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सरकारी स्कूल में किताबों की कमी के बीच पूर्व छात्रों ने बढ़ाया मदद का हाथ, 72 हजार रुपये की पुस्तकें भेंट
लाडोवाली रोड स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस के एलुमनी एसोसिएशन ने मेडिकल स्ट्रीम के छात्रों को दी शैक्षणिक सहायता
जालंधर के स्कूल ऑफ एमिनेंस, अजीत सैनी मार्ग में किताबों की कमी से जूझ रहे विद्यार्थियों के लिए एलुमनी एसोसिएशन ने 72 हजार रुपये की मेडिकल स्ट्रीम की पुस्तकें दान कीं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई में आ रही बाधाओं को दूर करना है।
सरकारी स्कूलों में किताबों की कमी के बीच एलुमनी की पहल
सरकारी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के एक महीने बाद भी विद्यार्थियों को पूरी किताबें नहीं मिल पाने की समस्या लगातार बनी हुई है। इसी बीच जालंधर के लाडोवाली रोड स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस, अजीत सैनी मार्ग के एलुमनी एसोसिएशन ने छात्रों की मदद के लिए सराहनीय कदम उठाया है।
एसोसिएशन ने स्कूल को मेडिकल स्ट्रीम की करीब 72 हजार रुपये मूल्य की किताबें दान कीं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों को मिली किताबें
विज्ञान और मेडिकल विषयों की पुस्तकें वितरित
एलुमनी एसोसिएशन द्वारा:- फिजिक्स
- केमिस्ट्री
- साइंस
- मैथेमेटिक्स
विषयों की किताबें कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए उपलब्ध कराई गईं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई को सुचारु बनाए रखना है।
प्रिंसिपल को औपचारिक रूप से सौंपी गईं पुस्तकें
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
पुस्तकों का औपचारिक वितरण स्कूल के प्रिंसिपल योगेश कुमार को किया गया। इस अवसर पर:
- सेवानिवृत्त IAS अधिकारी वनीत चौधरी
- डॉ. वासुदेव
- डॉ. एसपीएस ग्रोवर
- सुरिंदर सैनी
- सतीश पुश्री
- विक्रम चोपड़ा
- कुलदीप सिंह
- चंदर शेखर
- शिक्षिका राधिका
भी उपस्थित रहे।
छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा था असर
पुरानी और उधार की किताबों से चल रही थी पढ़ाई
जिले के कई सरकारी स्कूलों में विभिन्न विषयों की किताबों की कमी के कारण:
- छात्र पुरानी किताबों पर निर्भर थे
- कई विद्यार्थी उधार की पुस्तकों से पढ़ाई कर रहे थे
- सेल्फ स्टडी और नोट्स तैयार करने में दिक्कत हो रही थी
विशेष रूप से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
एलुमनी एसोसिएशन ने बताई पहल की वजह
“पढ़ाई की निरंतरता जरूरी”
एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि:
- छात्रों को समय पर अध्ययन सामग्री मिलना बेहद जरूरी है
- किताबों की कमी से पढ़ाई की निरंतरता प्रभावित होती है
- यह प्रयास विद्यार्थियों को तत्काल शैक्षणिक सहायता देने के लिए किया गया है
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सामुदायिक सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।
Key Highlights:
- जालंधर के स्कूल ऑफ एमिनेंस में एलुमनी एसोसिएशन की पहल
- 72 हजार रुपये की मेडिकल स्ट्रीम की किताबें दान
- कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों को मिला लाभ
- सरकारी स्कूलों में किताबों की कमी बनी चिंता
- बोर्ड कक्षाओं के छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर
- कई गणमान्य लोगों की मौजूदगी में पुस्तक वितरण
FAQ Section:
Q1: किताबें किस स्कूल को दान की गईं?
जालंधर के स्कूल ऑफ एमिनेंस, अजीत सैनी मार्ग, लाडोवाली रोड को किताबें दान की गईं।
Q2: कितनी राशि की पुस्तकें दी गईं?
करीब 72 हजार रुपये मूल्य की पुस्तकें उपलब्ध कराई गईं।
Q3: किन विषयों की किताबें वितरित की गईं?
फिजिक्स, केमिस्ट्री, साइंस और मैथ्स विषयों की किताबें दी गईं।
Q4: यह पहल क्यों की गई?
सरकारी स्कूलों में किताबों की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
Conclusion:
सरकारी स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों की कमी के बीच एलुमनी एसोसिएशन की यह पहल विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। यह कदम न केवल छात्रों की पढ़ाई को सहारा देगा, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति सहयोग और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करेगा।

