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लुधियाना के SI अशोक चौहान बने सोशल मीडिया स्टार, इंसानियत की मिसाल पेश कर बदल रहे पुलिस की छवि
इंस्टाग्राम पर 4.38 लाख और यूट्यूब पर 20 लाख से अधिक सब्सक्राइबर वाले ट्रैफिक पुलिस अधिकारी जरूरतमंदों की मदद कर जीत रहे लोगों का दिल।
लुधियाना ट्रैफिक पुलिस के सब-इंस्पेक्टर अशोक कुमार चौहान अपनी सामाजिक सेवा और मानवीय कार्यों के कारण सोशल मीडिया पर लाखों लोगों की प्रेरणा बन चुके हैं। जरूरतमंदों की मदद से लेकर बिछड़े लोगों को उनके परिवारों से मिलाने तक, उनकी पहल ने पुलिस की सकारात्मक छवि को मजबूत किया है।
इंसानियत की सेवा से सोशल मीडिया पर बने लोकप्रिय पुलिस अधिकारी
लुधियाना ट्रैफिक पुलिस के सब-इंस्पेक्टर (SI) अशोक कुमार चौहान अपने सामाजिक कार्यों और मानवीय व्यवहार के कारण देशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। उनके इंस्टाग्राम पर 4.38 लाख से अधिक फॉलोअर्स और यूट्यूब पर 20 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं।
वे ड्यूटी के दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद करते हुए प्रेरणादायक वीडियो साझा करते हैं, जिन्हें लाखों लोग देखते और सराहते हैं।
ड्यूटी के साथ निभा रहे समाज सेवा की जिम्मेदारी
SI अशोक चौहान अपनी सरकारी ड्यूटी के साथ-साथ समाज सेवा को भी प्राथमिकता देते हैं। वे अपनी गाड़ी में जूते, कपड़े, भोजन, हेलमेट और अन्य आवश्यक सामान रखते हैं।जब भी उन्हें कोई जरूरतमंद व्यक्ति दिखाई देता है, वे रुककर उसकी आवश्यकता के अनुसार सहायता करते हैं। कई बार वे यह मदद अपनी जेब से खर्च करके करते हैं।
उनका कहना है कि दूसरों की मदद करने से उन्हें आत्मिक संतोष मिलता है।
लाखों लोग देखते हैं उनके वीडियो
अशोक चौहान के अधिकांश वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों व्यूज हासिल करते हैं और कई वीडियो एक मिलियन से अधिक बार देखे जा चुके हैं।
उनका एक वीडियो, जिसमें उन्होंने फटे हुए जूते पहनकर चल रहे एक राहगीर को नए जूते भेंट किए थे, इंस्टाग्राम पर 1.2 करोड़ (12 मिलियन) से अधिक बार देखा गया।
सोशल मीडिया के जरिए बिछड़े लोगों को परिवार से मिलाया
SI चौहान ने बताया कि उनके वीडियो कई परिवारों के लिए उम्मीद की किरण भी बने हैं।
कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने सड़क किनारे गंभीर हालत में पड़े एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। पश्चिम बंगाल में रह रहे उस व्यक्ति के परिजनों ने वीडियो देखकर उसकी पहचान की और लुधियाना पहुंचकर उसे अपने साथ घर ले गए।
एक अन्य मामले में उनके द्वारा साझा किए गए वीडियो की मदद से कोटकपूरा का एक लापता व्यक्ति भी अपने परिवार से मिल सका।
उन्होंने कहा कि उन्हें देशभर से लोगों के फोन आते हैं और लोग उनके सामाजिक कार्यों की सराहना करते हैं। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उन्हें ऐसे कार्य जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
ईमानदारी की मिसाल बना 2010 का घटनाक्रम
अशोक चौहान ने वर्ष 2010 की एक घटना का भी उल्लेख किया। उस समय वे लुधियाना में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे।
ड्यूटी से लौटते समय उन्होंने सड़क किनारे खराब हुई कार में फंसे एक परिवार की मदद की। जब वाहन ठीक होने के बाद परिवार रवाना हो गया तो उन्हें सड़क पर सोने और हीरों से जड़ा एक कीमती हार मिला।
उन्होंने तुरंत परिवार का पीछा कर वह हार उन्हें सुरक्षित लौटा दिया। परिवार हार की कीमत और उनकी ईमानदारी देखकर बेहद भावुक हो गया।
चौहान ने कहा कि जब उस परिवार ने खाकी वर्दी को सलाम किया तो उन्हें पुलिस सेवा का वास्तविक सम्मान महसूस हुआ।
बहादुरी और सेवा के लिए मिल चुके हैं सम्मान
इस सराहनीय कार्य के लिए उन्हें 15 अगस्त 2015 को लुधियाना पुलिस की ओर से विशेष प्रशंसा सम्मान प्रदान किया गया।
इसके अलावा, वर्ष 2025 में भी उन्हें एक जलती हुई इनोवा कार में फंसे लोगों की जान बचाने के लिए लुधियाना पुलिस ने सम्मानित किया था।
Key Highlights:
- SI अशोक कुमार चौहान सोशल मीडिया पर लाखों लोगों के बीच लोकप्रिय हैं।
- इंस्टाग्राम पर 4.38 लाख और यूट्यूब पर 20 लाख से अधिक सब्सक्राइबर।
- जरूरतमंदों की अपनी जेब से भी मदद करते हैं।
- कोविड-19 के दौरान वीडियो के जरिए एक व्यक्ति को परिवार से मिलवाया।
- कोटकपूरा के लापता व्यक्ति को भी परिवार से मिलाने में मदद मिली।
- ईमानदारी और बहादुरी के लिए कई बार सम्मानित हो चुके हैं।
FAQ Section:
प्रश्न 1: SI अशोक कुमार चौहान किस विभाग में तैनात हैं?
वे लुधियाना ट्रैफिक पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
प्रश्न 2: सोशल मीडिया पर उनकी कितनी लोकप्रियता है?
उनके इंस्टाग्राम पर 4.38 लाख से अधिक फॉलोअर्स और यूट्यूब पर 20 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं।
प्रश्न 3: वे किस तरह की सामाजिक सेवा करते हैं?
वे जरूरतमंद लोगों को भोजन, कपड़े, जूते, हेलमेट और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराते हैं तथा कई बार अपनी जेब से खर्च करते हैं।
प्रश्न 4: उनके वीडियो से लोगों को क्या फायदा हुआ?
उनके वीडियो की मदद से कई लोग अपने परिवारों से दोबारा मिल सके, जिनमें कोविड-19 के दौरान एक व्यक्ति और कोटकपूरा का एक लापता व्यक्ति भी शामिल है।
प्रश्न 5: उन्हें किन उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया?
ईमानदारी, समाज सेवा और लोगों की जान बचाने जैसे सराहनीय कार्यों के लिए उन्हें लुधियाना पुलिस द्वारा कई बार सम्मानित किया गया।
Conclusion:
सब-इंस्पेक्टर अशोक कुमार चौहान ने अपनी सेवा, ईमानदारी और मानवीय सोच से यह साबित किया है कि पुलिस की भूमिका केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की सहायता और विश्वास जीतना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उनके कार्य आज हजारों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं।


