800 वर्षों बाद बन सकता है हरियाणा का पहला बौद्ध स्तूप
प्रस्ताव के अनुसार, यदि योजना को मंजूरी मिलती है तो टोपरा कलां में लगभग 800 वर्षों बाद हरियाणा का पहला बौद्ध स्तूप बनाया जाएगा।
ट्रस्ट का कहना है कि यह स्तूप भगवान बुद्ध के इस क्षेत्र से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों को भी स्मरणीय बनाएगा और टोपरा कलां को प्रस्तावित बौद्ध सर्किट का प्रमुख केंद्र बनाने में मदद करेगा।
सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मैत्रेय ट्रस्ट का मानना है कि हरियाणा के पास समृद्ध लेकिन अपेक्षाकृत कम चर्चित बौद्ध विरासत मौजूद है। यदि इसे व्यवस्थित रूप से विकसित किया जाए तो राज्य सांस्कृतिक पर्यटन, विरासत संरक्षण, अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंधों और सतत आर्थिक विकास के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।
ट्रस्ट ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इन प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करेगी।
Key Highlights
- मैत्रेय ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव सौंपे।
- हरियाणा को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थस्थल बनाने की मांग।
- टोपरा कलां में बौद्ध स्तूप निर्माण का प्रस्ताव।
- अशोक एडिक्ट्स पार्क के लिए घोषित ₹50 करोड़ की परियोजना को पूरा करने की अपील।
- जनवरी 2025 के GPR सर्वे में गुंबद जैसी संरचना के संकेत मिलने का दावा।
FAQ Section
Q1. मैत्रेय ट्रस्ट ने सरकार को क्या प्रस्ताव दिया है?
Answer: ट्रस्ट ने हरियाणा को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने और टोपरा कलां में बौद्ध स्तूप बनाने का प्रस्ताव दिया है।
Q2. अशोक एडिक्ट्स पार्क परियोजना कहां स्थित है?
Answer: यह परियोजना यमुनानगर जिले के टोपरा कलां गांव में प्रस्तावित है।
Q3. GPR सर्वे में क्या सामने आया?
Answer: ट्रस्ट के अनुसार, जनवरी 2025 में हुए GPR सर्वे में जमीन के नीचे गुंबद जैसी संरचना के संकेत मिले हैं, जो संभावित ऐतिहासिक अवशेषों की ओर इशारा करते हैं।
Conclusion
मैत्रेय ट्रस्ट का मानना है कि यदि टोपरा कलां में प्रस्तावित बौद्ध स्तूप और अशोक एडिक्ट्स पार्क परियोजना को पूरा किया जाता है, तो हरियाणा न केवल बौद्ध पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा, बल्कि इससे सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी नई गति मिलेगी। अब इस प्रस्ताव पर राज्य सरकार के निर्णय का इंतजार है।

