अमेरिका के साथ व्यापार समझौता किसान विरोधी: भूपेंद्र सिंह हुड्डा

कपास किसानों पर असर, कानून-व्यवस्था, पेंशन और बीमा योजनाओं को लेकर सरकार पर तीखा हमला

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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष Bhupinder Singh Hooda ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को “किसान विरोधी” बताते हुए कहा कि इससे स्थानीय किसानों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने खाद की कीमतों, एमएसपी, फसल बीमा योजना, पेंशन कटौती और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर भी राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बुधवार को अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को “किसान विरोधी” करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी पशु आहार के आयात से स्थानीय किसानों को नुकसान पहुंचेगा।

फतेहाबाद के विधायक Balwan Singh Daulatpuria द्वारा आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए हुड्डा ने दावा किया कि अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जबकि बांग्लादेश को ड्यूटी-फ्री पहुंच दी गई है। उन्होंने कहा कि इस समझौते का सबसे ज्यादा असर कपास उत्पादकों और अन्य किसानों पर पड़ेगा।

हुड्डा ने उर्वरकों की कीमतों को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद की बोरियों का वजन 50 किलो से घटाकर 40 किलो कर दिया गया है, लेकिन कीमतों में कोई कमी नहीं की गई। उन्होंने 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) देने के सरकारी दावे को “झूठा” बताते हुए कहा कि हरियाणा में इतनी फसलें उगाई ही नहीं जातीं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का जिक्र करते हुए हुड्डा ने आरोप लगाया कि बीमा कंपनियों ने 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा कमाया है, जबकि अधिकांश किसानों के दावे अब तक लंबित हैं। इसी वजह से बड़ी संख्या में किसानों ने इस योजना से बाहर निकलना शुरू कर दिया है।

सामाजिक कल्याण योजनाओं पर सरकार को घेरते हुए हुड्डा ने आरोप लगाया कि चुनावों के बाद वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन में कटौती की गई और लगभग 14 लाख राशन कार्ड रद्द कर दिए गए, जिसे उन्होंने “वोट चोरी” करार दिया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शासन की विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस विधायकों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने गुहला चीका विधायक के खिलाफ दर्ज एफआईआर का हवाला देते हुए कहा कि यह प्रशासनिक लापरवाहियों को उजागर करने की सजा है।

कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर हुड्डा ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में नशाखोरी, संगठित अपराध और उगाही के मामले बढ़ रहे हैं।
“आज केवल वही लोग सुरक्षित हैं, जिन्हें कोई मारना नहीं चाहता,” यह टिप्पणी करते हुए उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में 50 से 60 गिरोह सक्रिय हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा सत्र में कानून-व्यवस्था पर विशेष प्रस्ताव लाएगी।

रोहतक में आईजी कार्यालय के पास हाल ही में हुई हत्या और व्यापारियों व डॉक्टरों को मिल रही उगाही की धमकियों का हवाला देते हुए हुड्डा ने कहा कि डर के माहौल के कारण उद्योग हरियाणा छोड़ रहे हैं और निवेश लगातार गिर रहा है।Screenshot_1185

Edited By: Karan Singh

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