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जल प्रदूषण पर सख्ती: जिला प्रशासन ने नालों में गंदा पानी छोड़ने के खिलाफ विशेष औचक जांच अभियान शुरू किया
ड्रेन नंबर-6 और मंगेशपुर ड्रेन में प्रदूषण रोकने के लिए 60 औद्योगिक इकाइयों की एक दिन में जांच
जिला प्रशासन ने Drain Number 6 और Mungeshpur Drain में जल प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए विशेष औचक निरीक्षण अभियान शुरू किया। उपायुक्त Sushil Kumar Sarwan के निर्देशन में गठित आठ टीमों ने एक ही दिन में 60 औद्योगिक इकाइयों की जांच की।
बुधवार को जिला प्रशासन ने ड्रेन नंबर-6 और मंगेशपुर ड्रेन में हो रहे जल प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से एक विशेष औचक निरीक्षण अभियान शुरू किया। ये दोनों नाले जिले से होकर बहते हैं और अंततः Yamuna River में Najafgarh Drain के माध्यम से मिलते हैं।
उपायुक्त सुशील कुमार सरवान की निगरानी में गठित आठ टीमों ने एक ही दिन में 60 औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया। यह कार्रवाई स्पेशल एनवायरनमेंट सर्विलांस टास्क फोर्स (SESTF) की विस्तृत रिपोर्टों के आधार पर की गई, जिसका नेतृत्व एडीसी Lakshit Sareen कर रहे हैं।
Haryana State Pollution Control Board (HSPCB) के सदस्य सचिव द्वारा पांच अधिकारियों को इस औचक जांच में सहायता के लिए तैनात किया गया।
टीमों को संदेह था कि कुछ औद्योगिक इकाइयां बिना उपचारित अपशिष्ट जल नालों में छोड़ रही हैं। इसके मद्देनज़र उद्योगों में लगे एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के इनलेट और आउटलेट बिंदुओं से पानी के नमूने एकत्र किए गए।
प्रभावी निगरानी के लिए जिले को आठ जोन में विभाजित किया गया। निरीक्षण नाथूपुर, अकबरपुर बरोता, राठधना, बहालगढ़ रोड, प्याऊ मनियारी, कुंडली, मुरथल, लिबासपुर, राम नगर, धतूरी, सनपेड़ा, भिगान, कामी रोड, लाडसोली और खरखौदा सहित कई औद्योगिक क्षेत्रों में किया गया।
एडीसी लक्षित सरीन और Ajay Singh, क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ), HSPCB ने भी कई औद्योगिक इकाइयों का दौरा कर जमीनी स्तर पर नियमों के अनुपालन का आकलन किया।
उपायुक्त सुशील सरवान ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन औद्योगिक इकाइयों की जांच करना था, जो कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) से जुड़ी नहीं हैं और बाहरी क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि सभी आठ टीमों द्वारा कुल 60 निरीक्षण किए गए हैं और ETP तथा STP के इनलेट-आउटलेट से लिए गए पानी के नमूनों को जांच के लिए Faridabad स्थित HSPCB प्रयोगशाला भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
