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महिलाओं की आर्थिक आजादी सिर्फ कमाई नहीं, अपने पैसों पर फैसले लेने का आत्मविश्वास है: डॉ. आरती गुप्ता
‘I Am My Own Laxmi’ किताब के जरिए महिलाओं को वित्तीय साक्षरता, निवेश और आर्थिक फैसलों में आत्मनिर्भर बनाने की पहल
उद्यमी, निवेश रणनीतिकार और लेखिका डॉ. आरती गुप्ता ने महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आर्थिक आजादी ज्ञान और सही वित्तीय फैसले लेने के आत्मविश्वास से जुड़ी है।
महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता केवल अधिक पैसा कमाने तक सीमित नहीं है। डॉ. आरती गुप्ता के अनुसार असली आर्थिक आत्मनिर्भरता तब आती है, जब महिला को अपने पैसों के बारे में जानकारी हो और वह यह तय करने का आत्मविश्वास रखती हो कि उसकी कमाई और निवेश का इस्तेमाल किस तरह होना चाहिए।
उद्यमी, निवेश रणनीतिकार और लेखिका डॉ. आरती गुप्ता ने हाल ही में अपनी किताब “I Am My Own Laxmi” प्रकाशित की है। यह पुस्तक उनके उस अभियान का विस्तार है, जिसके जरिए वह लंबे समय से महिलाओं को वित्तीय फैसलों को समझने, उनमें भाग लेने और अपने आर्थिक निर्णयों की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
अमृतसर में वित्तीय साक्षरता पर हुई चर्चा
अमृतसर में आयोजित एक विशेष सत्र में वित्तीय मामलों पर चर्चा केंद्र में रही। कार्यक्रम में FICCI FLO Amritsar की सदस्याओं के साथ प्रतिष्ठित अतिथि, शिक्षाविद और युवा उद्यमी शामिल हुए।डॉ. गुप्ता ने महिलाओं के लिए वित्तीय ज्ञान को एक जरूरी जीवन कौशल बताते हुए कहा कि हर महिला को कमाई करना ही नहीं, बल्कि पैसे को बढ़ाना और उसे अपने लिए काम करना सिखना चाहिए।
महिलाओं को पैसे की भाषा समझने की जरूरत
डॉ. गुप्ता ने कहा कि उनका उद्देश्य महिलाओं को पैसे की भाषा समझाना है। इसके लिए ज्ञान हासिल करना और वित्तीय फैसले खुद लेना बेहद जरूरी है।
उन्होंने वित्तीय बाजार में अपने वर्षों के अनुभव और कारोबारों को फंड करने के दौरान हासिल समझ को महिलाओं की वित्तीय शिक्षा से जोड़ने की कोशिश की है। इसी सोच के तहत शुरू की गई उनकी “I Am My Own Laxmi” पहल में महिलाओं को वित्तीय साक्षरता के बारे में मार्गदर्शन दिया जाता रहा है।
निवेश और बचत को लेकर झिझक दूर करने की कोशिश
डॉ. गुप्ता की किताब का उद्देश्य महिलाओं के लिए पैसे से जुड़े विषयों को आसान और कम डरावना बनाना है। अक्सर महिलाएं वर्षों तक यह मानती रहती हैं कि वित्तीय मामलों की जिम्मेदारी परिवार के किसी दूसरे सदस्य की है। ऐसे में यह पहल उन्हें बचत, निवेश और वित्तीय योजना जैसे विषयों को व्यावहारिक तरीके से समझने के लिए प्रोत्साहित करती है।
आर्थिक आत्मनिर्भरता से भविष्य सुरक्षित करने पर जोर
डॉ. गुप्ता वित्तीय साक्षरता को महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार मानती हैं। उनकी पहल का लक्ष्य महिलाओं को अपने आर्थिक भविष्य के लिए अधिक जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है।
उनका जोर इस बात पर है कि महिलाएं केवल पैसा बचाने तक सीमित न रहें, बल्कि निवेश, वित्तीय योजना और धन को बढ़ाने के तरीकों को भी समझें। इससे वे अपने और अपने परिवार के भविष्य से जुड़े आर्थिक फैसलों में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं।
Key Highlights:
- डॉ. आरती गुप्ता ने “I Am My Own Laxmi” किताब प्रकाशित की है।
- वह उद्यमी, निवेश रणनीतिकार और लेखिका हैं।
- उनका अभियान महिलाओं में वित्तीय साक्षरता बढ़ाने पर केंद्रित है।
- अमृतसर में FICCI FLO Amritsar के सत्र में वित्तीय स्वतंत्रता पर चर्चा हुई।
- डॉ. गुप्ता ने कमाई के साथ पैसे को बढ़ाने और सही तरीके से इस्तेमाल करने का ज्ञान जरूरी बताया।
- उनकी पहल निवेश, बचत और वित्तीय योजना को महिलाओं के लिए आसान बनाने पर जोर देती है।
FAQ Section:
डॉ. आरती गुप्ता की किताब का नाम क्या है?
डॉ. आरती गुप्ता की किताब का नाम “I Am My Own Laxmi” है।
“I Am My Own Laxmi” पहल का उद्देश्य क्या है?
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय साक्षरता प्रदान करना और उन्हें अपने आर्थिक फैसले खुद लेने के लिए सक्षम बनाना है।
डॉ. गुप्ता के अनुसार महिलाओं के लिए वित्तीय स्वतंत्रता क्यों जरूरी है?
उनके अनुसार वित्तीय स्वतंत्रता सिर्फ अधिक कमाई नहीं है। अपने पैसे को समझना, उसका प्रबंधन करना और उससे जुड़े फैसले आत्मविश्वास के साथ लेना भी आर्थिक स्वतंत्रता का हिस्सा है।
वित्तीय साक्षरता में किन विषयों पर जोर दिया गया है?
इस पहल में बचत, निवेश, वित्तीय योजना और पैसे को बढ़ाने तथा सही तरीके से इस्तेमाल करने की समझ पर जोर दिया गया है।
Conclusion:
डॉ. आरती गुप्ता की पहल महिलाओं को वित्तीय मामलों में अधिक जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्रित है। “I Am My Own Laxmi” के जरिए उनका संदेश है कि आर्थिक स्वतंत्रता की शुरुआत सिर्फ कमाई से नहीं, बल्कि अपने पैसे को समझने और उसके बारे में खुद निर्णय लेने से होती है।
