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नगर परिषद कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, शहर में जगह-जगह लगा कूड़े का ढेर
सेवा नियमित करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और समान काम के लिए समान वेतन की मांग को लेकर सफाई कर्मियों और सीवरमैन का प्रदर्शन जारी।
नगर परिषद के सफाई कर्मचारी, सीवरमैन और अन्य कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लगातार दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते शहर के कई इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दूसरे दिन भी जारी रही नगर परिषद कर्मचारियों की हड़ताल
नगर परिषद के सफाई कर्मचारी, सीवरमैन और अन्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों के काम पर न लौटने से शहर के कई इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए, जिससे सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई।
शहरवासियों को गंदगी और बदबू जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जबकि नगर परिषद की नियमित सफाई व्यवस्था भी ठप पड़ी है।
कई मांगों को लेकर कर्मचारी कर रहे प्रदर्शन
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में सफाई कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करना, पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करना और 'समान काम के लिए समान वेतन' के सिद्धांत को लागू करना शामिल है।कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
पहले भी एक महीने तक चली थी हड़ताल
इससे पहले भी सफाई कर्मचारी एक महीने से अधिक समय तक हड़ताल पर रहे थे। उस समय सरकार द्वारा उनकी कुछ मांगें मानने का आश्वासन दिए जाने के बाद आंदोलन समाप्त किया गया था।
हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि अन्य महत्वपूर्ण मांगें अब भी लंबित हैं, जिसके कारण उन्हें फिर से आंदोलन शुरू करना पड़ा।
सरकार पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान संगठन के अध्यक्ष बलविंदर सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के साथ उचित व्यवहार नहीं कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों से बेहद कम भत्तों पर काम कराया जा रहा है और उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने पंजाब सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा असर
हड़ताल के कारण नगर परिषद की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। शहर के कई सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में कूड़ा जमा होने लगा है।
यदि हड़ताल लंबी चली तो शहर में स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और बढ़ सकती हैं।
Key Highlights:
- नगर परिषद कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही।
- शहर के कई इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए।
- कर्मचारी सेवा नियमित करने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
- समान काम के लिए समान वेतन लागू करने की भी मांग।
- संगठन ने सरकार पर मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया।
- हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई।
FAQ Section:
प्रश्न 1: नगर परिषद कर्मचारियों की हड़ताल क्यों हो रही है?
कर्मचारी सेवा नियमित करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और समान काम के लिए समान वेतन जैसी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं।
प्रश्न 2: हड़ताल का शहर पर क्या असर पड़ा है?
हड़ताल के कारण शहर के कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं और सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है।
प्रश्न 3: क्या कर्मचारी पहले भी हड़ताल पर जा चुके हैं?
हाँ, इससे पहले भी कर्मचारी एक महीने से अधिक समय तक हड़ताल पर रहे थे।
प्रश्न 4: संगठन ने सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
संगठन का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है और कर्मचारियों से कम भत्तों पर काम कराया जा रहा है।
प्रश्न 5: हड़ताल कब तक जारी रहेगी?
कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
Conclusion:
नगर परिषद कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ते कूड़े के ढेर आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। अब सभी की नजर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी है, जिससे इस गतिरोध का समाधान निकल सके।


