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यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए करनाल में बनेंगे 7 नए STP, 4 नालों के गंदे पानी को किया जाएगा साफ
हरियाणा में सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट के सीधे यमुना में जाने पर लगेगी रोक, करनाल में पांच मिनी STP समेत सात नए प्लांट बनाने की तैयारी।
हरियाणा के करनाल जिले में यमुना नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए सात नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाए जाएंगे। इनमें पांच मिनी प्लांट शामिल हैं। इनकी मदद से चार प्रमुख नालों और नालियों के गंदे पानी को साफ करने की योजना है, ताकि बिना उपचारित सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट को यमुना में जाने से रोका जा सके।
करनाल: यमुना नदी में बिना उपचारित सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट के प्रवाह को रोकने के लिए हरियाणा के करनाल जिले में सात नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किए जाएंगे। इनमें पांच मिनी STP भी शामिल हैं। इन संयंत्रों के माध्यम से जिले के चार प्रमुख नालों और नालियों में बहने वाले गंदे पानी को साफ करने की योजना बनाई गई है, ताकि प्रदूषित पानी सीधे यमुना नदी में न पहुंचे।
इस परियोजना के तहत हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, करनाल नगर निगम (KMC), जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) और अन्य संबंधित विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट का उचित उपचार सुनिश्चित करना है।
करनाल में बनेंगे 7 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
यमुना नदी में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए करनाल जिले में सात नए STP स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इनमें दो बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और पांच मिनी STP शामिल हैं।इन संयंत्रों का मुख्य उद्देश्य उन नालों और नालियों के पानी का उपचार करना है, जिनका प्रवाह आगे चलकर यमुना नदी में होता है। इसके लिए संबंधित विभागों ने अलग-अलग स्थानों पर परियोजनाओं पर काम शुरू किया है।
करनाल में पहले से मौजूद हैं 14 STP
करनाल जिले में वर्तमान में 14 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता लगभग 130 MLD (मिलियन लीटर प्रतिदिन) है। इसके अतिरिक्त कई नए संयंत्रों का निर्माण और प्रस्तावित परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
अतिरिक्त उपायुक्त राहुल रायया के अनुसार, बरसत में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से 2 MLD क्षमता वाले STP का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसे साल के अंत तक चालू करने की उम्मीद है।
निगधू में STP का काम पूरा, करणा कैनाल में निर्माण जारी
निगधू में 1.5 MLD क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, करणा कैनाल में 0.8 MLD क्षमता वाले नए STP का निर्माण कार्य जारी है। करणा कैनाल को पहले मुगल कैनाल के नाम से जाना जाता था।
इन परियोजनाओं से जिले में सीवेज के उपचार की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सेक्टर-4 और शिव कॉलोनी में बनेंगे दो बड़े STP
करनाल नगर निगम भी सीवेज के बेहतर प्रबंधन के लिए दो नए बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करेगा।
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सेक्टर-4: मौजूदा 50 MLD क्षमता वाले STP के पास 15 MLD क्षमता का नया प्लांट बनाया जाएगा।
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शिव कॉलोनी: मौजूदा 8 MLD क्षमता वाले STP के साथ 8 MLD क्षमता का एक और संयंत्र स्थापित किया जाएगा।
दोनों परियोजनाओं के टेंडर फिलहाल तकनीकी मूल्यांकन के चरण में हैं। इनके पूरा होने के बाद करनाल शहर में सीवेज उपचार की कुल क्षमता में और वृद्धि होगी।
पांच स्थानों पर बनाए जाएंगे मिनी STP
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से पांच मिनी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इनका निर्माण शेखपुर खालसा मलिकपुर, हलवाना, खोरा खेड़ी, ढोलाकुआं ब्रास और नारायणा में प्रस्तावित है।
इन मिनी STP का उद्देश्य उन छोटे नालों और नालियों के पानी का उपचार करना है, जो यमुना की ओर बहते हैं। इन संयंत्रों से स्थानीय स्तर पर गंदे पानी के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
चार प्रमुख नालों के प्रदूषण पर रहेगा विशेष ध्यान
इस पूरी परियोजना में चार नालों और नालियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिनका पानी आगे जाकर यमुना नदी में मिलता है।
संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करके इन नालों में बहने वाले सीवेज और अपशिष्ट जल को उपचारित करने की व्यवस्था की जाएगी। इससे बिना साफ किया गया पानी सीधे नदी में जाने से रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।
Key Highlights
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करनाल जिले में यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए सात नए STP बनाए जाएंगे।
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पांच मिनी STP शेखपुर खालसा मलिकपुर, हलवाना, खोरा खेड़ी, ढोलाकुआं ब्रास और नारायणा में प्रस्तावित हैं।
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जिले में पहले से 14 STP हैं, जिनकी कुल क्षमता लगभग 130 MLD है।
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बरसत में 2 MLD STP का 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
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निगधू में 1.5 MLD STP का निर्माण पूरा हो गया है।
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करणा कैनाल में 0.8 MLD STP का निर्माण जारी है।
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सेक्टर-4 में 15 MLD और शिव कॉलोनी में 8 MLD के नए STP प्रस्तावित हैं।
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चार प्रमुख नालों और नालियों के प्रदूषित पानी का उपचार किया जाएगा।
FAQ Section
1. करनाल में कितने नए STP बनाए जाएंगे?
करनाल जिले में कुल सात नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने की योजना है। इनमें पांच मिनी STP भी शामिल हैं।
2. करनाल में अभी कितने STP मौजूद हैं?
करनाल जिले में वर्तमान में 14 STP हैं, जिनकी संयुक्त उपचार क्षमता लगभग 130 MLD है।
3. बरसत में बन रहे STP की क्या स्थिति है?
बरसत में 2 MLD क्षमता वाले STP का लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसे साल के अंत तक चालू करने की उम्मीद है।
4. करनाल में नए मिनी STP कहां बनाए जाएंगे?
पांच मिनी STP शेखपुर खालसा मलिकपुर, हलवाना, खोरा खेड़ी, ढोलाकुआं ब्रास और नारायणा में स्थापित किए जाएंगे।
5. सेक्टर-4 और शिव कॉलोनी में कितनी क्षमता के STP बनेंगे?
सेक्टर-4 में 15 MLD और शिव कॉलोनी में 8 MLD क्षमता वाले नए STP बनाए जाएंगे। दोनों परियोजनाओं के टेंडर तकनीकी मूल्यांकन के चरण में हैं।
6. नए STP बनने से यमुना नदी को क्या फायदा होगा?
नए STP के माध्यम से सीवेज और अपशिष्ट जल को नदी में छोड़ने से पहले साफ करने की योजना है। इससे यमुना में बिना उपचारित गंदे पानी का प्रवाह कम करने में मदद मिल सकती है।
Conclusion
करनाल जिले में सात नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की योजना यमुना नदी में प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना है। पांच मिनी STP समेत इन संयंत्रों से जिले के विभिन्न नालों के गंदे पानी का उपचार करने की व्यवस्था की जाएगी। बरसत, निगधू और करणा कैनाल में चल रही परियोजनाओं के साथ सेक्टर-4 और शिव कॉलोनी में प्रस्तावित STP भी सीवेज उपचार क्षमता बढ़ाने में योगदान देंगे। इन परियोजनाओं का वास्तविक पर्यावरणीय लाभ इनके समय पर पूरा होने और नियमित संचालन पर निर्भर करेगा।

