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हरियाणा कांग्रेस में सियासी हलचल! सिरसा के तीनों विधायकों को ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान की जिम्मेदारी से रखा बाहर
पंचकूला विधायक चंद्र मोहन को सिरसा की कमान, 14 से 24 अक्टूबर तक संभालेंगे अभियान; पूर्व सिरसा सांसद अशोक तंवर को गुरुग्राम की जिम्मेदारी
हरियाणा कांग्रेस के ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के लिए जारी जिम्मेदारियों की सूची के बाद सिरसा जिले में पार्टी की अंदरूनी राजनीति चर्चा में आ गई है। सिरसा के तीनों कांग्रेस विधायक शिशपाल केहरवाला, गोकुल सेतिया और भारत सिंह बेनीवाल को आधिकारिक ड्यूटी सूची में जगह नहीं मिली, जबकि पंचकूला विधायक चंद्र मोहन को जिले में अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हरियाणा कांग्रेस के ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान को लेकर पार्टी की नई जिम्मेदारियों ने सिरसा की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। 13 अक्टूबर को जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, पंचकूला के विधायक चंद्र मोहन को 14 से 24 अक्टूबर तक सिरसा जिले में अभियान की जिम्मेदारी दी गई है।
हालांकि, सिरसा जिले के तीनों कांग्रेस विधायक शिशपाल केहरवाला, गोकुल सेतिया और भारत सिंह बेनीवाल को इस सूची में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद पार्टी के स्थानीय नेतृत्व और जिम्मेदारियों के बंटवारे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
H2: चंद्र मोहन को सिरसा की जिम्मेदारी
कांग्रेस ने ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत चंद्र मोहन को सिरसा जिले का प्रभारी बनाया है। वह 14 से 24 अक्टूबर तक जिले में अभियान से जुड़ी गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
इस बीच, सिरसा के तीनों स्थानीय कांग्रेस विधायकों को आधिकारिक ड्यूटी सूची में शामिल नहीं किया गया है। हालांकि, केवल सूची में नाम नहीं होने से पार्टी के भीतर किसी विवाद या मतभेद की पुष्टि नहीं होती।
H2: शिशपाल केहरवाला बोले- जिम्मेदारियां बदलती रहती हैं
कालांवाली के विधायक शिशपाल केहरवाला ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी में ऐसी जिम्मेदारियां बदलती रहती हैं और नेताओं को बारी-बारी से काम सौंपा जाता है।
उन्होंने बताया कि पिछले विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें फतेहाबाद जिले की जिम्मेदारी दी गई थी। इस बार चंद्र मोहन को सिरसा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
केहरवाला ने कहा कि सभी नेता मिलकर भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ काम करेंगे। उनके बयान से संकेत मिलता है कि उन्होंने जिम्मेदारियों के इस बदलाव को सामान्य प्रक्रिया के तौर पर पेश किया है।
H2: अशोक तंवर को गुरुग्राम का प्रभार
कांग्रेस की ओर से पूर्व सिरसा सांसद अशोक तंवर को गुरुग्राम में अभियान की जिम्मेदारी दी गई है। इस तरह पार्टी ने अलग-अलग जिलों में अभियान को आगे बढ़ाने के लिए नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
H2: गोकुल सेतिया को फिर नहीं मिली आधिकारिक जिम्मेदारी
सिरसा के विधायक गोकुल सेतिया को इस बार भी अभियान की आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं दी गई है। इससे उनके नाम को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पार्टी की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सिरसा के तीनों विधायकों को सूची में शामिल क्यों नहीं किया गया। इसलिए इसे किसी आंतरिक विवाद का प्रमाण मानना उचित नहीं होगा।
Key Highlights
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हरियाणा कांग्रेस ने ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के लिए नई जिम्मेदारियां सौंपीं।
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पंचकूला विधायक चंद्र मोहन को 14 से 24 अक्टूबर तक सिरसा की जिम्मेदारी मिली।
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सिरसा के विधायक शिशपाल केहरवाला, गोकुल सेतिया और भारत सिंह बेनीवाल आधिकारिक सूची से बाहर रहे।
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पूर्व सिरसा सांसद अशोक तंवर को गुरुग्राम का प्रभार दिया गया।
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शिशपाल केहरवाला ने कहा कि पार्टी में जिम्मेदारियां बारी-बारी से बदलती रहती हैं।
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विधायकों को सूची में शामिल नहीं करने के कारणों पर पार्टी की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
FAQ Section
Q1. हरियाणा कांग्रेस के ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान में सिरसा की जिम्मेदारी किसे मिली है? उत्तर: पंचकूला के विधायक चंद्र मोहन को सिरसा जिले की जिम्मेदारी दी गई है।
Q2. चंद्र मोहन कितने दिन तक सिरसा में अभियान की जिम्मेदारी संभालेंगे? उत्तर: उन्हें 14 से 24 अक्टूबर तक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
Q3. सिरसा के किन कांग्रेस विधायकों को आधिकारिक सूची में शामिल नहीं किया गया? उत्तर: शिशपाल केहरवाला, गोकुल सेतिया और भारत सिंह बेनीवाल को सूची में जगह नहीं मिली।
Q4. अशोक तंवर को किस जिले की जिम्मेदारी दी गई है? उत्तर: पूर्व सिरसा सांसद अशोक तंवर को गुरुग्राम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
Q5. शिशपाल केहरवाला ने इस फैसले पर क्या कहा? उत्तर: उन्होंने कहा कि पार्टी में जिम्मेदारियां बदलती रहती हैं और नेताओं को बारी-बारी से अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी जाती है।
Conclusion
हरियाणा कांग्रेस की नई ड्यूटी सूची ने सिरसा जिले में पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को चर्चा में ला दिया है। चंद्र मोहन को जिम्मेदारी मिलने और स्थानीय तीनों विधायकों के सूची से बाहर रहने के बावजूद शिशपाल केहरवाला ने इसे जिम्मेदारियों के सामान्य बदलाव के रूप में बताया है। अब देखना होगा कि अभियान के दौरान सिरसा में कांग्रेस की गतिविधियां किस तरह आगे बढ़ती हैं।


