- Hindi News
- राज्य
- हरियाणा
- राज्यसभा चुनाव के बाद हरियाणा की राजनीति में हलचल, कांग्रेस विधायक ने क्रॉस-वोटिंग स्वीकार की
राज्यसभा चुनाव के बाद हरियाणा की राजनीति में हलचल, कांग्रेस विधायक ने क्रॉस-वोटिंग स्वीकार की
मेवात क्षेत्र में बदलते राजनीतिक समीकरण, बीजेपी नेताओं के साथ मंच साझा करने से बढ़ी अटकलें
हरियाणा के हथीन से कांग्रेस विधायक मोहम्मद इसराइल चौधरी ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग करने की बात स्वीकार की है। बीजेपी नेताओं के साथ उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक बदलाव की अटकलों को तेज कर दिया है।
हरियाणा में हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों के राजनीतिक असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगे हैं। हथीन से विधायक मोहम्मद इसराइल चौधरी ने सार्वजनिक रूप से क्रॉस-वोटिंग करने की बात स्वीकार की है और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मंच साझा किया है। इससे मेवात क्षेत्र में बदलते राजनीतिक समीकरणों के संकेत मिल रहे हैं।
राम नवमी और ईद मिलन समारोह के दौरान इसराइल ने पुष्टि की कि उन्होंने “अपने अंत:करण और अपने क्षेत्र के हित में” वोट दिया था। इससे पहले से चल रही क्रॉस-वोटिंग की अटकलों को बल मिला है।
स्थिति तब और चर्चा में आ गई जब इसराइल बीजेपी नेताओं—कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह—के साथ मंच पर नजर आए। कांग्रेस विधायक होते हुए भी बीजेपी नेताओं के साथ उनकी मौजूदगी ने संभावित राजनीतिक बदलाव की चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
इसके अलावा, इसराइल हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भी मुलाकात कर चुके हैं, जिससे इन अटकलों को और बल मिला है।
सभा को संबोधित करते हुए इसराइल ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नंदल का समर्थन किया था। अपने फैसले का बचाव करते हुए उन्होंने कहा, “यह मेरा अधिकार था और मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज के अनुसार वोट दिया।”
उन्होंने अपनी ही पार्टी के भीतर उठ रही आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आरोप लगाने से पहले आलोचकों को आत्ममंथन करना चाहिए।
राव नरबीर सिंह ने इस फैसले का समर्थन करते हुए इसे “विकास के हित में लिया गया साहसिक कदम” बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में मजबूत सरकार होने से ऐसे फैसलों से राजनीतिक स्थिरता प्रभावित नहीं होगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को गति मिल सकती है।
इन घटनाओं का राजनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि नूंह जिला, जो पारंपरिक रूप से कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, वहां भी समान हलचल देखने को मिल रही है।
पुन्हाना के विधायक मोहम्मद इलियास पर भी क्रॉस-वोटिंग के आरोप लगे हैं, जिससे पार्टी के भीतर चल रही उठापटक और तेज हो गई है।
