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गुरुग्राम की DLF कॉलोनियों में 4,500 से अधिक संपत्तियां अवैध निर्माण के घेरे में, 60% प्लॉट्स पर नियमों के उल्लंघन का खुलासा
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, DLF फेज-III में सबसे ज्यादा अनियमितताएं; स्टिल्ट निर्माण, अवैध पीजी, होटल और गेस्ट हाउस बने चिंता का कारण।
गुरुग्राम की DLF फेज-I से V तक की 4,500 से अधिक संपत्तियों में भवन निर्माण और ज़ोनिंग नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, इन कॉलोनियों के करीब 60 प्रतिशत प्लॉट किसी न किसी प्रकार के नियमों के खिलाफ पाए गए हैं।
गुरुग्राम की पॉश DLF कॉलोनियों में अवैध निर्माण का बड़ा खुलासा
गुरुग्राम की प्रतिष्ठित DLF कॉलोनियों में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण और ज़ोनिंग नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TCP) विभाग द्वारा तैयार की गई सूची के अनुसार DLF फेज-I से फेज-V तक 4,500 से अधिक संपत्तियां विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं के दायरे में हैं।
अधिकारियों का अनुमान है कि इन आवासीय कॉलोनियों के लगभग 60 प्रतिशत प्लॉट भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
DLF फेज-III में सबसे ज्यादा नियमों का उल्लंघन
रिपोर्ट के अनुसार DLF फेज-III सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र के रूप में सामने आया है। कुल चिन्हित मामलों में लगभग 60 प्रतिशत उल्लंघन इसी इलाके से जुड़े हैं।यही वजह है कि हाल के दिनों में जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) द्वारा चलाए गए सीलिंग और ध्वस्तीकरण अभियान का मुख्य केंद्र DLF फेज-III रहा है।
स्टिल्ट पार्किंग पर अवैध निर्माण सबसे बड़ी समस्या
रिपोर्ट में सबसे अधिक सामने आने वाला उल्लंघन स्टिल्ट पार्किंग क्षेत्र में अवैध निर्माण का है।
अनेक प्लॉटों पर स्टिल्ट पार्किंग में अवैध कमरे बनाए गए, कट-आउट को ढक दिया गया और भवन निर्माण के दौरान निर्धारित सेटबैक नियमों का उल्लंघन किया गया।
इसी प्रकार के स्टिल्ट प्लस फोर (Stilt + 4) निर्माण को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में भी मामला विचाराधीन है।
रिहायशी इलाकों में अवैध होटल और गेस्ट हाउस
रिपोर्ट में DLF फेज-II के आकाशनीम मार्ग, जैकरांडा मार्ग और दक्षिण मार्ग क्षेत्र में कई आवासीय भवनों को होटल और गेस्ट हाउस के रूप में संचालित किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
आधिकारिक सूची में विंडसर कैसल, आहूजा रेजिडेंसी और स्टेपस्टोन होटल जैसे प्रतिष्ठानों के नाम भी दर्ज बताए गए हैं।
EWS प्लॉटों का व्यावसायिक इस्तेमाल
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आरक्षित प्लॉटों में भी बड़े पैमाने पर नियमों के उल्लंघन का खुलासा हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार सेक्टर 20, 21, 35, 50, 52, 60, 64, 73, 75, 77, 78, 79 और 80 में कई EWS प्लॉटों का उपयोग पीजी, गेस्ट हाउस, होटल, क्लाउड किचन और सैलून के रूप में किया जा रहा है।
सूची में होटल ऑरेंज इन और क्यू-स्टेज़ जैसे प्रतिष्ठानों का भी उल्लेख किया गया है।
वास्तविक संख्या इससे भी अधिक हो सकती है
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई स्थानों पर एक ही प्रविष्टि में पांच या छह प्लॉटों को एक साथ शामिल किया गया है।
ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों की वास्तविक संख्या 4,500 से भी अधिक हो सकती है।
प्रशासन की कार्रवाई पर बढ़ी निगाहें
हाल ही में जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) द्वारा कई अवैध निर्माणों के खिलाफ सीलिंग और ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया है। अब इतनी बड़ी संख्या में सामने आए मामलों के बाद प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भवन निर्माण नियमों का सख्ती से पालन नहीं कराया गया तो शहर की शहरी योजना और बुनियादी ढांचे पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।
Key Highlights
- DLF फेज-I से V तक 4,500 से अधिक संपत्तियां नियम उल्लंघन की सूची में।
- करीब 60 प्रतिशत प्लॉट भवन निर्माण या ज़ोनिंग नियमों के खिलाफ पाए गए।
- DLF फेज-III में सबसे अधिक अनियमितताएं दर्ज।
- स्टिल्ट पार्किंग में अवैध निर्माण सबसे बड़ा उल्लंघन।
- EWS प्लॉटों का पीजी, होटल और व्यावसायिक गतिविधियों में उपयोग।
- कई मामलों में वास्तविक संख्या सरकारी सूची से भी अधिक होने की आशंका।
FAQ Section
Q1. कितनी संपत्तियां नियम उल्लंघन की सूची में शामिल हैं?
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की सूची में 4,500 से अधिक संपत्तियां चिन्हित की गई हैं।
Q2. सबसे अधिक उल्लंघन किस क्षेत्र में पाए गए?
DLF फेज-III में सबसे ज्यादा भवन निर्माण और ज़ोनिंग नियमों का उल्लंघन सामने आया है।
Q3. सबसे आम प्रकार का उल्लंघन क्या है?
स्टिल्ट पार्किंग में अवैध निर्माण, सेटबैक नियमों का उल्लंघन और अवैध स्टिल्ट प्लस फोर निर्माण सबसे अधिक पाए गए हैं।
Q4. EWS प्लॉटों का किस प्रकार उपयोग किया जा रहा है?
कई EWS प्लॉटों को पीजी, होटल, गेस्ट हाउस, क्लाउड किचन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
Conclusion
गुरुग्राम की DLF कॉलोनियों में सामने आया यह खुलासा शहर की शहरी नियोजन व्यवस्था और भवन निर्माण नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 4,500 से अधिक संपत्तियों पर दर्ज उल्लंघनों के बाद प्रशासन के लिए चुनौती होगी कि वह नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करे और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करे।

