भीषण गर्मी में चरमराई यूपी की बिजली व्यवस्था, कई जिलों में घंटों कटौती से जनता परेशान

45 डिग्री से ऊपर तापमान पहुंचने के बाद बढ़ी बिजली मांग, ट्रांसफॉर्मर फेल और लो-वोल्टेज की समस्या से लोग बेहाल

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उत्तर प्रदेश में जारी भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। कई जिलों में घंटों बिजली कटौती, ट्रांसफॉर्मर खराब होने और लो-वोल्टेज की समस्या से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

यूपी में गर्मी के साथ बढ़ा बिजली संकट

उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी ने बिजली व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। राज्य के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के बाद बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। लगातार एसी, कूलर और पंखों के इस्तेमाल से बिजली वितरण प्रणाली पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया है।

स्थिति यह हो गई है कि कई जगहों पर ट्रांसफॉर्मर फुंक रहे हैं, बिजली लाइनें ओवरलोड हो रही हैं और लोगों को घंटों बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। इससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।


बहरेच में बिजली कटौती को लेकर प्रदर्शन

बहरेच जिले में बिजली विभाग के दावों के बावजूद उपभोक्ताओं ने भारी अव्यवस्था की शिकायत की है। शहर और ग्रामीण इलाकों में ट्रांसफॉर्मर खराब होने, अंडरग्राउंड केबल फॉल्ट और लंबी बिजली कटौती की समस्या सामने आई।

तिरमोहानी रोड और किला क्षेत्र समेत कई इलाकों में लोगों ने लगातार बिजली बाधित रहने का आरोप लगाया। वहीं फखरपुर, तेजवापुर और रिसिया जैसे ग्रामीण इलाकों में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें तय 18 घंटे की बजाय केवल 3 से 10 घंटे बिजली मिल रही है।


लखीमपुर खीरी में 40% बढ़ी बिजली मांग

लखीमपुर खीरी में तापमान 43 डिग्री के करीब पहुंचने के बाद बिजली की मांग में लगभग 40 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। यूपीपीसीएल अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष मई में जहां 39 मेगावाट मांग थी, वहीं इस बार यह बढ़कर 55 मेगावाट तक पहुंच गई है।

शहरी इलाकों में 3 से 4 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 8 घंटे तक बिजली कटौती की शिकायतें सामने आई हैं। लगातार ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और ट्रांसफॉर्मर फेल होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।


गोरखपुर में रातभर गुल रही बिजली

गोरखपुर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। 33 केवी ट्रांसमिशन लाइन में खराबी आने के कारण रुसतमपुर क्षेत्र में हजारों लोगों को पूरी रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ी।

लाल डिग्गी, सैनिक कुंज और बिछिया समेत कई इलाकों में लो-वोल्टेज और बार-बार कटौती की शिकायतें सामने आईं। अधिकारियों के मुताबिक शहर में बिजली मांग सामान्य 460 एमवीए से बढ़कर लगभग 700 एमवीए तक पहुंच गई है।


प्रयागराज में ओवरलोड से फुंक रहे ट्रांसफॉर्मर

प्रयागराज में एक सप्ताह से तापमान 45 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। लगातार बढ़ती मांग के कारण टैगोर टाउन, रामबाग, नैनी, करैली और सिविल लाइंस जैसे इलाकों में बिजली व्यवस्था पर भारी दबाव है।

बिजली विभाग के अनुसार इस महीने दो दर्जन से अधिक ट्रांसफॉर्मर खराब हो चुके हैं। कई इलाकों में बिजली कटौती के साथ जल संकट भी गहरा गया है, जिसके चलते लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।


वाराणसी में बढ़ीं स्पार्किंग और ट्रिपिंग की घटनाएं

वाराणसी में पिछले पांच दिनों के दौरान ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड और स्पार्किंग की घटनाओं में तेजी आई है। रामनगर, महमूरगंज, चौकाघाट, दाफी और शिवपुर समेत 40 से अधिक इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।


बिजली विभाग ने क्या कहा?

बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और रिकॉर्ड बिजली मांग के कारण वितरण प्रणाली पर भारी दबाव बना हुआ है। कई स्थानों पर मरम्मत और मेंटेनेंस कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक गर्मी और बढ़ने की संभावना है, जिससे बिजली मांग और बढ़ सकती है।


Key Highlights:

  • यूपी में भीषण गर्मी के कारण बिजली मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची
  • कई जिलों में घंटों बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या
  • ट्रांसफॉर्मर फेल और बिजली लाइनों पर बढ़ा दबाव
  • बहरेच, गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी में लोगों का प्रदर्शन
  • ग्रामीण क्षेत्रों में तय समय से काफी कम बिजली आपूर्ति
  • विभाग ने बढ़ती मांग को संकट का मुख्य कारण बताया

FAQ Section:

Q1. उत्तर प्रदेश में बिजली संकट क्यों बढ़ रहा है?

भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के कारण बिजली वितरण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।

Q2. किन जिलों में सबसे ज्यादा बिजली कटौती हो रही है?

बहरेच, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी समेत कई जिलों में भारी कटौती की शिकायतें हैं।

Q3. बिजली विभाग क्या कदम उठा रहा है?

विभाग मरम्मत कार्य, ट्रांसफॉर्मर बदलने और अतिरिक्त लोड प्रबंधन पर काम कर रहा है।

Q4. ग्रामीण इलाकों में स्थिति कैसी है?

कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को केवल 3 से 10 घंटे तक ही बिजली मिल रही है।


Conclusion:

उत्तर प्रदेश में जारी भीषण गर्मी ने बिजली व्यवस्था की चुनौतियों को सामने ला दिया है। बढ़ती मांग और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना के बीच बिजली व्यवस्था को मजबूत करना सरकार और विभाग दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।Screenshot_1610

Edited By: Karan Singh

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