कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में बनेगी महाराणा प्रताप रिसर्च चेयर, CM नायब सैनी की घोषणा

शाहजादपुर में महाराणा प्रताप जयंती समारोह में कई विकास परियोजनाओं और संस्थानों के नामकरण की घोषणा

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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महाराणा प्रताप जयंती समारोह के दौरान कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में महाराणा प्रताप के नाम पर रिसर्च चेयर और अध्ययन केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही शाहजादपुर स्थित सरकारी महिला कॉलेज का नाम महारानी पद्मावती के नाम पर रखने और नारायणगढ़ क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये देने की भी घोषणा की गई।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज घोषणा की कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में महाराणा प्रताप के नाम पर एक रिसर्च चेयर और अध्ययन केंद्र स्थापित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि शाहजादपुर के बरागढ़ स्थित सरकारी महिला कॉलेज का नाम महारानी पद्मावती के नाम पर रखा जाएगा।

शाहजादपुर में आयोजित महाराणा प्रताप जयंती के राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये, राजपूत छात्रावास के निर्माण के लिए 31 लाख रुपये और शाहजादपुर में पक्के नाले के निर्माण की भी घोषणा की।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप की पुनर्निर्मित प्रतिमा का अनावरण भी किया। इस कार्यक्रम में मिजोरम के राज्यपाल जनरल विजय कुमार सिंह (सेवानिवृत्त) भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि महाराणा प्रताप ऐसे महान योद्धा थे जिनका नाम लेते ही हर दिल में देशभक्ति की भावना जाग उठती है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जन्म ऐसे समय में हुआ था जब भारतीय समाज अन्याय और अत्याचार के साये में था तथा हमारी गौरवशाली संस्कृति और धार्मिक भावनाओं को नष्ट करने के प्रयास किए जा रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा, “राजपूत समाज न्याय और सत्य का प्रतीक है। इस समाज ने देश को महान शासक दिए हैं। भारत की आजादी की लड़ाई और स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र की आन, बान और शान के लिए बलिदान देने वालों में इस समाज का अग्रणी स्थान रहा है। महाराणा प्रताप का जीवन हमें यह संदेश देता है कि जब तक आत्मसम्मान जीवित है, तब तक हमारी आत्मा भी जीवित रहती है।”

उन्होंने आगे कहा कि महाराणा प्रताप के सिद्धांत — देश की सभ्यता और संस्कृति को किसी भी प्रकार का नुकसान न होने देना — आज भी देश का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “उनकी वीरता से प्रेरित होकर हमारी सशस्त्र सेनाओं ने कई युद्धों में दुश्मनों को हराया है। महाराणा प्रताप के सिद्धांतों का पालन करते हुए सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ काम कर रही है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ मनाई है। आज भारत एक मजबूत राष्ट्र के रूप में उभर रहा है और पूरी दुनिया भारत की ताकत को स्वीकार कर रही है।

मिजोरम के राज्यपाल जनरल विजय कुमार सिंह ने कहा, “हमें महाराणा प्रताप के जीवन से सीख लेनी चाहिए और अपनी विरासत, संस्कृति और धर्म को कभी नहीं भूलना चाहिए। महाराणा प्रताप ने हमेशा जनता के कल्याण को प्राथमिकता दी और कभी अपने आराम या निजी हित की चिंता नहीं की। उनके आदर्शों पर चलकर ही समाज, राज्य और देश प्रगति कर सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि जिस युद्ध शैली के माध्यम से महाराणा प्रताप ने मुगलों को पराजित किया था, उसी रणनीति को बाद में छत्रपति शिवाजी महाराज ने भी अपनाया।

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Edited By: Karan Singh

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