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भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते और भूमि पूलिंग नीति के विरोध में किसानों का बड़ा ऐलान, 22 जुलाई को पंजाबभर के टोल प्लाजा होंगे फ्री
जम्हूरी किसान सभा ने राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की, MSP की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी और बिजली व बीज बिल 2026 वापस लेने की भी उठाई मांग।
जम्हूरी किसान सभा ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते और पंजाब सरकार की नई भूमि पूलिंग नीति के खिलाफ आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। संगठन ने 22 जुलाई को पंजाब के विभिन्न टोल प्लाजाओं पर प्रदर्शन कर आम लोगों के लिए टोल फ्री रखने की घोषणा की है।
भारत-अमेरिका FTA और भूमि पूलिंग नीति के विरोध में किसानों का आंदोलन तेज
जम्हूरी किसान सभा ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और पंजाब सरकार की नई भूमि पूलिंग नीति के खिलाफ अपने आंदोलन को तेज करने का फैसला किया है। संगठन की बैठक में 22 जुलाई को पंजाबभर के प्रमुख टोल प्लाजाओं पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया गया। इस दौरान दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक आम जनता के लिए टोल प्लाजा बिना शुल्क के खुले रहेंगे।
22 जुलाई को पंजाब के कई टोल प्लाजाओं पर होगा प्रदर्शन
बैठक को संबोधित करते हुए सभा के राज्य अध्यक्ष डॉ. सतनाम सिंह अजनाला और राज्य समिति के सदस्य कुलवंत सिंह मलूनंगल ने कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता भारतीय कृषि पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। उनका दावा है कि इससे देश की खाद्य सुरक्षा प्रभावित होगी और छोटे व्यापारियों के सामने भी आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
उन्होंने बताया कि 22 जुलाई को पंजाब के विभिन्न टोल प्लाजाओं पर किसान और मजदूर संयुक्त रूप से प्रदर्शन करेंगे। अमृतसर जिले के छीदान, जंडियाला गुरु और कठूनंगल टोल प्लाजा भी इस आंदोलन का हिस्सा होंगे।दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक टोल रहेगा फ्री
किसान नेताओं के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक संबंधित टोल प्लाजाओं पर आम लोगों से कोई टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा। संगठन का दावा है कि इस राज्यव्यापी आंदोलन में हजारों किसान और खेत मजदूर शामिल होंगे।
इन प्रमुख मांगों को लेकर होगा प्रदर्शन
सभा से जुड़े किसान नेताओं सुरजीत सिंह भूरे गिल, बलकार सिंह गुलगढ़ और राजिंदर सिंह भल्ला ने कहा कि आंदोलन के दौरान सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी जाएंगी।
किसानों की प्रमुख मांगें
- भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर पुनर्विचार।
- पंजाब सरकार की नई भूमि पूलिंग नीति वापस लेने की मांग।
- बिजली बिल और सीड बिल 2026 को वापस लिया जाए।
- किसानों और खेत मजदूरों के कर्ज माफ किए जाएं।
- बासमती सहित सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी दी जाए।
आंदोलन को लेकर तैयारियां तेज
जम्हूरी किसान सभा ने कहा कि राज्यभर में प्रदर्शन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। संगठन का दावा है कि बड़ी संख्या में किसान और खेत मजदूर इस आंदोलन में भाग लेकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाएंगे।
Key Highlights:
- जम्हूरी किसान सभा ने 22 जुलाई को राज्यव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया।
- भारत-अमेरिका FTA और पंजाब की भूमि पूलिंग नीति का विरोध।
- दोपहर 12 से 3 बजे तक कई टोल प्लाजा आम जनता के लिए टोल फ्री रहेंगे।
- MSP की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी और बिजली व सीड बिल 2026 वापस लेने की मांग।
- हजारों किसानों और मजदूरों के प्रदर्शन में शामिल होने का दावा।
FAQ Section
प्रश्न 1: किसान संगठन कब प्रदर्शन करेगा?
22 जुलाई को पंजाब के विभिन्न टोल प्लाजाओं पर प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रश्न 2: प्रदर्शन के दौरान टोल प्लाजा कितने समय तक फ्री रहेंगे?
दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक आम लोगों से टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा।
प्रश्न 3: किसान किन मुद्दों का विरोध कर रहे हैं?
भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता, पंजाब की भूमि पूलिंग नीति, बिजली बिल और सीड बिल 2026 सहित कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रश्न 4: किसानों की प्रमुख मांग क्या है?
सभी फसलों के लिए MSP की कानूनी गारंटी, किसानों और मजदूरों की कर्ज माफी तथा विवादित नीतियों और विधेयकों को वापस लेने की मांग की जा रही है।
Conclusion
जम्हूरी किसान सभा का 22 जुलाई का प्रस्तावित आंदोलन पंजाब में किसानों के प्रमुख आर्थिक और कृषि संबंधी मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और आंदोलन का क्या असर पड़ता है।

