आईसीएआर-एनडीआरआई पहुंचे ज्ञानदेव त्रिपाठी, क्लोनिंग और जीन एडिटिंग तकनीकों की सराहना

डेयरी क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को राष्ट्रीय योजनाओं से जोड़ने का दिया आश्वासन

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कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अतिरिक्त सचिव ज्ञानदेव त्रिपाठी ने करनाल स्थित आईसीएआर-नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (NDRI) का दौरा किया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने क्लोनिंग, जीन एडिटिंग और डेयरी नवाचारों से जुड़े महत्वपूर्ण शोध प्रस्तुत किए।

कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अतिरिक्त सचिव ज्ञानदेव त्रिपाठी ने आईसीएआर-नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (NDRI) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान की आधुनिक शैक्षणिक, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों की समीक्षा की। वैज्ञानिकों ने क्लोनिंग, जीन एडिटिंग और डेयरी नवाचारों जैसी संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों को प्रस्तुत किया।

खेल प्रेमी होने के कारण त्रिपाठी ने छात्रों के लिए शैक्षणिक उत्कृष्टता और शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले संतुलित और समग्र वातावरण उपलब्ध कराने के लिए एनडीआरआई की सराहना की।

त्रिपाठी ने इस दौरे को एक बड़ा सीखने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि वे अनुसंधान और नीति के बीच की दूरी को कम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और एनडीआरआई की आधुनिक तकनीकों तथा शोध को देश के प्रमुख डेयरी विकास कार्यक्रमों से जोड़ने का सक्रिय प्रयास करेंगे।

ज्ञानदेव त्रिपाठी ने संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। निदेशक, शिक्षकों और छात्रों की प्रतिबद्धता और समर्पण से प्रभावित होकर उन्होंने आश्वासन दिया कि परिषद एनडीआरआई को वैश्विक स्तर का संस्थान बनाने के लिए हर आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करेगी।

अपने दौरे के दौरान त्रिपाठी ने परिसर की महत्वपूर्ण सुविधाओं का निरीक्षण किया, जिनमें लाइवस्टॉक रिसर्च सेंटर (LRC), एनिमल ब्रीडिंग रिसर्च सेंटर (ABRC), अत्याधुनिक मॉडल डेयरी प्लांट और संस्थान की विस्तृत खेल सुविधाएं शामिल थीं।

दौरे के दौरान आईसीएआर-एनडीआरआई के निदेशक डॉ. धीर सिंह ने उनका स्वागत किया और डेयरी क्षेत्र में संस्थान के बहुआयामी योगदानों की विस्तृत जानकारी दी।

डॉ. सिंह ने एनडीआरआई की प्रमुख उपलब्धियों का प्रदर्शन करते हुए बताया कि संस्थान डेयरी क्षेत्र में परिवर्तन लाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने पशु जैव प्रौद्योगिकी, पशु प्रजनन में प्रगति, क्लोनिंग और जीन-संपादित पशुओं के विकास जैसी उन्नत प्रजनन तकनीकों की जानकारी दी।

उन्होंने खाद्य सुरक्षा से जुड़े नवाचारों पर भी प्रकाश डाला। इनमें दूध में मिलावट, एंटीबायोटिक एवं सूक्ष्मजीव संदूषण तथा कीटनाशक अवशेषों की पहचान के लिए तैयार किए गए त्वरित जांच किट शामिल हैं।

इसके अलावा नए डेयरी उत्पादों और पशु पोषण तकनीकों का भी प्रदर्शन किया गया, जिनका उद्देश्य पशुओं के स्वास्थ्य और उत्पादकता को बेहतर बनाना है।

डॉ. धीर सिंह ने यह भी बताया कि एनडीआरआई एक ऐसा विशिष्ट शैक्षणिक संस्थान है जो शिक्षा, अनुसंधान और डेयरी विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

 
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Edited By: Karan Singh

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