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हरियाणा के वरिष्ठ नेता सही राम बिश्नोई का निधन, 105 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
जनसंघ के दिग्गज नेता और पंजाब विधानसभा पहुंचने वाले पहले बिश्नोई विधायक थे सही राम बिश्नोई
हरियाणा के डबवाली में शुक्रवार तड़के वरिष्ठ राजनीतिक हस्ती सही राम बिश्नोई का निधन हो गया। 105 वर्षीय बिश्नोई ने 1957 में इतिहास रचते हुए संयुक्त पंजाब विधानसभा में बिश्नोई समाज के पहले विधायक बनने का गौरव हासिल किया था।
परिचय: राजनीति के एक युग का अंत
हरियाणा की राजनीति और बिश्नोई समाज के लिए शुक्रवार का दिन बेहद दुखद रहा। वरिष्ठ राजनीतिक नेता सही राम बिश्नोई का 105 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे डबवाली में अंतिम सांस ली।
सही राम बिश्नोई अपने लंबे राजनीतिक जीवन, सामाजिक योगदान और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे।
H2: 1957 में रचा था राजनीतिक इतिहास
सही राम बिश्नोई ने वर्ष 1957 में बड़ा राजनीतिक इतिहास रचा था।H3: बिश्नोई समाज के पहले विधायक बने
- संयुक्त पंजाब विधानसभा में पहुंचने वाले बिश्नोई समाज के पहले नेता बने
- जनसंघ के टिकट पर चुनाव लड़ा
- अबोहर सीट से 5,724 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की
उनकी जीत को उस दौर में सामाजिक और राजनीतिक बदलाव का बड़ा प्रतीक माना गया था।
H2: विभाजन के दर्द के साक्षी रहे सही राम बिश्नोई
सही राम बिश्नोई का जन्म 12 जनवरी 1922 को अविभाजित भारत के बहावलनगर राज्य में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है।
H3: शिक्षा और सामाजिक सक्रियता में रहे आगे
- लाहौर और शिमला के कॉलेजों से BA और LLB की पढ़ाई की
- 1947 के विभाजन की त्रासदी को करीब से देखा
- भारत आने के बाद हिंदी भाषा आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई
हिंदी आंदोलन के दौरान उन्हें फिरोजपुर जेल में तीन महीने तक कैद भी रहना पड़ा।
H2: 100 साल की उम्र में भी थे सक्रिय
सही राम बिश्नोई अपनी तेज स्मरण शक्ति और सक्रिय जीवनशैली के लिए भी चर्चा में रहते थे।
H3: आधुनिक तकनीक में भी रखते थे रुचि
- बिना चश्मे के अखबार पढ़ते थे
- नई तकनीकों को सीखने की इच्छा रखते थे
- लैपटॉप चलाना सीखने की इच्छा कई बार जाहिर की थी
उनका व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा माना जाता था।
H2: खेती से जुड़े रहे, जमीन से नहीं टूटा रिश्ता
राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बावजूद सही राम बिश्नोई ने खुद को हमेशा जमीन से जोड़े रखा।
H3: किसान जीवन को दी प्राथमिकता
वह पेशे से किसान थे और ग्रामीण समाज के मुद्दों को हमेशा प्रमुखता से उठाते रहे।
Key Highlights:
- वरिष्ठ नेता सही राम बिश्नोई का 105 वर्ष की उम्र में निधन
- डबवाली में शुक्रवार सुबह ली अंतिम सांस
- संयुक्त पंजाब विधानसभा के पहले बिश्नोई विधायक थे
- जनसंघ के टिकट पर जीता था चुनाव
- हिंदी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई
- 100 वर्ष की उम्र में भी मानसिक रूप से सक्रिय रहे
FAQ Section:
Q1: सही राम बिश्नोई कौन थे?
वे हरियाणा के वरिष्ठ राजनीतिक नेता और संयुक्त पंजाब विधानसभा के पहले बिश्नोई विधायक थे।
Q2: सही राम बिश्नोई का निधन कब हुआ?
उनका निधन शुक्रवार सुबह 4 बजे डबवाली में हुआ।
Q3: उन्होंने पहला चुनाव कब जीता था?
उन्होंने 1957 में जनसंघ के टिकट पर अबोहर सीट से चुनाव जीता था।
Q4: सही राम बिश्नोई किस आंदोलन से जुड़े थे?
वे हिंदी भाषा आंदोलन से सक्रिय रूप से जुड़े थे।
Conclusion:
सही राम बिश्नोई का निधन हरियाणा और उत्तर भारत की राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत माना जा रहा है। उनका संघर्ष, सामाजिक योगदान और सादगीपूर्ण जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

