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RSS सिख धर्म को अलग धर्म मानता है, मोहन भागवत के लंदन गुरुद्वारा दौरे पर सवाल गलत: विक्रमजीत सिंह साहनी
बीजेपी नेता ने कहा- गुरु साहिबान ने ‘सरबत दा भला’ का संदेश दिया, मतभेदों का समाधान आक्रोश नहीं बल्कि संवाद से होना चाहिए
बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के लंदन स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारे के दौरे का बचाव किया। उन्होंने कहा कि आरएसएस सिख धर्म को अलग धर्म मानता है।
बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के लंदन स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारे के दौरे को लेकर उठे सवालों पर प्रतिक्रिया दी। साहनी ने कहा कि आरएसएस सिख धर्म को अलग धर्म और विशिष्ट पहचान वाला धर्म मानता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की ओर से भागवत के गुरुद्वारा दौरे पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
साहनी ने कहा कि वह मोहन भागवत के लंदन के ऐतिहासिक गुरुद्वारे में जाने को लेकर एक छोटे वर्ग की ओर से जताए गए आक्रोश से बेहद दुखी हैं। उनके अनुसार, भागवत एक श्रद्धालु के रूप में गुरुद्वारे पहुंचे, उन्होंने रुमाला साहिब भेंट किया, अरदास की, कड़ा प्रसाद ग्रहण किया और गुरुद्वारा प्रबंधन के साथ सिख इतिहास एवं धार्मिक परंपराओं को लेकर बातचीत की।
‘गुरु के दरबार में हर श्रद्धालु का स्वागत’
विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि सिख गुरुओं ने ‘सरबत दा भला’ का संदेश दिया है। गुरु के दरबार में आस्था के साथ आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत किया जाता है।उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे को लेकर मतभेद हों तो उनका समाधान आक्रोश या विरोध के बजाय संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी के दरबार साहिब दौरे का दिया उदाहरण
साहनी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के श्री दरबार साहिब दौरे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अतीत और 1984 के सिख नरसंहार से जुड़ी पीड़ादायक स्मृतियों के बावजूद राहुल गांधी को श्रद्धालु के रूप में दरबार साहिब में प्रवेश करने, प्रार्थना करने और सेवा करने की अनुमति दी गई थी।
उन्होंने इसे सिख परंपरा की व्यापकता और सभी श्रद्धालुओं के लिए खुलेपन से जोड़ते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों पर आस्था के साथ आने वालों के प्रति इसी भावना को बनाए रखा जाना चाहिए।
RSS के रुख का किया जिक्र
बीजेपी नेता ने ‘द ट्रिब्यून’ के 17 जनवरी 2001 के प्रकाशन का हवाला देते हुए कहा कि आरएसएस ने सिख धर्म को अलग धर्म और विशिष्ट पहचान के साथ मान्यता देने की बात स्पष्ट रूप से कही थी।
साहनी ने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी इस रुख को दोहराया था। उन्होंने बताया कि भागवत ने इस वर्ष फरवरी में लुधियाना में सिख धर्म की अलग पहचान को लेकर बात कही थी।
लंदन में तिरंगे के अपमान पर भी जताई चिंता
साहनी ने लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर भारतीय तिरंगे के अपमान पर भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि देश के राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान हर भारतीय के लिए महत्वपूर्ण है।
Key Highlights:
• बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने मोहन भागवत के लंदन गुरुद्वारा दौरे का बचाव किया।
• साहनी के मुताबिक, RSS सिख धर्म को अलग धर्म मानता है।
• उन्होंने कहा कि भागवत श्रद्धालु के रूप में गुरुद्वारे गए और धार्मिक मर्यादाओं के अनुसार गतिविधियों में शामिल हुए।
• साहनी ने सिख गुरुओं के ‘सरबत दा भला’ के संदेश का उल्लेख किया।
• उन्होंने मतभेदों का समाधान संवाद के जरिए करने की अपील की।
• राहुल गांधी के श्री दरबार साहिब दौरे का उदाहरण भी दिया।
• लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर तिरंगे के कथित अपमान पर भी चिंता जताई।
FAQ Section:
Q1. विक्रमजीत सिंह साहनी ने मोहन भागवत के दौरे पर क्या कहा?
Ans. उन्होंने कहा कि मोहन भागवत श्रद्धालु के रूप में लंदन के ऐतिहासिक गुरुद्वारे गए थे और उनके दौरे पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
Q2. साहनी ने RSS और सिख धर्म को लेकर क्या दावा किया?
Ans. उन्होंने कहा कि RSS सिख धर्म को अलग धर्म और विशिष्ट पहचान वाला धर्म मानता है।
Q3. मोहन भागवत ने लंदन गुरुद्वारे में क्या किया?
Ans. साहनी के अनुसार, उन्होंने रुमाला साहिब भेंट किया, प्रार्थना की, कड़ा प्रसाद ग्रहण किया और गुरुद्वारा प्रबंधन से सिख इतिहास व धार्मिक परंपराओं पर बातचीत की।
Q4. साहनी ने राहुल गांधी के किस दौरे का उल्लेख किया?
Ans. उन्होंने श्री दरबार साहिब में राहुल गांधी के दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें श्रद्धालु के रूप में प्रार्थना और सेवा करने की अनुमति दी गई थी।
Conclusion:
मोहन भागवत के लंदन गुरुद्वारा दौरे को लेकर उठे विवाद के बीच विक्रमजीत सिंह साहनी ने इसे सिख परंपराओं और धार्मिक खुलेपन के संदर्भ में देखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक मतभेदों का समाधान टकराव के बजाय संवाद से होना चाहिए।
