- Hindi News
- राज्य
- उत्तर प्रदेश
- यूपी में मानसून की मेहरबानी, 24 घंटे में बारिश का घाटा 40% से घटकर 27%; कई जिलों में रिकॉर्ड वर्षा
यूपी में मानसून की मेहरबानी, 24 घंटे में बारिश का घाटा 40% से घटकर 27%; कई जिलों में रिकॉर्ड वर्षा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहावना, छह जिलों में 100 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज, जबकि पूर्वी यूपी में अब भी बारिश की कमी बरकरार।
उत्तर प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 24 घंटों में हुई व्यापक बारिश से राज्य का कुल वर्षा घाटा 40 प्रतिशत से घटकर 27 प्रतिशत रह गया है। पश्चिमी यूपी में कई जिलों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश अभी भी सामान्य से काफी कम वर्षा का सामना कर रहा है।
24 घंटे की बारिश से मानसून ने सुधारी तस्वीर
उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई व्यापक बारिश ने मानसून की स्थिति में बड़ा सुधार किया है। राज्य में कुल वर्षा घाटा 40 प्रतिशत से घटकर 27 प्रतिशत पर आ गया है।
इस अवधि में पूरे प्रदेश में औसतन 25.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 49.5 मिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
लगातार हुई बारिश से अधिकांश जिलों में मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।1 जून से अब तक कैसा रहा मानसून?
1 जून से अब तक उत्तर प्रदेश में 117.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 160.8 मिमी होनी चाहिए थी।
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 152.5 मिमी बारिश (सामान्य 135 मिमी) – 13% अधिक
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: 93.5 मिमी बारिश (सामान्य 179.2 मिमी) – 48% कम
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पश्चिमी यूपी में मानसून सामान्य से बेहतर रहा है, जबकि पूर्वी यूपी में अभी भी वर्षा की बड़ी कमी बनी हुई है।
छह जिलों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छह जिलों में 100 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।
- बिजनौर: 151.9 मिमी
- हाथरस: 126.7 मिमी
- मुजफ्फरनगर: 114.4 मिमी
- संभल: 112.5 मिमी
- मेरठ: 106.8 मिमी
- एटा: 102.7 मिमी
नजीबाबाद में 306 मिमी बारिश, बना बड़ा रिकॉर्ड
बिजनौर जिले के नजीबाबाद में 9 जुलाई की सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 306 मिमी बारिश दर्ज की गई।
यह नजीबाबाद के इतिहास में एक दिन में दर्ज चौथी सबसे अधिक वर्षा है। वहीं, वर्ष 1952 से उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार जुलाई महीने में यह तीसरी सबसे अधिक बारिश मानी गई है।
कई जिले 'लार्ज एक्सेस' श्रेणी में पहुंचे
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आठ जिले अब 'लार्ज एक्सेस' (60 प्रतिशत या उससे अधिक अतिरिक्त वर्षा) श्रेणी में शामिल हो गए हैं।
इन जिलों में शामिल हैं—
- एटा – 151%
- संभल – 149%
- हाथरस – 125%
- मुजफ्फरनगर – 113%
- मेरठ – 112%
- फिरोजाबाद – 85%
- आगरा – 77%
- बुलंदशहर – 61%
इन जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
छह जिलों में 20 से 59 प्रतिशत तक अधिक वर्षा दर्ज की गई।
इनमें शामिल हैं—
- औरैया – 34%
- बदायूं – 46%
- बागपत – 53%
- बिजनौर – 40%
- इटावा – 46%
- ललितपुर – 31%
14 जिलों में सामान्य बारिश
राज्य के 14 जिलों में वर्षा सामान्य श्रेणी (19% अधिक से 19% कम) में रही।
इनमें चित्रकूट, फर्रुखाबाद, गोंडा, कन्नौज, महाराजगंज, अलीगढ़, बरेली, गाजियाबाद, हमीरपुर, जालौन, कासगंज, मथुरा, मुरादाबाद और शाहजहांपुर शामिल हैं।
Key Highlights:
- उत्तर प्रदेश में वर्षा घाटा 40% से घटकर 27% हुआ।
- 24 घंटे में पूरे राज्य में औसतन 25.9 मिमी बारिश दर्ज हुई।
- पश्चिमी यूपी में 13% अधिक जबकि पूर्वी यूपी में 48% कम वर्षा।
- बिजनौर, हाथरस, मेरठ सहित छह जिलों में 100 मिमी से अधिक बारिश।
- नजीबाबाद में 306 मिमी वर्षा, 1952 के बाद जुलाई की तीसरी सबसे बड़ी बारिश।
- पश्चिमी यूपी के आठ जिले 'लार्ज एक्सेस' वर्षा श्रेणी में पहुंचे।
FAQ Section:
प्रश्न 1: उत्तर प्रदेश में बारिश का घाटा कितना रह गया है?
पिछले 24 घंटों की बारिश के बाद राज्य का वर्षा घाटा 40 प्रतिशत से घटकर 27 प्रतिशत रह गया है।
प्रश्न 2: सबसे अधिक बारिश किस स्थान पर हुई?
बिजनौर जिले के नजीबाबाद में 306 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
प्रश्न 3: पश्चिमी और पूर्वी यूपी में कितनी बारिश हुई?
पश्चिमी यूपी में 49.5 मिमी और पूर्वी यूपी में 9.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
प्रश्न 4: किन जिलों में 100 मिमी से अधिक बारिश हुई?
बिजनौर, हाथरस, मुजफ्फरनगर, संभल, मेरठ और एटा में।
प्रश्न 5: पूर्वी उत्तर प्रदेश की स्थिति कैसी है?
पूर्वी उत्तर प्रदेश में अब भी सामान्य से 48 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
Conclusion:
हालिया मानसूनी बारिश ने उत्तर प्रदेश में वर्षा की कमी को काफी हद तक कम किया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अच्छी बारिश से राहत मिली है, लेकिन पूर्वी यूपी में अब भी सामान्य से काफी कम वर्षा होने के कारण आने वाले दिनों की बारिश राज्य के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।

