- Hindi News
- राज्य
- पंजाब
- पंजाब में नशे के कारोबार पर फिर उठे सवाल! परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के बाद दवा माफिया और सिस्टम की...
पंजाब में नशे के कारोबार पर फिर उठे सवाल! परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के बाद दवा माफिया और सिस्टम की भूमिका चर्चा में
मानसा में केमिस्ट अश्वनी कुमार पर हत्या का आरोप, पिछले चार साल में दुकान पर करीब 10 बार छापे और तीन बार लाइसेंस निलंबित होने की जानकारी; दवाओं की अवैध बिक्री पर कार्रवाई को लेकर सवाल
पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद राज्य में कथित अवैध दवा कारोबार और नियामक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ड्रग इंस्पेक्टर के अनुसार, आरोपी केमिस्ट अश्वनी कुमार के प्रतिष्ठान पर पिछले चार वर्षों में करीब 10 बार छापे मारे गए और उसका लाइसेंस तीन बार निलंबित हुआ था। केमिस्ट संगठन और पूर्व प्रवर्तन निदेशालय अधिकारी ने मामले की गहन जांच और सख्त कार्रवाई की जरूरत बताई है।
पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की मंगलवार सुबह गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद राज्य में कथित अवैध दवा कारोबार को लेकर बहस तेज हो गई है। इस मामले में केमिस्ट अश्वनी कुमार पर हत्या का आरोप है। घटना के बाद दवाओं की अवैध बिक्री, नियामक कार्रवाई और कथित राजनीतिक संरक्षण को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, अश्वनी कुमार के खिलाफ पहले भी दवाओं से संबंधित कानून के तहत मामला दर्ज हुआ था। हालांकि, ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी को हाल ही में उस मामले में बरी कर दिया गया था।
H2: चार साल में करीब 10 बार हुई दुकान पर छापेमारी
मानसा के ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार के मुताबिक, अश्वनी कुमार के प्रतिष्ठान पर पिछले चार वर्षों में करीब 10 बार छापेमारी की गई थी। इस अवधि में उसका दवा बिक्री लाइसेंस तीन बार निलंबित भी किया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसकी दुकान से तीन अलग-अलग मौकों पर नशीले पदार्थ बरामद किए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक लाइसेंस रद्द नहीं किया गया था।
इन घटनाओं के बाद यह सवाल उठ रहा है कि बार-बार कार्रवाई होने के बावजूद कथित अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाए गए या नहीं।
H2: पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन ने जताई चिंता
पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन (PCA) के महासचिव जीएस चावला ने कहा कि ऐसे लोगों की वजह से पूरे दवा कारोबार की छवि खराब होती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी व्यक्ति को वर्ष 2023 में डॉक्टर की पर्ची के बिना दवाएं बेचने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, तो उसके लाइसेंस को रद्द करने की कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने यह भी पूछा कि आरोपी को हथियार का लाइसेंस कैसे मिला और कथित अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग सकी।
चावला ने कहा कि सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही, राज्य के केमिस्टों को सलाह दी गई है कि वे दवाओं का उचित रिकॉर्ड रखें और केवल वैध डॉक्टर के पर्चे पर ही संबंधित दवाएं बेचें।
H2: हर शहर में ऐसे कारोबारियों पर कार्रवाई की मांग
जीएस चावला के अनुसार, कुछ लोग नियमों का उल्लंघन करके पूरे फार्मास्यूटिकल उद्योग को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसे मामलों में सख्त और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।
उन्होंने दवा विक्रेताओं से नियमों का पालन करने, बिक्री का रिकॉर्ड बनाए रखने और डॉक्टर की वैध पर्ची के बिना प्रतिबंधित या पर्चे पर मिलने वाली दवाएं नहीं बेचने की अपील की।
H2: पूर्व ED अधिकारी ने जताया कथित संरक्षण का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पूर्व उप निदेशक निरंजन सिंह ने आरोप लगाया कि दवाओं के अवैध कारोबार से जुड़े कुछ निर्माता, डीलर और स्वास्थ्य संस्थान अलग-अलग सरकारों के दौरान कथित संरक्षण का लाभ उठाते रहे हैं।
उनका कहना है कि राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के साथ-साथ दवा निर्माण इकाइयों से कथित अवैध निकासी, बिक्री और खपत पर भी ध्यान देना जरूरी है।
ये आरोप गंभीर हैं और इनकी पुष्टि के लिए स्वतंत्र जांच तथा संबंधित विभागों के रिकॉर्ड की आवश्यकता होगी।
H2: ड्रग विभाग की कार्रवाई पर स्पष्ट जानकारी का इंतजार
रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रग विभाग के संयुक्त आयुक्त संजीव कुमार से इस तरह के मामलों में विभागीय कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई, लेकिन उन्होंने जानकारी साझा नहीं की। वहीं, जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी अमन वर्मा ने कहा कि उनके पास अश्वनी कुमार के खिलाफ मामलों की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में विभागीय कार्रवाई, लाइसेंस निलंबन और लाइसेंस रद्द न किए जाने के कारणों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
H2: जांच के दायरे में कई अहम सवाल
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद मामले में कई सवाल उठ रहे हैं। इनमें आरोपी के खिलाफ पहले हुई कार्रवाई, दवा बिक्री लाइसेंस की स्थिति, हथियार लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया और कथित अवैध दवा कारोबार को रोकने के लिए उठाए गए कदम शामिल हैं।
इन सभी पहलुओं पर संबंधित विभागों की आधिकारिक जानकारी और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर बन सकेगी।
Key Highlights
-
मानसा में नशे के खिलाफ सक्रिय परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
-
केमिस्ट अश्वनी कुमार पर हत्या का आरोप है।
-
ड्रग इंस्पेक्टर के अनुसार, पिछले चार वर्षों में उसके प्रतिष्ठान पर करीब 10 बार छापे मारे गए।
-
दवा बिक्री लाइसेंस तीन बार निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
-
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दुकान से तीन बार नशीले पदार्थ बरामद हुए थे।
-
पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन ने सख्त कार्रवाई और दवा बिक्री के नियमों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
-
पूर्व ED अधिकारी ने कथित संरक्षण और अवैध दवा कारोबार के नेटवर्क की जांच की जरूरत बताई।
-
ड्रग विभाग की कार्रवाई से संबंधित विस्तृत जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।
FAQ Section
Q1. परविंदर सिंह झोटा की हत्या कहां हुई? उत्तर: परविंदर सिंह झोटा की मानसा, पंजाब में गोली मारकर हत्या किए जाने की जानकारी सामने आई है।
Q2. अश्वनी कुमार के प्रतिष्ठान पर कितनी बार छापे मारे गए? उत्तर: मानसा के ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार के अनुसार, पिछले चार वर्षों में करीब 10 बार छापेमारी की गई थी।
Q3. क्या अश्वनी कुमार का लाइसेंस निलंबित हुआ था? उत्तर: रिपोर्ट के अनुसार, उसका लाइसेंस तीन बार निलंबित किया गया था, लेकिन लाइसेंस रद्द नहीं हुआ था।
Q4. पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन ने क्या मांग की? उत्तर: एसोसिएशन ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और वैध डॉक्टर की पर्ची पर ही दवाएं बेचने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
Q5. पूर्व ED अधिकारी ने क्या आरोप लगाए? उत्तर: निरंजन सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ दवा निर्माता, डीलर और स्वास्थ्य संस्थान कथित संरक्षण के कारण अवैध गतिविधियां जारी रख पाए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
Conclusion
परविंदर सिंह झोटा की हत्या ने पंजाब में कथित अवैध दवा कारोबार और संबंधित नियामक कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। छापेमारी, लाइसेंस निलंबन और कथित नशीले पदार्थों की बरामदगी से जुड़े विवरणों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। साथ ही, आरोपी के खिलाफ पहले की गई कार्रवाई और संबंधित विभागों की भूमिका पर आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

