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झोटा हत्याकांड पर BJP का प्रदर्शन, CM भगवंत मान का पुतला फूंका; CBI जांच की मांग
मानसा के नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में अमृतसर में भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, पंजाब सरकार पर कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप।
पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह ‘झोटा’ की हत्या के बाद राजनीतिक विरोध तेज हो गया है। अमृतसर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंका और मामले की निष्पक्ष CBI जांच की मांग की।
पंजाब के मानसा में नशा तस्करी के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह ‘झोटा’ की हत्या के बाद राज्य में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। अब राजनीतिक दल भी इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
अमृतसर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जिला इकाई ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंका और राज्य सरकार पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया।
भाजपा ने पंजाब सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
भाजपा के जिला अध्यक्ष सलिल कपूर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पूर्व सांसद और पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष श्वेत मलिक भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने झोटा की हत्या के मामले में जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।
राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद सलिल कपूर के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह के माध्यम से पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में परविंदर सिंह झोटा की हत्या की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। भाजपा नेताओं ने मामले की CBI जांच की मांग भी उठाई।
नशा तस्करी के मुद्दे पर सरकार को घेरा
भाजपा जिला अध्यक्ष सलिल कपूर ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा लंबे समय से मानसा में नशा तस्करी और कथित अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।
कपूर ने आरोप लगाया कि झोटा की हत्या से उन लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं, जो नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाते हैं।
उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि सरकारी दावों के बावजूद नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है।
ये आरोप भाजपा नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। उपलब्ध रिपोर्ट में इस संबंध में सरकार का विस्तृत पक्ष शामिल नहीं है।
झोटा की हत्या के बाद बढ़ा राजनीतिक दबाव
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से न्याय की मांग की जा रही है। भाजपा ने भी इस मामले को लेकर सरकार की जवाबदेही तय करने और जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग उठाई है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार और जांच एजेंसियां मामले में आगे क्या कार्रवाई करती हैं।
मुख्य बातें
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अमृतसर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने झोटा हत्याकांड के विरोध में प्रदर्शन किया।
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मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंका गया।
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पूर्व सांसद श्वेत मलिक भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
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भाजपा ने पंजाब सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
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राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
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मामले की निष्पक्ष CBI जांच की मांग की गई।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. परविंदर सिंह झोटा कौन थे?
परविंदर सिंह झोटा मानसा के सामाजिक कार्यकर्ता थे, जो नशा तस्करी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे।
2. भाजपा ने प्रदर्शन क्यों किया?
झोटा की हत्या के विरोध में भाजपा ने प्रदर्शन कर राज्य सरकार से जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की मांग की।
3. प्रदर्शन कहां हुआ?
प्रदर्शन अमृतसर में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर हुआ।
4. भाजपा ने क्या मांग की है?
भाजपा ने हत्या की CBI जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
5. राज्यपाल को ज्ञापन किसके माध्यम से सौंपा गया?
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
निष्कर्ष
परविंदर सिंह झोटा की हत्या अब पंजाब में कानून-व्यवस्था और नशा तस्करी के मुद्दे पर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। भाजपा ने प्रदर्शन कर मामले की CBI जांच और सरकार की जवाबदेही की मांग की है। मामले में आगे की जांच और आधिकारिक कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।

