हिसार सिविल अस्पताल की बदहाल व्यवस्था उजागर, MRI और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से मरीज परेशान

200 बेड पर चल रहा 300 बेड स्वीकृत अस्पताल, डॉक्टरों की कमी, आधुनिक मशीनों का अभाव और बुनियादी सुविधाओं पर उठे सवाल।

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हिसार का महाराजा अग्रसेन सिविल अस्पताल स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और संसाधनों के अभाव से जूझ रहा है। मरीजों को जांच, उपचार और बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि अस्पताल प्रशासन सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर सेवाएं देने का दावा कर रहा है।

हिसार सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, मरीजों को हो रही परेशानी

हरियाणा के महाराजा अग्रसेन सिविल अस्पताल, हिसार में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई गंभीर चुनौतियां सामने आ रही हैं। 300 बेड की स्वीकृति मिलने के बावजूद अस्पताल केवल 200 बेड की क्षमता के साथ संचालित हो रहा है। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, विशेषज्ञ डॉक्टरों और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों को इलाज के दौरान कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

हाल ही में अस्पताल में फ्रीजर में रखे एक महिला के शव को चूहों द्वारा नुकसान पहुंचाने की घटना ने भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।


## MRI और C-Arm मशीन जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं का अभाव

अस्पताल में अभी तक MRI मशीन उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा ऑपरेशन के दौरान उपयोग होने वाली C-Arm मशीन भी शुरू नहीं हो सकी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन सुविधाओं के अभाव में मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जिससे उनके इलाज का खर्च काफी बढ़ जाता है।


## केवल एक रेडियोलॉजिस्ट के भरोसे दो अस्पताल

सिविल अस्पताल में केवल एक रेडियोलॉजिस्ट तैनात है, जो हिसार और हांसी दोनों सिविल अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड सेवाएं संभालते हैं।

मंगलवार और रविवार को हिसार में अल्ट्रासाउंड सेवा प्रभावित रहती है। मंगलवार को रेडियोलॉजिस्ट हांसी अस्पताल में सेवाएं देते हैं।

इसी कारण कई मरीजों को निजी जांच केंद्रों में महंगे दामों पर जांच करानी पड़ती है।


## मरीजों को निजी केंद्रों का लेना पड़ रहा सहारा

मंगलवार को अस्पताल पहुंचे एक मरीज रवीन को अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी गई, लेकिन डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें निजी केंद्र पर जांच करानी पड़ी।

इसके लिए उन्हें लगभग 1,000 रुपये खर्च करने पड़े।


## डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर भी उठे सवाल

हाल ही में स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए गए निरीक्षण में अस्पताल में तैनात 55 डॉक्टरों में से लगभग 35 डॉक्टर ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए।

इसके बाद संबंधित डॉक्टरों को नोटिस जारी किए गए। इस घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।


## अस्पताल पहुंचना भी मरीजों के लिए चुनौती

अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर मरम्मत कार्य चलने के कारण उसे बंद कर दिया गया है।

मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल पहुंचने के लिए अस्थायी कच्चे और धूलभरे रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। कई लोगों ने स्वच्छ पेयजल और किफायती कैंटीन सुविधा की कमी की भी शिकायत की।


## 1957 की इमारत में संचालित हो रहा अस्पताल

सिविल अस्पताल का निर्माण 1957 में हुआ था और आज भी यह उसी भवन में संचालित हो रहा है।

पास स्थित गुजरी महल के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में होने के कारण 100 मीटर के दायरे में नए निर्माण पर प्रतिबंध है। इसी वजह से अस्पताल में अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण नहीं हो पा रहा, जिससे बेड क्षमता बढ़ाने में भी बाधा आ रही है।


## रोजाना करीब 2,000 मरीज पहुंचते हैं अस्पताल

हिसार सिविल अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 2,000 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं।

यह अस्पताल केवल हिसार ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और राजस्थान के कई क्षेत्रों के मरीजों के लिए भी प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है।


## स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने उठाए कई मुद्दे

स्वास्थ्य कार्यकर्ता डॉ. रमेश पुनिया ने आरोप लगाया कि अस्पताल में सुपर स्पेशियलिस्ट डॉक्टरों, कैंसर उपचार सुविधा, MRI मशीन और अन्य आवश्यक संसाधनों की कमी है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कई वेंटिलेटर उपयोग में नहीं हैं और नई C-Arm मशीन भी अभी तक चालू नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भवन के रखरखाव पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन नए भवन के निर्माण की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।

ये आरोप स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा लगाए गए हैं।


## अस्पताल प्रशासन ने क्या कहा?

अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी (PMO) डॉ. रीना जैन ने स्वीकार किया कि जगह की कमी के कारण 300 स्वीकृत बेड के मुकाबले केवल 200 बेड ही संचालित किए जा रहे हैं।

हालांकि, उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद अस्पताल मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अस्पताल में आने वाले लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध है।


Key Highlights:

  • 300 बेड स्वीकृत, लेकिन केवल 200 बेड पर चल रहा हिसार सिविल अस्पताल।
  • अस्पताल में MRI मशीन और C-Arm मशीन उपलब्ध नहीं।
  • केवल एक रेडियोलॉजिस्ट हिसार और हांसी दोनों अस्पतालों की सेवाएं संभाल रहे हैं।
  • निरीक्षण में 55 में से लगभग 35 डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए।
  • मरीजों को अल्ट्रासाउंड सहित कई जांच निजी केंद्रों पर करानी पड़ रही हैं।
  • अस्पताल की इमारत 1957 की है और ASI नियमों के कारण विस्तार संभव नहीं।
  • प्रतिदिन करीब 2,000 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।

## FAQ Section

प्रश्न 1: हिसार सिविल अस्पताल में मुख्य समस्याएं क्या हैं?

अस्पताल में MRI मशीन, C-Arm मशीन, विशेषज्ञ डॉक्टरों और पर्याप्त बेड की कमी है।

प्रश्न 2: अस्पताल में कितने बेड संचालित हो रहे हैं?

राज्य सरकार ने 300 बेड स्वीकृत किए हैं, लेकिन फिलहाल अस्पताल केवल 200 बेड के साथ संचालित हो रहा है।

प्रश्न 3: मरीजों को निजी जांच केंद्र क्यों जाना पड़ता है?

अस्पताल में केवल एक रेडियोलॉजिस्ट होने के कारण कई दिनों तक अल्ट्रासाउंड जैसी जांच उपलब्ध नहीं होती, जिससे मरीज निजी केंद्रों का सहारा लेते हैं।

प्रश्न 4: अस्पताल प्रशासन का क्या कहना है?

PMO डॉ. रीना जैन का कहना है कि जगह की कमी के बावजूद अस्पताल उपलब्ध संसाधनों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास कर रहा है।


Conclusion:

हिसार का महाराजा अग्रसेन सिविल अस्पताल संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, विशेषज्ञ डॉक्टरों और पर्याप्त बुनियादी ढांचे की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। वहीं, अस्पताल प्रशासन सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर सेवाएं देने का दावा कर रहा है। ऐसे में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दीर्घकालिक समाधान की जरूरत है।Screenshot_2719

Edited By: Karan Singh

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