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UP Census 2027: काशी विश्वनाथ से ताजमहल तक, यूपी में 1.35 करोड़ भवनों की हुई नंबरिंग
जनगणना 2027 के तहत उत्तर प्रदेश में शुरू हुआ हाउस लिस्टिंग अभियान, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को भी मिला विशेष पहचान नंबर
उत्तर प्रदेश में Census 2027 के तहत हाउस लिस्टिंग और हाउस एन्यूमरेशन अभियान की शुरुआत हो गई है। पहले दिन 1.35 करोड़ से अधिक भवनों की नंबरिंग की गई, जिसमें काशी विश्वनाथ मंदिर, ताजमहल और झांसी किला जैसे प्रतिष्ठित स्थल भी शामिल हैं।
यूपी में Census 2027 के लिए हाउस लिस्टिंग अभियान शुरू
उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के तहत हाउस लिस्टिंग और हाउस एन्यूमरेशन अभियान शुक्रवार से शुरू हो गया। इस बड़े सर्वे अभियान के पहले दिन राज्यभर में लगभग 1.35 करोड़ भवनों और मकानों की नंबरिंग की गई।
इस प्रक्रिया के दौरान धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाली इमारतों को भी शामिल किया गया। इनमें काशी विश्वनाथ मंदिर, गोरखनाथ मंदिर, बांके बिहारी मंदिर, ताजमहल, झांसी किला और मुख्यमंत्री आवास जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं।
3.89 लाख हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स में चल रहा सर्वे
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान प्रदेश के 3,89,312 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स (HLBs) में चलाया जा रहा है। पहले दिन कर्मचारियों ने घरों और इमारतों की नंबरिंग के साथ-साथ क्षेत्रीय नक्शे भी तैयार किए।अधिकारियों ने बताया कि हर प्रकार की इमारत — चाहे वह आवासीय हो, गैर-आवासीय हो, कच्चा मकान हो या पक्का — सभी को जनगणना प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को भी मिला यूनिक नंबर
Census 2027 से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि यह सामान्य जनगणना प्रक्रिया का हिस्सा है। हर भवन के मुख्य गेट, दीवार या प्रवेश द्वार पर विशेष नंबर मार्कर पेन से लिखा जा रहा है।
इस दौरान ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों को भी दस्तावेज़ीकरण प्रक्रिया में शामिल किया गया, ताकि राज्य की सांस्कृतिक पहचान और विरासत का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।
मोबाइल ऐप के जरिए भी जुटाया जा रहा डेटा
उत्तर प्रदेश की जनगणना संचालन निदेशक शीतल वर्मा ने बताया कि पहले दिन शाम 4:30 बजे तक 1,35,02,160 भवनों की नंबरिंग पूरी कर ली गई थी।
उन्होंने कहा कि:
- 56 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स में कार्य पूर्ण हो चुका है
- 14,546 HLBs में मोबाइल ऐप आधारित डेटा कलेक्शन शुरू कर दिया गया है
यह डिजिटल प्रक्रिया जनगणना को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने में मदद करेगी।
सांस्कृतिक विरासत संरक्षण की दिशा में अहम कदम
शीतल वर्मा ने इस अभियान को “मजबूत शुरुआत” बताते हुए कहा कि यह Census 2027 को समय पर पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की लिस्टिंग केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित करने का भी महत्वपूर्ण प्रयास है।
Key Highlights:
- यूपी में Census 2027 के तहत हाउस लिस्टिंग शुरू
- पहले दिन 1.35 करोड़ भवनों की नंबरिंग
- काशी विश्वनाथ मंदिर, ताजमहल और झांसी किला भी शामिल
- 3.89 लाख HLBs में चल रहा सर्वे अभियान
- मोबाइल ऐप आधारित डेटा कलेक्शन की शुरुआत
FAQ Section:
Q1. Census 2027 के तहत क्या प्रक्रिया चल रही है?
हाउस लिस्टिंग और हाउस एन्यूमरेशन प्रक्रिया के तहत हर भवन और मकान की नंबरिंग की जा रही है।
Q2. किन प्रमुख स्थलों को शामिल किया गया?
काशी विश्वनाथ मंदिर, ताजमहल, गोरखनाथ मंदिर, बांके बिहारी मंदिर और झांसी किला जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं।
Q3. क्या डिजिटल माध्यम से भी डेटा जुटाया जा रहा है?
हाँ, कई हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स में मोबाइल ऐप आधारित डेटा कलेक्शन शुरू हो चुका है।
Q4. इस अभियान का उद्देश्य क्या है?
जनगणना 2027 की तैयारी के साथ-साथ सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों का दस्तावेज़ीकरण करना।
Conclusion:
उत्तर प्रदेश में शुरू हुआ Census 2027 का हाउस लिस्टिंग अभियान प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में भी अहम पहल माना जा रहा है। आधुनिक डिजिटल तकनीक और व्यापक सर्वे प्रक्रिया के जरिए राज्य की जनसंख्या, आवास और विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण डेटा तैयार किया जा रहा है।

