कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 24-25 सितंबर को होगा राष्ट्रीय सेमिनार, विकसित भारत-2047 पर होगा मंथन

वीसी सोम नाथ सचदेवा ने जारी किया सेमिनार का ब्रोशर, नागरिक-केंद्रित शासन और अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुंच पर विशेषज्ञ करेंगे चर्चा

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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग की ओर से 24 और 25 सितंबर को ‘विकसित भारत: 2047’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया जाएगा। इसमें सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस और नागरिक सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में ‘विकसित भारत: 2047’ के लक्ष्य को लेकर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग की ओर से 24 और 25 सितंबर को ‘Viksit Bharat: 2047 – New Paradigms in Governance, Empowering Citizens and Reaching the Last Mile’ विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। कुलपति सोम नाथ सचदेवा ने सेमिनार का ब्रोशर जारी किया।

विकसित भारत के लक्ष्य में सुशासन की अहम भूमिका

इस अवसर पर कुलपति सोम नाथ सचदेवा ने कहा कि विकसित भारत-2047 का विजन देश की स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ तक भारत को विकसित, समावेशी, नवोन्मेषी और टिकाऊ राष्ट्र बनाने के संकल्प को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक प्रभावी ढंग से सरकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है, खासकर समाज के उन वर्गों तक जो विकास की मुख्यधारा से अंतिम छोर पर जुड़े हैं।

उन्होंने कहा कि लोक प्रशासन विभाग की ओर से चुना गया सेमिनार का विषय मौजूदा समय में बेहद प्रासंगिक और राष्ट्रीय महत्व का है। इससे शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं को शासन व्यवस्था के नए आयामों पर विचार करने तथा नई दिशा तय करने का अवसर मिलेगा।

डिजिटल तकनीक से सेवा वितरण में बढ़ी पारदर्शिता

कुलपति ने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), आधार आधारित सेवाओं, डिजिटल इंडिया मिशन, UPI और ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म जैसी डिजिटल पहलों ने सरकारी सेवाओं के वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने में अहम योगदान दिया है। इन पहलों से योजनाओं में होने वाली लीकेज को कम करने में भी मदद मिली है।

उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम, जल जीवन मिशन, पीएम गति शक्ति, आयुष्मान भारत, पीएम जन धन योजना, पीएम विश्वकर्मा और मिशन कर्मयोगी जैसे कार्यक्रम समावेशी विकास और प्रभावी शासन के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

नागरिक सशक्तिकरण का दायरा हुआ व्यापक

कुलसचिव लेफ्टिनेंट वीरेंद्र पाल ने कहा कि आज नागरिक सशक्तिकरण केवल कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है। इसमें डिजिटल साक्षरता, वित्तीय समावेशन, निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी शामिल है।

उन्होंने उद्यमिता, लैंगिक समानता तथा पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के माध्यम से विकेंद्रीकृत शासन को भी नागरिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

30 से अधिक उप-विषयों पर होगा मंथन

सेमिनार के निदेशक एवं लोक प्रशासन विभाग के अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय सेमिनार में 30 से अधिक उप-विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

प्रमुख चर्चा के विषय

  • नागरिक-केंद्रित शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण
  • डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्मार्ट गवर्नेंस
  • सुशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिकता
  • सहकारी एवं प्रतिस्पर्धी संघवाद
  • पंचायती राज और स्थानीय स्वशासन
  • शहरी शासन और स्मार्ट सिटी

Key Highlights:

• कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 24-25 सितंबर को दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार होगा।
• लोक प्रशासन विभाग की ओर से सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है।
• कुलपति सोम नाथ सचदेवा ने ब्रोशर जारी किया।
• विकसित भारत-2047, सुशासन और नागरिक सशक्तिकरण पर चर्चा होगी।
• आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ई-गवर्नेंस और स्मार्ट गवर्नेंस भी प्रमुख विषय रहेंगे।
• सेमिनार में 30 से अधिक उप-विषयों पर विचार-विमर्श प्रस्तावित है।

FAQ Section:

Q1. कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का राष्ट्रीय सेमिनार कब आयोजित होगा?
Ans. राष्ट्रीय सेमिनार 24 और 25 सितंबर को आयोजित किया जाएगा।

Q2. सेमिनार का मुख्य विषय क्या है?
Ans. सेमिनार का विषय ‘Viksit Bharat: 2047 – New Paradigms in Governance, Empowering Citizens and Reaching the Last Mile’ है।

Q3. सेमिनार का आयोजन कौन कर रहा है?
Ans. कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का लोक प्रशासन विभाग इस राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन कर रहा है।

Q4. सेमिनार में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
Ans. नागरिक-केंद्रित शासन, ई-गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पारदर्शिता, जवाबदेही, पंचायती राज, स्थानीय स्वशासन और शहरी शासन समेत 30 से अधिक उप-विषयों पर चर्चा होगी।

Conclusion:

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का यह राष्ट्रीय सेमिनार विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में शासन व्यवस्था, तकनीक और नागरिक भागीदारी की भूमिका पर विचार-विमर्श का मंच बनेगा। इसमें शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं के बीच सुशासन और अंतिम छोर तक सरकारी सेवाओं की पहुंच को लेकर नए विचार सामने आने की उम्मीद है।Screenshot_1334

Edited By: Atul Sharma

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