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‘रबर स्टैंप CM’ से BJP के विकास मॉडल के चेहरे तक, नायब सिंह सैनी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
खास बातचीत में हरियाणा CM ने गुरुग्राम की चुनौतियों, अधिकारियों की जवाबदेही, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, औद्योगिक विकास और राव इंद्रजीत सिंह से रिश्तों पर खुलकर बात की
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने करीब दो साल के कार्यकाल, गुरुग्राम की शहरी चुनौतियों और सरकार की कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य जवाबदेही, प्रदर्शन और परिणामों पर आधारित प्रशासन तैयार करना है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अब उस शुरुआती दौर की ‘रबर स्टैंप CM’ वाली छवि से आगे बढ़कर अपनी सरकार के फैसलों और विकास मॉडल की जिम्मेदारी खुलकर उठा रहे हैं। करीब दो साल के कार्यकाल के दौरान सैनी ने प्रशासनिक जवाबदेही, गुरुग्राम की नागरिक समस्याओं, औद्योगिक विकास और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को अपनी प्राथमिकताओं में रखा है।
The Tribune को दिए एक बेबाक इंटरव्यू में मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम की बदहाल नागरिक सुविधाओं से लेकर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, अधिकारियों की जवाबदेही, IDFC-AU Bank मामले और दक्षिण हरियाणा की राजनीति तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
गुरुग्राम को ‘अर्बन फेल्योर स्टोरी’ मानने से CM का इनकार
गुरुग्राम को देश की ‘अर्बन फेल्योर स्टोरी’ बताए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस धारणा को खारिज किया। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम भारत के सबसे बड़े आर्थिक और रोजगार केंद्रों में से एक है और वैश्विक निवेश के लिए भी महत्वपूर्ण गंतव्य है।मुख्यमंत्री के मुताबिक तेजी से हुए शहरीकरण ने ट्रैफिक, ड्रेनेज, सड़कों, प्रदूषण और नागरिक बुनियादी ढांचे से जुड़ी चुनौतियां पैदा की हैं। सरकार इन समस्याओं को व्यवस्थित तरीके से दूर करने पर काम कर रही है।
गुरुग्राम को आर्थिक ताकत बनाने का दावा
सैनी ने कहा कि सरकार गुरुग्राम को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ एक आर्थिक पावरहाउस के रूप में विकसित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार का आकलन केवल मौजूदा समस्याओं से नहीं, बल्कि शहर में हो रहे बदलावों से किया जाना चाहिए।
डिजिटल मॉनिटरिंग से अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की तैयारी
सरकार की ओर से परियोजनाओं में देरी की निगरानी के लिए साप्ताहिक समीक्षा, मुख्यमंत्री स्तर पर जांच और डिजिटल डैशबोर्ड शुरू किए गए हैं।
सैनी ने कहा कि जवाबदेही तभी प्रभावी होगी, जब उसे मापा जा सके और खराब प्रदर्शन के परिणाम भी सामने आएं।
उनके अनुसार तकनीक की मदद से यह पता लगाया जा सकता है कि कोई परियोजना किस स्तर पर अटकी है, देरी किस कारण से हुई है और इसके लिए कौन सा विभाग या अधिकारी जिम्मेदार है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी, वित्तीय या प्रक्रियागत वास्तविक कठिनाइयों को दूर किया जाएगा, लेकिन अनावश्यक देरी, लापरवाही और काम न करने को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अधिकारियों को आवश्यक सहयोग देगी, लेकिन जिम्मेदारी एक टेबल से दूसरी टेबल पर डालने की संस्कृति खत्म करनी होगी। सरकार प्रदर्शन, जिम्मेदारी और परिणामों पर आधारित कार्यसंस्कृति विकसित करना चाहती है।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर क्या बोले CM?
गुरुग्राम और फरीदाबाद में सफाई कर्मचारियों की बार-बार होने वाली हड़ताल और उससे पैदा होने वाले संकट पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सफाई कर्मचारियों को किसी ‘वोट बैंक’ के नजरिए से नहीं देखते।
उन्होंने सफाई कर्मचारियों को कार्यबल का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि कर्मचारियों ने सरकार के सामने 13 मांगें रखी थीं, जिनमें से 12 को स्वीकार कर लिया गया है।
स्थायी दर्जे की मांग पर कानूनी पेंच
सैनी ने बताया कि कर्मचारियों को स्थायी दर्जा देने की मांग कानूनी और वैधानिक मुद्दों से जुड़ी है। सरकार इस पर विचार कर रही है कि इस दिशा में क्या कदम उठाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी स्थायी व्यवस्था बनाना है, जिससे हर साल हड़ताल की स्थिति पैदा होकर शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो।
IDFC-AU Bank मामले में पारदर्शिता पर जोर
IDFC-AU Bank से जुड़े कथित घोटाले और उस पर सरकार की कार्रवाई के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी गड़बड़ी के आरोप होंगे, वहां पारदर्शिता और जवाबदेही से समझौता नहीं किया जाएगा।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केवल आरोपों के आधार पर किसी जांच के नतीजे को पहले से तय नहीं किया जा सकता।
सैनी के अनुसार, जहां सरकार के अधिकार क्षेत्र में मामला आता है, वहां गड़बड़ी साबित होने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई किसी वरिष्ठ अधिकारी, निजी संस्था या किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी हो सकती है।
औद्योगिक विकास के साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर
हरियाणा सरकार राज्य को औद्योगिक और निर्यात क्षेत्र में आगे ले जाने की बात करती रही है। वहीं गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और प्रदूषण की समस्याएं लगातार चुनौती बनी हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी निवेशक केवल एक सुविधा को नहीं देखता, बल्कि कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल मानव संसाधन, कानून-व्यवस्था, कारोबार करने में आसानी और प्रशासनिक व्यवस्था समेत पूरे इकोसिस्टम का आकलन करता है।
युवाओं के पलायन को रोकने की योजना
सैनी ने कहा कि आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे का विस्तार साथ-साथ होना चाहिए। सरकार सड़क, कनेक्टिविटी, परिवहन और ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार अधिक IMT औद्योगिक टाउनशिप भी विकसित कर रही है, ताकि युवाओं को रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन न करना पड़े।
राव इंद्रजीत सिंह और अहीरवाल क्षेत्र पर CM ने दिया जवाब
दक्षिण हरियाणा में राव इंद्रजीत सिंह और अहीरवाल खेमे के साथ कथित राजनीतिक खींचतान को लेकर सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह पार्टी के सम्मानित नेता हैं और लंबे समय से पार्टी से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने दक्षिण हरियाणा के विकास में राव इंद्रजीत सिंह के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।
सैनी ने कहा कि मतभेद या किसी नेता के अलग कार्यक्रम को संगठन के भीतर संघर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
जातीय राजनीति के बजाय क्षेत्रीय विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास को जाति या व्यक्तिगत राजनीति के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी जिम्मेदारी हर क्षेत्र के प्रति है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और अहीरवाल क्षेत्र को सरकार का पूरा ध्यान मिलेगा।
पंजाब में BJP के स्टार प्रचारक बनने पर क्या बोले सैनी?
इंटरव्यू में मुख्यमंत्री से यह भी पूछा गया कि वह पंजाब में BJP के स्टार प्रचारक के तौर पर सक्रिय हैं और यह हरियाणा के किसी मुख्यमंत्री के लिए अपेक्षाकृत दुर्लभ राजनीतिक पहुंच है।
यह सवाल भी उठाया गया कि पार्टी हाईकमान अब उन्हें शुरुआती दौर में लगाए गए ‘रबर स्टैंप’ के टैग के मुकाबले किस रूप में देखता है।
उपलब्ध बातचीत के इस हिस्से में मुख्यमंत्री के जवाब का अगला अंश शामिल नहीं है। इसलिए इस सवाल पर उनकी विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध सामग्री के आधार पर नहीं दी जा सकती।
Key Highlights:
- नायब सिंह सैनी ने अपने करीब दो साल के कार्यकाल पर खुलकर बात की।
- CM ने गुरुग्राम को ‘अर्बन फेल्योर स्टोरी’ मानने से इनकार किया।
- गुरुग्राम को आर्थिक और रोजगार का बड़ा केंद्र बताया।
- परियोजनाओं की निगरानी के लिए डिजिटल डैशबोर्ड और CM स्तर की समीक्षा पर जोर।
- अधिकारियों की लापरवाही और अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं करने की बात कही।
- सफाई कर्मचारियों की 13 में से 12 मांगें स्वीकार किए जाने का दावा।
- स्थायी दर्जे की मांग को कानूनी और वैधानिक मुद्दा बताया।
- IDFC-AU Bank मामले में जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष न निकालने की बात कही।
- गुरुग्राम और फरीदाबाद के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर।
- राव इंद्रजीत सिंह को सम्मानित BJP नेता बताते हुए राजनीतिक मतभेदों को संगठनात्मक संघर्ष मानने से इनकार।
- अहीरवाल क्षेत्र को सरकार का पूरा ध्यान मिलने का भरोसा दिया।
FAQ Section:
Q1. नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम को ‘अर्बन फेल्योर स्टोरी’ मानने से इनकार किया। उन्होंने इसे भारत के प्रमुख आर्थिक और रोजगार केंद्रों में से एक बताया।
Q2. अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए हरियाणा सरकार क्या कर रही है?
सरकार ने साप्ताहिक समीक्षा, मुख्यमंत्री स्तर पर परियोजनाओं की निगरानी और डिजिटल डैशबोर्ड जैसी व्यवस्थाएं शुरू की हैं।
Q3. सफाई कर्मचारियों की कितनी मांगें स्वीकार की गई हैं?
मुख्यमंत्री के अनुसार, कर्मचारियों ने 13 मांगें रखी थीं, जिनमें से 12 को सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
Q4. सफाई कर्मचारियों को स्थायी दर्जा देने पर सरकार का क्या रुख है?
सैनी ने कहा कि यह मांग कानूनी और वैधानिक मुद्दों से जुड़ी है और सरकार इस पर विचार कर रही है।
Q5. राव इंद्रजीत सिंह को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
सैनी ने राव इंद्रजीत सिंह को पार्टी का सम्मानित और लंबे समय से जुड़ा नेता बताया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग कार्यक्रमों या मतभेदों को संगठनात्मक संघर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
Q6. गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए सरकार की क्या योजना है?
सरकार सड़क, कनेक्टिविटी, परिवहन और ड्रेनेज सहित बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ अधिक IMT औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने पर जोर दे रही है।
Conclusion:
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के इंटरव्यू से साफ है कि उनकी सरकार प्रशासनिक जवाबदेही, शहरी बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को लेकर अपनी कार्यप्रणाली को मजबूती से पेश करना चाहती है। गुरुग्राम की समस्याओं को स्वीकार करते हुए उन्होंने शहर के आर्थिक महत्व पर जोर दिया। वहीं सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, अधिकारियों की जवाबदेही और दक्षिण हरियाणा की राजनीति जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने सरकार का रुख स्पष्ट किया।
