- Hindi News
- राज्य
- हरियाणा
- कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने लॉन्च किया AI आधारित जॉब फेयर प्लेटफॉर्म, छात्रों को मिलेगी बेहतर रोजगा...
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने लॉन्च किया AI आधारित जॉब फेयर प्लेटफॉर्म, छात्रों को मिलेगी बेहतर रोजगार की सुविधा
UIET ने Google Cloud और Placecom के सहयोग से शुरू किया AI-पावर्ड भर्ती मंच, 15 सितंबर तक ऑनलाइन और ऑफलाइन होगी भर्ती प्रक्रिया।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (UIET) ने Google Cloud और Placecom के सहयोग से AI आधारित जॉब फेयर प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह मंच छात्रों और कंपनियों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़कर भर्ती प्रक्रिया को अधिक आसान और प्रभावी बनाएगा।
AI आधारित जॉब फेयर प्लेटफॉर्म का शुभारंभ
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (UIET) ने Google Cloud और Placecom के सहयोग से एक AI-पावर्ड जॉब फेयर प्लेटफॉर्म शुरू किया है।
इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डेटा आधारित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से छात्रों को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
कुलपति ने किया शुभारंभ
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, Google Cloud और Placecom के अधिकारियों तथा अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में इस प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया।उन्होंने कहा कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म छात्रों और नियोक्ताओं को एक साझा मंच पर लाकर भर्ती प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा।
छात्रों को मिलेगा समान अवसर
कुलपति ने कहा कि यह पहल समावेशी (Inclusive) है और अधिक से अधिक छात्रों को रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
वर्तमान में छात्रों और कंपनियों का पंजीकरण किया जा रहा है। आवेदन की जांच और साक्षात्कार के बाद योग्य छात्रों की नियुक्ति सीधे इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस तरह के जॉब फेयर छात्रों को बेहतर करियर दिलाने के साथ-साथ उद्योगों को उपयुक्त प्रतिभा खोजने में भी मदद करेंगे।
AI करेगा रिज्यूमे का विश्लेषण
इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से छात्रों के रिज्यूमे का विश्लेषण करेगा।
AI उम्मीदवारों को निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान करेगा—
- रिज्यूमे का मूल्यांकन
- आवश्यक सुधारों के सुझाव
- उपयुक्त नौकरियों से मिलान (Job Matching)
- उद्योग की जरूरतों के अनुसार रिज्यूमे को बेहतर बनाने में सहायता
- रोजगार क्षमता (Employability) बढ़ाने में सहयोग
शिक्षा और रोजगार में AI की बढ़ती भूमिका
कुलपति प्रो. सोम नाथ सचदेवा ने कहा कि आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा और रोजगार दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी।
उन्होंने कहा कि AI पहले ही ऑनलाइन शिक्षा को मजबूत बना चुका है और भविष्य में शिक्षण, सीखने तथा भर्ती प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाएगा।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि AI मानव क्षमता का विकल्प नहीं बनेगा, बल्कि नियमित कार्यों को स्वचालित कर लोगों की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक होगा। अंतिम निर्णय और दिशा-निर्देश हमेशा मानव द्वारा ही दिए जाएंगे।
15 सितंबर तक चलेगी भर्ती प्रक्रिया
विश्वविद्यालय के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी के अनुसार AI आधारित जॉब फेयर का शुभारंभ कर दिया गया है।
पंजीकृत कंपनियां 15 सितंबर तक इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से भर्ती प्रक्रिया संचालित करेंगी।
Key Highlights:
- UIET ने Google Cloud और Placecom के साथ AI जॉब फेयर प्लेटफॉर्म लॉन्च किया।
- छात्रों और कंपनियों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाएगा।
- AI रिज्यूमे का विश्लेषण कर सुधार के सुझाव देगा।
- योग्य छात्रों की भर्ती ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से होगी।
- भर्ती प्रक्रिया 15 सितंबर तक जारी रहेगी।
- कुलपति ने AI को शिक्षा और रोजगार का भविष्य बताया।
FAQ Section:
प्रश्न 1: AI जॉब फेयर प्लेटफॉर्म किसने लॉन्च किया?
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के UIET ने Google Cloud और Placecom के सहयोग से यह प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है।
प्रश्न 2: इस प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य क्या है?
छात्रों को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाना।
प्रश्न 3: AI छात्रों की किस प्रकार मदद करेगा?
AI रिज्यूमे का विश्लेषण करेगा, सुधार के सुझाव देगा और उपयुक्त नौकरियों से उम्मीदवारों का मिलान करेगा।
प्रश्न 4: भर्ती प्रक्रिया कब तक चलेगी?
पंजीकृत कंपनियां 15 सितंबर तक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भर्ती करेंगी।
प्रश्न 5: क्या AI मानव की जगह ले लेगा?
कुलपति के अनुसार AI मानव का विकल्प नहीं, बल्कि उसकी कार्यक्षमता बढ़ाने वाला सहयोगी उपकरण है।
Conclusion:
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का AI आधारित जॉब फेयर प्लेटफॉर्म छात्रों और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह तकनीक आधारित मंच न केवल भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाएगा, बल्कि छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाकर उन्हें बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराने में भी अहम भूमिका निभाएगा।


