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यमुनानगर सिविल अस्पताल में महिलाओं के लिए विशेष क्लिनिक शुरू
‘स्वस्थ नारी समृद्ध परिवार’ अभियान के तहत महिलाओं को मिलेगी अलग और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
यमुनानगर के मुकंद लाल जिला सिविल अस्पताल में महिलाओं के लिए विशेष क्लिनिक शुरू किया गया है। इस क्लिनिक में महिलाओं को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, एनीमिया, मासिक धर्म संबंधी समस्याओं तथा ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की जांच व परामर्श जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
महिलाओं के स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए यमुनानगर के मुकंद लाल जिला सिविल अस्पताल में ‘स्वस्थ नारी समृद्ध परिवार’ अभियान के तहत एक विशेष महिला क्लिनिक शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को विशेष चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना है, जिनमें विभिन्न बीमारियों की जांच, परामर्श और स्क्रीनिंग शामिल है। इन बीमारियों में हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां भी शामिल हैं।
यह क्लिनिक सिविल अस्पताल के ई-ब्लॉक परिसर में स्थापित किया गया है और इससे प्रतिदिन अस्पताल आने वाली सैकड़ों महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, क्लिनिक को विशेष रूप से इस तरह तैयार किया गया है ताकि महिलाओं को आरामदायक और अलग वातावरण में इलाज मिल सके तथा उन्हें सामान्य मरीजों के साथ लंबी कतारों में इंतजार न करना पड़े।
जानकारी के अनुसार, सिविल अस्पताल के आउट पेशेंट विभाग (ओपीडी) में प्रतिदिन लगभग 2,500 मरीज आते हैं, जिनमें करीब 1,400 महिलाएं होती हैं। अधिक भीड़ के कारण महिलाओं को डॉक्टरों से परामर्श लेने और जांच करवाने में अक्सर असुविधा होती थी। महिला क्लिनिक शुरू होने के बाद अब महिला मरीजों को जांच और उपचार के लिए अलग सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनका समय और मेहनत दोनों बचेंगे।यह क्लिनिक मुख्य रूप से महिलाओं में आम स्वास्थ्य समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करेगा। यहां ब्लड प्रेशर जांच, शुगर टेस्ट, मासिक धर्म संबंधी समस्याओं का उपचार, एनीमिया जांच और काउंसलिंग सेवाओं की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी।
परियोजना से जुड़े एक डॉक्टर ने कहा, “महिलाओं में अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की कमी अभी भी एक बड़ी चुनौती है। कई महिलाएं घरेलू जिम्मेदारियों और जानकारी के अभाव में अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे बाद में गंभीर जटिलताएं पैदा हो जाती हैं। इसलिए यह महिला क्लिनिक केवल इलाज ही नहीं करेगा, बल्कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल और समय पर जांच के प्रति जागरूकता भी फैलाएगा।”
प्रधान चिकित्सा अधिकारी (अतिरिक्त प्रभार) डॉ. सुशीला सैनी ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) डॉ. सुमिता मिश्रा और महानिदेशक (स्वास्थ्य) डॉ. मनीष बंसल के निर्देशों पर यह महिला क्लिनिक शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि क्लिनिक में केवल महिला स्टाफ और महिला डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है, ताकि महिला मरीज बिना किसी झिझक के अपनी स्वास्थ्य समस्याओं पर खुलकर चर्चा कर सकें।
डॉ. सैनी ने कहा, “महिला मरीजों के लिए क्लिनिक में विशेष व्यवस्था की गई है। इलाज या जांच के लिए आने वाली महिलाओं को अब भीड़भाड़ वाली ओपीडी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। गोपनीयता और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए अलग काउंसलिंग और स्क्रीनिंग सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।”
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। हालांकि नियमित स्क्रीनिंग के जरिए यदि इन बीमारियों का शुरुआती चरण में पता चल जाए, तो इलाज अधिक आसान और प्रभावी हो सकता है। इसलिए क्लिनिक में समय-समय पर जांच की जाएगी और महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘स्वस्थ नारी समृद्ध परिवार’ अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार पर केंद्रित है। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं में स्वच्छता, संतुलित आहार, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूकता फैलाना भी है।
अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि क्लिनिक में समय-समय पर जागरूकता सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। अस्पताल आने वाली महिलाओं को पोषण, स्वच्छता, मातृ स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम के बारे में जानकारी दी जाएगी।


