पंजाब के क्रिकेट में परिवार का दम, चार चचेरे भाइयों ने T20 में बनाई खास पहचान

अनमोलप्रीत, रामांदीप, प्रभसिमरन और तेजप्रीत सिंह ने बचपन में साथ खेला क्रिकेट, अब शेर-ए-पंजाब लीग में एक साथ दिखा रहे प्रतिभा

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पंजाब की समृद्ध खेल संस्कृति में क्रिकेट का नया अध्याय चार चचेरे भाइयों ने जोड़ा है। पटियाला से ताल्लुक रखने वाले अनमोलप्रीत, रामांदीप, प्रभसिमरन और तेजप्रीत सिंह T20 क्रिकेट में अपनी पहचान बना रहे हैं।

पंजाब की खेल संस्कृति समय के साथ लगातार बदल रही है। पारंपरिक खेलों के साथ आधुनिक खेलों में भी राज्य के खिलाड़ी अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। क्रिकेट के सबसे तेज और लोकप्रिय प्रारूप T20 में पटियाला से जुड़े चार चचेरे भाइयों—अनमोलप्रीत सिंह, रामांदीप सिंह, प्रभसिमरन सिंह और तेजप्रीत सिंह—ने परिवार के साथ खेलते हुए सफलता की नई कहानी लिखी है।

चारों खिलाड़ी इस समय चल रही शेर-ए-पंजाब लीग में एक साथ मैदान पर नजर आ रहे हैं। बचपन में एक ही घर के आंगन में क्रिकेट खेलने से शुरू हुआ सफर अब पेशेवर क्रिकेट तक पहुंच चुका है।

बचपन की क्रिकेट ने बनाया मजबूत रिश्ता

अनमोलप्रीत और तेजप्रीत सगे भाई हैं, जबकि प्रभसिमरन और रामांदीप भी इसी संयुक्त परिवार का हिस्सा रहे हैं। चारों ने बचपन से एक-दूसरे के साथ क्रिकेट खेला और एक-दूसरे की प्रतिभा से सीखते हुए आगे बढ़े।

सबसे छोटे तेजप्रीत सिंह ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि जब वह करीब 10 साल के थे, तब अनमोलप्रीत क्रिकेट खेलना शुरू कर चुके थे। उनके मुताबिक, अनमोलप्रीत उनके लिए ‘सचिन तेंदुलकर’ जैसे थे। प्रभसिमरन और वह उन्हें खेलते देखते थे और उनका प्रभाव उन्हें भी क्रिकेट की ओर खींच लाया।

मुकाबले ने बढ़ाई एक-दूसरे से सीखने की भावना

चारों भाइयों के बीच प्रतिस्पर्धा जरूर रही, लेकिन यह कभी एक-दूसरे को पीछे खींचने वाली नहीं बनी। उनकी प्रतिद्वंद्विता ने उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।

तेजप्रीत ने बताया कि उनके बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रहती है। क्रिकेट उनके बीच बातचीत का सबसे आम विषय है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वे जब क्रिकेट पर चर्चा नहीं करने का फैसला करते हैं, तब भी बातचीत आखिरकार क्रिकेट पर ही आकर खत्म होती है।

अलग-अलग भूमिकाओं ने बनाई मजबूत टीम

चारों खिलाड़ियों ने पंजाब का प्रतिनिधित्व अलग-अलग आयु वर्गों में किया है। उनकी क्रिकेट यात्रा अंडर-14 और अंडर-16 स्तर से शुरू हुई।

खास बात यह रही कि चारों ने मैदान पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं। अनमोलप्रीत और प्रभसिमरन बल्लेबाज रहे, रामांदीप ने तेज गेंदबाजी की, जबकि तेजप्रीत ने लेग स्पिनर के रूप में अपनी पहचान बनाई।

रामांदीप ने बताया कि बचपन में जब वे एक साथ मैच खेलते थे और टीम संयोजन तय करना होता था, तो सभी अपनी-अपनी भूमिका के हिसाब से जिम्मेदारी बांट लेते थे।

परिवार के साथ खेलना आसान भी, चुनौतीपूर्ण भी

एक ही परिवार के सदस्यों के साथ क्रिकेट खेलने के अपने फायदे हैं, लेकिन इसके साथ चुनौतियां भी आती हैं। रामांदीप ने हंसते हुए कहा कि उन्हें एक-दूसरे के गुस्से और नाराजगी को भी सहना पड़ता है। परिवार में सबसे बड़े होने के कारण उनकी बात बाकी सभी को माननी पड़ती है।

हालांकि, उन्होंने गंभीरता से कहा कि क्रिकेट में सुधार की हमेशा गुंजाइश रहती है। चारों एक-दूसरे की तकनीक में कमियों को पहचानकर उन्हें सुधारने में मदद करते हैं।

अनमोलप्रीत को छोटे भाई की क्षमता पर भरोसा

चारों भाइयों को एक-दूसरे के खेल की अच्छी समझ है। अनमोलप्रीत सिंह को अपने छोटे भाई तेजप्रीत की क्षमता पर खासा भरोसा है।

उन्होंने तेजप्रीत को समझदार और बुद्धिमान क्रिकेटर बताते हुए कहा कि वह पहले से ही अच्छा लेग स्पिन गेंदबाज था और बल्लेबाजी भी अच्छी कर सकता था। अनमोलप्रीत का मानना है कि तेजप्रीत में ऑलराउंडर के रूप में आगे बढ़ने की पूरी क्षमता है।

Key Highlights:

• चार चचेरे भाई T20 क्रिकेट में पंजाब का नाम रोशन कर रहे हैं।
• अनमोलप्रीत, रामांदीप, प्रभसिमरन और तेजप्रीत सिंह पटियाला से जुड़े हैं।
• चारों इस समय शेर-ए-पंजाब लीग में एक साथ खेल रहे हैं।
• चारों ने बचपन से साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया था।
• सभी ने पंजाब का प्रतिनिधित्व अंडर-14 और अंडर-16 स्तर पर किया है।
• अनमोलप्रीत और प्रभसिमरन बल्लेबाज, रामांदीप तेज गेंदबाज और तेजप्रीत लेग स्पिनर रहे हैं।
• परिवार के भीतर की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा ने चारों को बेहतर बनने के लिए प्रेरित किया।
• अनमोलप्रीत को तेजप्रीत की ऑलराउंड क्षमता पर पूरा भरोसा है।

FAQ Section:

Q1. पंजाब के ये चार क्रिकेटर कौन हैं?
Ans. अनमोलप्रीत सिंह, रामांदीप सिंह, प्रभसिमरन सिंह और तेजप्रीत सिंह चार चचेरे भाई हैं, जो क्रिकेट में पेशेवर स्तर पर आगे बढ़ रहे हैं।

Q2. चारों खिलाड़ियों का संबंध किस शहर से है?
Ans. चारों की जड़ें पटियाला से जुड़ी हैं।

Q3. चारों भाइयों ने क्रिकेट की शुरुआत कैसे की?
Ans. उन्होंने बचपन में एक साथ खेलते हुए क्रिकेट सीखा और एक-दूसरे से प्रेरणा लेकर इस खेल में आगे बढ़े।

Q4. चारों खिलाड़ियों की क्रिकेट भूमिकाएं क्या हैं?
Ans. अनमोलप्रीत और प्रभसिमरन बल्लेबाज हैं, रामांदीप तेज गेंदबाज हैं और तेजप्रीत लेग स्पिनर हैं।

Q5. क्या चारों ने पंजाब का प्रतिनिधित्व किया है?
Ans. हां, चारों ने अंडर-14 और अंडर-16 सहित विभिन्न स्तरों पर पंजाब का प्रतिनिधित्व किया है।

Conclusion:

चारों चचेरे भाइयों की कहानी बताती है कि परिवार के साथ शुरू किया गया खेल का जुनून किस तरह पेशेवर करियर में बदल सकता है। बचपन की दोस्ताना प्रतिस्पर्धा, एक-दूसरे की कमियों को सुधारने की कोशिश और अलग-अलग क्रिकेटिंग भूमिकाओं ने अनमोलप्रीत, रामांदीप, प्रभसिमरन और तेजप्रीत को एक खास क्रिकेटिंग परिवार के रूप में पहचान दिलाई है।Screenshot_1338

Edited By: Atul Sharma

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