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अमृतसर के उद्योगपतियों को राहत, PSPCL ने फिलहाल अनियोजित बिजली कटौती नहीं करने का दिया भरोसा
फोकल प्वाइंट में 3 से 8 घंटे की बिजली कटौती से परेशान थे उद्योगपति, उत्पादन और डिस्पैच प्रभावित होने पर यूनिट शिफ्ट करने तक पर कर रहे थे विचार
फोकल प्वाइंट औद्योगिक क्षेत्र में लगातार हो रही अनियोजित बिजली कटौती से उद्योगपति परेशान थे। PSPCL ने फिलहाल अनियोजित कटौती नहीं करने का आश्वासन दिया है।
अमृतसर के फोकल प्वाइंट औद्योगिक क्षेत्र में बार-बार हो रही बिजली कटौती से परेशान उद्योगपतियों को फिलहाल राहत मिली है। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने भरोसा दिया है कि अभी अनियोजित बिजली कटौती नहीं की जाएगी। लगातार बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण उद्योगपतियों को उत्पादन प्रभावित होने, कच्चा माल खराब होने और डिस्पैच में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
हालात से परेशान कई उद्योगपति अपनी यूनिट कहीं और स्थानांतरित करने तक पर विचार कर रहे थे। उनका कहना था कि लंबे समय तक बिजली कटौती जारी रहने से कारोबार को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
रात में 3 से 8 घंटे तक बिजली कटौती से परेशानी
पिछले कुछ दिनों से फोकल प्वाइंट औद्योगिक क्षेत्र में रात के समय 3 से 8 घंटे तक अनियोजित बिजली कटौती की जा रही थी। इससे औद्योगिक इकाइयों में कामकाज प्रभावित हुआ और बड़ी संख्या में कर्मचारी बिजली न होने के कारण खाली बैठे रहे।बिजली आपूर्ति बाधित होने से तैयार माल की डिस्पैच प्रक्रिया भी प्रभावित हुई। उद्योगपतियों में इस स्थिति को लेकर नाराजगी बढ़ने लगी थी।
Focal Point Industrial Welfare Association ने उठाया मुद्दा
समस्या का तत्काल समाधान कराने के लिए Focal Point Industrial Welfare Association ने पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. बसंत गर्ग को पत्र लिखा।
एसोसिएशन के चीफ पैट्रन कमल दलमिया ने कहा कि उद्योगपति यह समझते हैं कि बिजली कटौती के पीछे लोड शेडिंग एक कारण है। उन्हें यह जानकारी भी है कि दो थर्मल पावर प्लांट बंद हैं। हालांकि, उनका कहना था कि अनियोजित और बार-बार होने वाली बिजली कटौती से उद्योगों की मशीनरी पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
बिजली कटौती से बढ़ रही ऑपरेशन लागत
उद्योगपतियों के अनुसार बार-बार बिजली जाने से उत्पादन प्रक्रिया बाधित होती है और ऑपरेशन कॉस्ट बढ़ जाती है। कई बार उत्पादन के बीच में बिजली चले जाने से कच्चा माल भी बर्बाद हो जाता है, जिससे उद्योगों को अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
एसोसिएशन ने मांग की कि जिन इलाकों में बिजली कटौती करना जरूरी हो, वहां उद्योगों को पहले से इसकी सूचना दी जानी चाहिए। इससे औद्योगिक इकाइयां अपनी उत्पादन गतिविधियों को उसी हिसाब से व्यवस्थित कर सकेंगी।
बिजली आपूर्ति की पहले से हो योजना
एसोसिएशन ने लंबे और लगातार बिजली कटों से बचने तथा बिजली वितरण की उचित योजना बनाने की मांग की है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप खोसला ने कहा कि उद्योग राज्य सरकार के लिए राजस्व और रोजगार दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्र को निर्बाध और पूर्व नियोजित बिजली आपूर्ति मिलना जरूरी है।
Key Highlights:
- PSPCL ने फिलहाल अनियोजित बिजली कटौती नहीं करने का आश्वासन दिया।
- अमृतसर के फोकल प्वाइंट में रात के समय 3 से 8 घंटे तक बिजली कटौती हो रही थी।
- बिजली संकट के कारण उत्पादन और माल की डिस्पैच प्रक्रिया प्रभावित हुई।
- उद्योगपति भारी नुकसान के चलते यूनिट शिफ्ट करने पर विचार कर रहे थे।
- बिजली कटौती से ऑपरेशन लागत बढ़ने और कच्चा माल बर्बाद होने की शिकायत।
- उद्योगपतियों ने आवश्यक कटौती की पहले से सूचना देने की मांग की।
- एसोसिएशन ने बिजली वितरण की बेहतर योजना बनाने पर जोर दिया।
FAQ Section:
फोकल प्वाइंट में बिजली कटौती कितने घंटे तक हो रही थी?
पिछले कुछ दिनों में रात के समय 3 से 8 घंटे तक बिजली कटौती होने की बात सामने आई थी।
बिजली कटौती का उद्योगों पर क्या असर पड़ा?
उत्पादन प्रभावित हुआ, कर्मचारी खाली बैठे रहे, डिस्पैच में देरी हुई और कई मामलों में कच्चे माल की बर्बादी से ऑपरेशन लागत बढ़ी।
उद्योगपतियों ने PSPCL से क्या मांग की?
उद्योगपतियों ने लंबे और लगातार बिजली कटों से बचने, बिजली वितरण की बेहतर योजना बनाने और जरूरी कटौती की पहले से सूचना देने की मांग की।
PSPCL ने क्या आश्वासन दिया?
PSPCL ने फिलहाल अनियोजित बिजली कटौती नहीं करने का आश्वासन दिया है।
Conclusion:
फोकल प्वाइंट के उद्योगों में लगातार बिजली कटौती को लेकर बढ़ रही चिंता के बीच PSPCL का आश्वासन उद्योगपतियों के लिए राहत लेकर आया है। हालांकि, औद्योगिक संगठनों का जोर अब ऐसी बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर है, जिसमें जरूरी कटौती की पहले से जानकारी मिले और उत्पादन गतिविधियां अनियोजित रूप से बाधित न हों।
