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हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी, 11वीं-12वीं के 26% से अधिक पद खाली
समग्र शिक्षा योजना की समीक्षा रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर हर चार में से एक शिक्षक का पद रिक्त; सरकार से जल्द भर्ती पूरी करने के निर्देश।
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी लगातार बढ़ रही है। समग्र शिक्षा योजना की 2026-27 समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, 11वीं और 12वीं कक्षाओं के लिए स्वीकृत 26 प्रतिशत से अधिक शिक्षक पद खाली हैं। रिपोर्ट में सरकार को जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी करने और आरटीई मानकों का पालन सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी बड़ी चुनौती
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। समग्र शिक्षा (Samagra Shiksha) के तहत वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट (Annual Work Plan and Budget) की समीक्षा में सामने आया है कि वरिष्ठ माध्यमिक स्तर (कक्षा 11वीं और 12वीं) के 26.2 प्रतिशत शिक्षक पद अभी भी खाली पड़े हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, स्वीकृत 21,311 पदों में से 5,573 पदों पर अब तक नियुक्ति नहीं हो सकी है, जिससे छात्रों की पढ़ाई और शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर भी हजारों पद रिक्त
रिपोर्ट में केवल वरिष्ठ माध्यमिक स्तर ही नहीं, बल्कि अन्य कक्षाओं में भी शिक्षकों की कमी उजागर हुई है।रिक्त पदों की स्थिति
- कक्षा 1 से 8: 60,396 स्वीकृत पदों में से 8,449 पद (14%) खाली।
- कक्षा 9 और 10: 19,792 स्वीकृत पदों में से 2,413 पद (12.2%) रिक्त।
- कक्षा 11 और 12: 21,311 स्वीकृत पदों में से 5,573 पद (26.2%) खाली।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती रिक्तियां शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के सीखने के स्तर पर सीधा असर डाल सकती हैं।
भर्ती प्रक्रिया तेज करने के निर्देश
प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (PAB) ने इतनी बड़ी संख्या में रिक्त पदों पर चिंता जताते हुए हरियाणा सरकार को जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी है।
बैठक के दौरान हरियाणा के स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया ने बोर्ड को बताया कि भर्ती प्रक्रिया जारी है और सभी रिक्त पद जल्द भर दिए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि पीएबी की सिफारिशों के आधार पर जल्द ही कार्यान्वयन योजना लागू की जाएगी।
एकल शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या भी बढ़ी
रिपोर्ट के अनुसार राज्य में केवल एक शिक्षक वाले सरकारी प्राथमिक स्कूलों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
- 2023-24: 696 स्कूल
- 2024-25: 968 स्कूल
यानी राज्य के लगभग 11 प्रतिशत सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में केवल एक शिक्षक के भरोसे पढ़ाई संचालित हो रही है।
आरटीई मानकों पर भी उठे सवाल
रिपोर्ट में बताया गया कि प्रतिकूल छात्र-शिक्षक अनुपात (Pupil-Teacher Ratio) वाले प्राथमिक स्कूलों का प्रतिशत भी 21.5 प्रतिशत से बढ़कर 22.1 प्रतिशत हो गया है।
पीएबी ने राज्य सरकार को विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने और सभी स्तरों पर शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में भी भारी कमी
शिक्षक तैयार करने वाले संस्थानों में भी कर्मचारियों की भारी कमी सामने आई है।
- राज्य के 21 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) में रिक्तियां बढ़कर 62 प्रतिशत पहुंच गई हैं।
- वहीं राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) में रिक्तियां घटकर 33 प्रतिशत रह गई हैं, जो पिछले वर्ष 49 प्रतिशत थीं।
पीएबी ने योग्य शिक्षक प्रशिक्षकों की नियुक्ति या प्रतिनियुक्ति के माध्यम से इन पदों को जल्द भरने की सिफारिश की है।
कम छात्र संख्या और स्कूलों की पहुंच भी बनी चुनौती
रिपोर्ट में कम छात्र संख्या वाले सरकारी स्कूलों की बढ़ती संख्या पर भी चिंता जताई गई।
सरकार ने बताया कि क्लस्टर स्कूलों को मजबूत किया जा रहा है और छात्रों को निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि इस समस्या का समाधान किया जा सके।
कई गांवों में अब भी स्कूल नहीं
रिपोर्ट के अनुसार राज्य में अब भी कई गांव ऐसे हैं जहां विभिन्न स्तरों के स्कूल उपलब्ध नहीं हैं।
- 63 बस्तियों में प्राथमिक विद्यालय नहीं।
- 112 क्षेत्रों में उच्च प्राथमिक विद्यालय नहीं।
- 132 गांवों में माध्यमिक विद्यालय नहीं।
- 215 गांवों में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नहीं।
Key Highlights
- हरियाणा में 11वीं-12वीं के 26.2% शिक्षक पद खाली।
- प्राथमिक स्तर पर 8,449 और माध्यमिक स्तर पर 2,413 पद रिक्त।
- एकल शिक्षक वाले सरकारी स्कूलों की संख्या बढ़कर 968 हुई।
- आरटीई मानकों के पालन को लेकर पीएबी ने जताई चिंता।
- सरकार ने जल्द भर्ती पूरी करने का भरोसा दिया।
- DIET संस्थानों में 62% पद खाली।
FAQ Section
Q1. हरियाणा में सबसे अधिक शिक्षक पद किस स्तर पर खाली हैं?
वरिष्ठ माध्यमिक (11वीं और 12वीं) स्तर पर 26.2 प्रतिशत शिक्षक पद रिक्त हैं।
Q2. कितने प्राथमिक स्कूलों में केवल एक शिक्षक है?
राज्य के 968 सरकारी प्राथमिक स्कूलों में केवल एक शिक्षक कार्यरत है।
Q3. पीएबी ने सरकार को क्या निर्देश दिए?
रिक्त पदों पर जल्द भर्ती, आरटीई मानकों का पालन और शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में नियुक्तियां तेज करने की सलाह दी गई है।
Q4. क्या सरकार ने भर्ती का आश्वासन दिया है?
हाँ। स्कूल शिक्षा विभाग ने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया जारी है और रिक्तियां जल्द भर दी जाएंगी।
Conclusion
समग्र शिक्षा योजना की समीक्षा रिपोर्ट ने हरियाणा की सरकारी शिक्षा व्यवस्था की कई चुनौतियों को उजागर किया है। शिक्षकों की बड़ी संख्या में रिक्तियां, एकल शिक्षक वाले स्कूलों में बढ़ोतरी और आरटीई मानकों से जुड़ी कमियां राज्य सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। यदि समय रहते भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो इसका सीधा असर छात्रों की शिक्षा और सीखने की गुणवत्ता पर पड़ सकता है।

