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जीएनडीयू के 51वें दीक्षांत समारोह में 456 विद्यार्थियों को मिली डिग्रियां, राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने किया सम्मानित
चांसलर मेडल, पीएचडी और मानद उपाधियां प्रदान; राज्यपाल बोले- शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी नहीं, जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है
अमृतसर स्थित गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (GNDU) के 51वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में पंजाब के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति गुलाब चंद कटारिया ने 456 विद्यार्थियों को डिग्रियां और चांसलर मेडल प्रदान किए। समारोह में न्यूयॉर्क के वरिष्ठ अधिवक्ता जसप्रीत सिंह को मानद उपाधि (Honoris Causa) से भी सम्मानित किया गया।
जीएनडीयू के 51वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन
अमृतसर स्थित गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (GNDU) के 51वें वार्षिक दीक्षांत समारोह का आयोजन रविवार को किया गया। समारोह में पंजाब के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति गुलाब चंद कटारिया ने विद्यार्थियों को डिग्रियां और विभिन्न सम्मान प्रदान किए।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार, संवेदनशील और नैतिक नागरिक तैयार करना है जो समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान दें।
456 विद्यार्थियों को प्रदान की गई डिग्रियां
दीक्षांत समारोह में कुल 456 विद्यार्थियों को विभिन्न श्रेणियों में डिग्रियां और सम्मान प्रदान किए गए।इनमें शामिल हैं:
- 3 विद्यार्थियों को चांसलर मेडल
- 35 विद्यार्थियों को मेमोरियल मेडल
- 82 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि
- 336 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर डिग्रियां
जसप्रीत सिंह को मिली मानद उपाधि
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और कुलपति प्रो. करमजीत सिंह ने अमेरिका के न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित अधिवक्ता जसप्रीत सिंह को शिक्षा और शैक्षणिक विकास में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए 'ऑनोरिस कॉज़ा' (Honoris Causa) की मानद उपाधि प्रदान की।
1969 में गुरु नानक देव जी की 500वीं जयंती पर हुई थी विश्वविद्यालय की स्थापना
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 1969 में गुरु नानक देव जी की 500वीं जयंती के उपलक्ष्य में की गई थी।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना केवल एक शैक्षणिक संस्थान बनाने के लिए नहीं, बल्कि पंजाब और देश की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक तथा शैक्षणिक विरासत को मजबूत करने के राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक थी।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने, सामाजिक समरसता बढ़ाने और देश की आर्थिक प्रगति की मजबूत नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हरजोत सिंह बैंस ने विद्यार्थियों को दिया प्रेरणादायक संदेश
समारोह में पंजाब के उच्च शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस भी मौजूद रहे। उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी, संवेदनशीलता, अच्छे आचरण और राष्ट्र सेवा की भावना को अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की सफलता केवल उसके वेतन से नहीं, बल्कि उसके अच्छे नागरिक और बेहतर इंसान बनने से तय होती है।
बैंस ने कहा कि नवाचार की सोच रखने वाले और सीखने के लिए उत्सुक युवा ही देश की सबसे बड़ी ताकत हैं।
कई गणमान्य हस्तियां रहीं मौजूद
समारोह में अतिरिक्त प्रधान सचिव विवेक प्रताप सिंह (आईएएस) के अलावा विश्वविद्यालय की सीनेट और सिंडिकेट के सदस्य भी उपस्थित रहे।
Key Highlights
- जीएनडीयू के 51वें दीक्षांत समारोह का आयोजन अमृतसर में हुआ।
- 456 विद्यार्थियों को विभिन्न डिग्रियां और सम्मान प्रदान किए गए।
- 82 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि मिली।
- न्यूयॉर्क के अधिवक्ता जसप्रीत सिंह को Honoris Causa सम्मान दिया गया।
- राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया।
FAQ Section
Q1. जीएनडीयू के दीक्षांत समारोह में कितने विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं?
Answer: कुल 456 विद्यार्थियों को विभिन्न डिग्रियां और सम्मान प्रदान किए गए।
Q2. Honoris Causa की मानद उपाधि किसे दी गई?
Answer: न्यूयॉर्क, अमेरिका के प्रतिष्ठित अधिवक्ता जसप्रीत सिंह को Honoris Causa की मानद उपाधि प्रदान की गई।
Q3. राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने शिक्षा के बारे में क्या कहा?
Answer: उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार दिलाना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, नैतिक और संवेदनशील नागरिक तैयार करना है।
Conclusion
गुरु नानक देव विश्वविद्यालय का 51वां दीक्षांत समारोह शिक्षा, उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को समर्पित रहा। इस अवसर पर विद्यार्थियों को डिग्रियां और सम्मान प्रदान करने के साथ उन्हें समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी संदेश दिया गया। समारोह ने शिक्षा, नैतिकता और नवाचार के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया।

